Delhi University Hindu College Admission Controversy


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3 मिनट पहले

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DU के हिंदू कॉलेज में एडमिशन में धांधली को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसके विरोध में खुद दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षक और हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) सड़क पर उतर आए हैं और एडमिशन में धांधली की बात कर रहे हैं।

दरअसल शिक्षकों और HCSA का आरोप है कि एडमिशन कमेटी और डिपार्टमेंट हेडस के कड़े विरोध के बाद भी 20% की तय लिमिट से ज्यादा एडमिशन कर दिए गए हैं।

शिक्षक- DU कुलपति कॉलेज कमान अपने हाथ में लें

DU के ही शिक्षकों और HCSA ने मिलकर DU कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एडमिशन में हुई धांधली की जांच की मांग की गई है। साथ ही इस ज्ञापन में कुलपति से दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की रिक्वेस्ट भी है।

एडमिशन में धांधली, लिमिट से ज्यादा एडमिशन का आरोप

हिंदू कॉलेज में विवाद एडमिशन में धांधली के चलते हो हो रहा है। दरअसल ये पूरा मामला एक्सस्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी और स्पोर्ट्स कोटे से हुए एडमिशन को लेकर है। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) के मुताबिक ‘एडमिशन के लिए स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा कैरिकुलम एक्टिविटीज (ECA) कोटे के तहत निर्धारित सीमा से ज्यादा सीटें अलॉट की गई हैं।

हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) ने आरोप लगाया था कि BCom (ऑनर्स) और BA (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस में स्पोर्ट्स और ECA (एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटीज) कोटे के तहत एडमिशन, किसी एक अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए तय 20% की लिमिट से ज्यादा किए गए हैं।

हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) ने 14 सितंबर को धरना शुरू किया था।

हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) ने 14 सितंबर को धरना शुरू किया था।

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10 सीटों पर 17 एडमिशन अलॉट करने का आरोप

असल में हिंदू कॉलेज में ECA और स्पोर्ट्स कोटे के तहत कुल 48 सुपरन्यूमेरेरी सीटें हैं। जिनमें 33 स्पोर्ट्स की और 15 ECA कैटेगरी की। जिनका 20% यानी 9.6 एडमिशन दिए जा सकेंगे। इस नियम के मुताबिक एक सिलेबस में अधिकतम 10 सीटें तय हैं, लेकिन इसके उलट ECA और स्पोर्ट्स कोटे से कॉमर्स में 17 और पॉलिटिकल साइंस में 15 सीटें अलॉट की गई। इसी आधार पर HCSA ने आपत्ति उठाई है।

हिंदू कॉलेज- एडमिशन एल्गोरिदम में गलती हुई

हिंदू कॉलेज ने एडमिशन के इस पूरे मामले पर कहा कि ये उसके अधिकार से बाहर है। साथ ही DU एडमिशन डिपार्टमेंट इसके लिए एडमिशन एल्गोरिदम में हुई गलती को जिम्मेदार बता रहा है। वहीं यूनिवर्सिटी ने ज्यादा एडमिशन को अपने एडमिशन एल्गोरिदम में हुई एक गलती बताया।

बता दें कि ECA एडमिशन में डिबेट, म्यूजिक, डांस, थिएटर और फाइन आर्ट्स जैसी एक्टिविटीज में मिली मान्यता प्राप्त उपलब्धियों को शामिल किया जाता है।

एडमिशन विवाद के चलते कुलपति के ऑफिस तक मार्च करते स्टूडेंट्स।

एडमिशन विवाद के चलते कुलपति के ऑफिस तक मार्च करते स्टूडेंट्स।

DU प्रिंसिपल की सफाई- एडमिशन सेल करती है सीट अलॉट

DU हिन्दू कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस एडमिशन प्रोसेस पर सफाई दी है। DU में एडमिशन प्रोसेस सेंट्रालाइज्ड होता है, जिसके तहत UG और PG सिलेबस में एडमिशन के लिए DU एडमिशन सेल एप्लीकेशन इनवाइट भेजता है।

स्टूडेंट्स की पसंद के आधार पर कॉलेज और सब्जेक्ट अलॉटमेंट का फैसला यूनिवर्सिटी करती है। एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद CUET स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स को कॉलेज अलॉट किए जाते हैं। वहीं ECA और स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन के लिए भी CUET स्कोर जरूरी होता है।

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DU ने ये भी कहा कि मेरिट वॉयलेशन नहीं हुआ, क्योंकि जिन स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला है, स्पोर्ट्स/ECA के मेरिट स्कोर के आधार पर एलिजिबल थे। दूसरी ओर HCSA ने प्रिंसिपल के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पास किया और पूरे मामले की जांच की मांग की है। गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन TC A रंगाचारी और प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव को हटाने की भी मांग की है।

जिन स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल वो कैंसिल होंगे

इन सीटों को भरने के लिए 3 दिन के लिए दोबारा एडमिशन सेल खोला जाना चाहिए और स्टूडेंट्स को मौका मिलना चाहिए।

बता दें कि यूनिवर्सिटी एडमिशन रूल के मुताबिक कैटेगरी वायज अनरिजर्व कैटेगरी में 50.5% ओबीसी में 27%, अनुसूचित जाति (SC) 15%, अनुसूचित जनजाति (ST) की 7.5%, EWS के लिए 10% और दिव्यांग (PwD) के लिए 5% सीट भरना जरूरी होता होता है।

स्टूडेंट्स और टीचर्स को धमकाने का भी आरोप

एसोसिएशन ने छात्र और शिक्षक प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है। आरोप है कि अनियमित बैठकों और समानांतर समितियों के माध्यम से इसे दरकिनार कर दिया गया था। इसने स्टडी लीव, ​​चाइल्ड केयर लीव, ​​सबैटिकल लीव और प्रमोशन में देरी, और तय कार्यकाल से अधिक समय तक पद पर बने रहने वालों को लेकर भी चिंता जताई है।

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