CBSE Three Language Policy: क्या अब तीन भाषाओं का देना होगा बोर्ड एग्जाम, CBSE के सर्कुलर ने किया साफ


CBSE Three Language Policy: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 15 मई 2026 को एक जरूरी सर्कुलर जारी किया है, जिसमें भाषा नीति में बड़ा बदलाव किया गया है. इसके मुताबिक 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना जरूरी होगा. हालांकि, कक्षा 10 के छात्रों को इस तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं देना होगा. यह बदलाव CBSE से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों पर लागू होगा. इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों में अलग-अलग भाषाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और भारतीय भाषाओं को मजबूत करना है. 

क्या है तीन भाषाओं का नया नियम?

CBSE ने छात्रों के लिए तीन भाषाओं का फॉर्मूला पेश किया है. जिन्हें R1, R2 और R3 नाम दिया गया है. नए नियम के अनुसार छात्रों पर कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं  होनी चाहिए. छात्र अगर चाहें तो विदेशी भाषा को तीसरी भाषा (R3) के रूप में चुन सकते हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों. विदेशी भाषा को चौथे अतिरिक्त विषय के रूप में भी लिया जा सकता है. 

क्या अब तीन भाषाओं का देना होगा बोर्ड एग्जाम?

छात्रों को इस बदलाव में सबसे बड़ी राहत यह है कि तीसरी भाषा (R3) के लिए कोई बोर्ड एग्जाम नहीं होगा. R3 का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से होगा. इसके नंबर या ग्रेड CBSE की फाइनल मार्कशीट में शामिल होंगे, लेकिन किसी छात्र को बोर्ड परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जाएगा. इसका मकसद छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न डालना और पढ़ाई पर ध्यान बनाए रखना है. 

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क्यों जरूरी था यह बदलाव?

पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में तीन भाषाओं की पढ़ाई कक्षा 6 से शुरू होने और 2030-31 तक कक्षा 10 तक पहुंचने की बात कही गई थी. CBSE ने इसे अब कक्षा 9 और 10 तक तुरंत लागू कर दिया है.  इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं का संरक्षण और प्रचार है. साथ ही बहुभाषी शिक्षा (Multilingual Education) को मजबूत करना और छात्रों पर बिना जरूरत के दबाव न डालना है. 

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छात्र क्या पढ़ेंगे और कैसे?

जब तक नई R3 की किताबें उपलब्ध नहीं होंगी, कक्षा 9 के छात्रों के लिए कक्षा 6 की R3 किताबें इस्तेमाल की जाएंगी. स्कूल स्थानीय या क्षेत्रीय साहित्य, जैसे कविताएं, कहानियां और गद्य सामग्री, पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे. 19 अनुसूचित भाषाओं की किताबें 1 जुलाई 2026 से पहले स्कूलों को उपलब्ध कराई जाएंगी. CBSE ने कुछ छात्रों के लिए विशेष छूट भी दी है. जिसमें RPWD Act 2016 के तहत दूसरी या तीसरी भाषा पढ़ने से छूट और विदेश से लौटने वाले छात्र और विदेश में CBSE स्कूलों के छात्र के नियम शामिल है. 

स्कूलों को करने होंगे ये अपडेट

स्कूलों को 30 जून 2026 तक OASIS पोर्टल पर अपनी भाषाओं की जानकारी अपडेट करनी होगी. इस सूची में से स्कूल अपनी सुविधानुसार भाषा चुन सकते हैं, लेकिन दो भारतीय भाषाओं का नियम पूरा हो. विदेशी भाषा तीसरी भाषा के रूप में तभी पढ़ाई जा सकती है जब बाकी दोनों भाषाएं भारतीय हों, या इसे चौथे विषय के रूप में लिया जा सकता है. 

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