Indian President Salary: देश के पहले राष्ट्रपति को कितनी सैलरी मिलती थी, तब से अब के वेतन में कितना अंतर?


Indian President Salary: देश को आजाद हुए 75 साल हो गए हैं. इस बीच देश ने कभी आर्थिक तंगी, कभी दंगे, कभी भुखमरी तो कभी महामारी जैसी कई चुनौतियों का सामना किया. इसके बाद भी देश आगे बढ़ता रहा और सबसे बड़े लोकतंत्र और प्रमुख विकासशील देश के रूप में उभरा. आज हमारा देश जिस भी मुकाम पर पहुंचा है उसका सीधा श्रेय यहां के नेतृत्व को जाता है. ऐसे में क्‍या आप जानते हैं कि इस नेतृत्व में शामिल भारत के पहले राष्ट्रपति कि सैलरी कितनी थी और आज के  समय में राष्ट्रपति कि सैलरी में कितना फर्क है. 

भारत का राष्ट्रपति (President Of India) देश का मुखिया होने के साथ-साथ देश का पहला नागरिक भी होता है. भारत के राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ होते हैं, जिसका चुनाव निर्वाचक मंडल के सदस्य मिलकर करते हैं. आज के समय में राष्ट्रपति कि सैलरी कि बात करें तो भारत के राष्ट्रपति सैलरी 2016 तक 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह थी, जो आज के समय में बढ़कर 5 लाख रुपये प्रतिमाह है.  यानि इसमें 200 फीसदी का इजाफा किया गया था. खास बात यह है कि राष्ट्रपति को इस सैलरी पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता. इसके अलावा रहने के लिए शानदार राष्ट्रपति भवन, मुफ्त इलाज, सुरक्षा और कई दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं. 

देश के पहले राष्ट्रपति को मिलती थी इतनी तनख्वाह

26 जनवरी 1950 को जब देश का संविधान लागू हुआ तब डॉ राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभाला. डॉ राजेंद्र प्रसाद एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति भवन में 12 साल बिताए. उनका जन्म 3 दिसंबर 1984 को बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव में हुआ था. तब हालात आज जैसे नहीं थे. उस समय राष्ट्रपति की सैलरी आज के मुकाबले बहुत कम थी. राष्ट्रपति के कार्यकाल में जो सैलरी आज के समय में 5 लाख रुपये है वहीं पहले यह वेतन महज 10 हजार रुपये था और डॉ राजेंद्र प्रसाद इस वेतन का आधा हिस्सा यानी मात्र 5000 रुपये लेते थे. साथ ही डॉ प्रसाद, अपने कार्यकाल के अंत में केवल 2500 रूपये ही लेते थे. यही नहीं, वे अपने सारे काम खुद ही करते थे और अपने पास केवल एक पर्सनल कर्मचारी रखा था. धीरे-धीरे समय बदला, महंगाई बढ़ी और जिम्मेदारियां भी बढ़ीं, इसलिए राष्ट्रपति के वेतन में कई बार बढ़ोतरी की गई.  

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तब और अब की सैलरी में कितना फर्क आया?

अगर पुराने समय की सैलरी और आज की सैलरी की तुलना करें तो फर्क काफी बड़ा दिखाई देता है.  पहले राष्ट्रपति को सीमित सुविधाएं और कम वेतन मिलता था, लेकिन अब राष्ट्रपति को बड़ी सुरक्षा टीम, लग्जरी गाड़ियां, मुफ्त यात्रा और बड़े स्टाफ की सुविधा मिलती है. आज राष्ट्रपति भवन में करीब 340 कमरे हैं और वहां सैकड़ों लोग काम करते हैं.  यही वजह है कि अब राष्ट्रपति पद पहले से कहीं ज्यादा सुविधाओं वाला माना जाता है. 

रिटायर होने के बाद भी मिलती हैं खास सुविधाएं

भारत में राष्ट्रपति का पद सिर्फ कार्यकाल तक ही खास नहीं रहता, बल्कि रिटायरमेंट के बाद भी कई सुविधाएं मिलती हैं. जैसे राष्ट्रपति के पद से रिटायर होने के बाद पूर्व राष्ट्रपति को 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह की पेंशन मिलती है, इतना ही नहीं उनकी पत्नी को भी प्रति महीने सेक्रेटेरियल सहायता के रूप में 30 हजार रुपये की राशि दी जाती है. साथ ही रहने के लिए कम से कम 8 कमरों वाला बंगला और यात्रा की सुविधा भी दी जाती है. वहीं सुरक्षा और पांच लोगों का निजी स्टाफ की सुविधा भी जारी रहती है.  यही कारण है कि राष्ट्रपति का पद देश के सबसे सम्मानित और सुविधाओं वाले पदों में गिना जाता है. 

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