NEET UG 2026 Exam: नीट परीक्षा के पेपर कैसे होते हैं सेट, कैसे तय किए जाते हैं सवाल? समझें पूरा प्रोसेस


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  • सवालों की दोबारा जांच, फिर सुरक्षा में छपते हैं पेपर.

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर इन दिनों चर्चा तेज है. पेपर लीक की खबरों और जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द कर दी है. अब यह परीक्षा नए सिरे से कराई जाएगी. लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के मन में एक ही सवाल है आखिर नीट का पेपर बनता कैसे है? सवाल कौन तय करता है?

NTA ने साफ कर दिया है कि छात्रों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है. मई 2026 के लिए भरा गया पुराना फॉर्म और चुना गया परीक्षा केंद्र ही मान्य रहेगा. इस नई परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी. इतना ही नहीं, पहले जमा की गई फीस छात्रों को वापस (रिफंड) कर दी जाएगी. इस बार परीक्षा कराने का पूरा खर्च NTA खुद उठाएगा.

नीट का पेपर बनता कैसे है?

नीट परीक्षा का पेपर तैयार करना एक बहुत ही गोपनीय और कई चरणों वाला काम होता है. इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से चुने गए विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर और अनुभवी शिक्षक शामिल होते हैं. यह पूरी टीम गुप्त रखी जाती है ताकि किसी तरह की जानकारी बाहर न जाए.

NCERT सिलेबस पर पूरा फोकस

नीट में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाते हैं. ये सवाल मुख्य रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT सिलेबस से लिए जाते हैं. यानी जो छात्र NCERT को अच्छी तरह पढ़ता है, उसके लिए पेपर समझना आसान होता है.

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प्रश्न बैंक कैसे बनता है?

रिपोर्ट्स के अनुसार सबसे पहले विषय विशेषज्ञ अलग-अलग स्तर के हजारों सवाल तैयार करते हैं. इन सवालों को तीन भागों में बांटा जाता है. इन सभी सवालों को मिलाकर एक बड़ा “क्वेश्चन बैंक” तैयार होता है. यह बैंक इतना बड़ा होता है कि हर साल उसमें से अलग-अलग सवाल चुने जा सकें.

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सवालों की दोबारा जांच

सवाल तैयार होने के बाद एक दूसरी टीम उनकी जांच करती है. यह टीम देखती है कि सवाल में कोई गलती तो नहीं है. भाषा साफ और स्पष्ट है या नहीं साथ ही जवाब पूरी तरह सही है या नहीं. इसके अलावा सिलेबस से बाहर तो नहीं है.  इस प्रक्रिया के बाद ही फाइनल लिस्ट में सवाल शामिल किए जाते हैं.

अलग-अलग सेट क्यों बनते हैं?

नीट में अलग-अलग सेट होते हैं जैसे Q, R, S, T या Code 11, 12, 13, 14. असल में इन सभी सेटों में सवाल एक जैसे होते हैं, सिर्फ उनका क्रम बदल दिया जाता है. यानी सभी छात्रों को 180 वही सवाल मिलते हैं.

पेपर प्रिंटिंग और सुरक्षा

जब सवाल तय हो जाते हैं, तब पेपर को बहुत सख्त सुरक्षा के बीच प्रिंट किया जाता है. प्रिंटिंग प्रेस, पैकिंग, और परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में निगरानी रहती है. हर कदम पर सीलबंद पैकेट और ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है.

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