JEE, NEET और CUET कराने वाली NTA के बारे में कितना जानते हैं आप?


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  • NTA 2017 में स्थापित, प्रमुख परीक्षाएँ आयोजित करने वाली संस्था है.
  • यह JEE, NEET, CUET जैसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाएँ कराती है.
  • परीक्षा केंद्र चयन, सुरक्षा और परिणाम जारी करना मुख्य कार्य है.
  • हाल ही में NTA, NEET-UGC NET विवादों से घिरी.

भारत में हर साल करोड़ों छात्र डॉक्टर, इंजीनियर या देश के बड़े विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने का सपना देखते हैं. इन सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता JEE, NEET और CUET जैसी परीक्षाओं से होकर गुजरता है. इन सभी बड़ी परीक्षाओं को आयोजित करने की जिम्मेदारी एक संस्था के पास है, जिसका नाम है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)।पिछले कुछ वर्षों में NTA कई कारणों से चर्चा में रही है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर यह संस्था क्या है और देश की शिक्षा व्यवस्था में इसकी क्या भूमिका है.

NTA क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की स्थापना साल 2017 में केंद्र सरकार ने की थी. इसका मकसद देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को एक पेशेवर और पारदर्शी व्यवस्था के तहत आयोजित करना था. पहले अलग-अलग संस्थाएं अलग-अलग परीक्षाएं कराती थीं. इससे परीक्षा प्रणाली में एकरूपता की कमी दिखाई देती थी.इसी वजह से एक ऐसी एजेंसी बनाने का फैसला लिया गया जो सिर्फ परीक्षाओं के आयोजन पर ध्यान दे सके.

कौन-कौन सी परीक्षाएं कराती है NTA?

आज NTA देश की कई महत्वपूर्ण प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का आयोजन करती है.इनमें सबसे प्रमुख हैं:

  • JEE Main
  • NEET UG
  • CUET UG
  • CUET PG
  • UGC NET
  • CMAT
  • GPAT
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सिर्फ परीक्षा नहीं कई और जिम्मेदारियां भी हैं

अक्सर लोग समझते हैं कि NTA का काम केवल परीक्षा कराना है, लेकिन इसकी जिम्मेदारियां इससे कहीं ज्यादा बड़ी हैं. परीक्षा केंद्रों का चयन करना, तकनीकी व्यवस्था संभालना, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करना और परिणाम जारी करना भी इसी संस्था की जिम्मेदारी है. इसके अलावा NTA परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों पर भी लगातार काम करती है.

NTA का नेतृत्व कौन करता है?

फिलहाल NTA के चेयरपर्सन प्रदीप कुमार जोशी हैं.वे संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और शिक्षा तथा परीक्षा प्रशासन के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं. वहीं NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह हैं, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS अधिकारी हैं. एजेंसी के रोजमर्रा के कामकाज और प्रशासनिक फैसलों की जिम्मेदारी उनके पास होती है.

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अकादमिक और प्रशासन का अनोखा मेल

NTA की एक खास बात यह है कि इसमें शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी दोनों मिलकर काम करते हैं. संस्था की गवर्निंग बॉडी में शिक्षाविद शामिल होते हैं, जबकि प्रशासनिक व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में रहती है.यही वजह है कि NTA को शिक्षा और प्रशासन के संतुलित मॉडल के रूप में देखा जाता है.

विवादों से भी रहा है नाता

साल 2024 में NEET और UGC NET को लेकर हुए विवादों के बाद NTA राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई थी. परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे थे.इसके बाद परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए.हालांकि इन चुनौतियों के बावजूद NTA आज भी देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा एजेंसियों में शामिल है.

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