CBSE 12th Result 2026 Out: क्या OSM की वजह से कम रहा सीबीएसई 12वीं का पासिंग पर्सेंटेज, जानें क्या रही वजह?


CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं और इसके साथ ही चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है. 13 मई 2026 को जारी हुए रिजल्ट में इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा है. जो पिछले साल के 88.39% के मुकाबले थोड़ा कम है. इस गिरावट को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. 

जिनमें सबसे बड़ा मुद्दा ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम को बनाया जा रहा है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या डिजिटल तरीके से कॉपियां चेक होने की वजह से स्टूडेंट्स के नंबर कटे हैं. हालांकि बोर्ड ने इन बातों को सिर्फ अफवाह करार दिया है लेकिन आंकड़ों में आई गिरावट ने पैरेंट्स और स्टूडेंट्स के बीच एक बहस छेड़ दी है.

OSM से कम रहा 12वीं का पासिंग पर्सेंटेज?

12th क्लास के रिजल्ट जारी होने के बाद जैसे ही पासिंग परसेंटेज में गिरावट की खबर आई. तो इंटरनेट पर यह दावा किया जाने लगा कि नई OSM प्रणाली कॉपियों की चेकिंग में दिक्कत बनी है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि टीचर्स को इस तकनीक के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत हुई, जिससे रिजल्ट पर असर पड़ा. हालांकि सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. 

बोर्ड का कहना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग की वजह से कॉपियों का मूल्यांकन पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी और सटीक हुआ है. बोर्ड के मुताबिक यह तकनीक रिजल्ट में कमी का कारण नहीं बल्कि प्रोसेस को बेहतर बनाने का जरिया बनी है. जिससे ह्यूमन एरर की गुंजाइश खत्म हो गई है.

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क्यों गिरा पासिंग ग्राफ?

साल 2025 की तुलना में इस बार पास प्रतिशत में करीब 3% की कमी आई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका सीधा कनेक्शन OSM की खराबी से नहीं. बल्कि इसकी सटीकता से हो सकता है. डिजिटल मूल्यांकन के कारण टोटलिंग एरर यानी अंकों के योग में होने वाली गलतियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं. 

पहले अक्सर मैन्युअल चेकिंग में गलती से छात्रों को ज्यादा अंक मिल जाते थे. लेकिन अब सिस्टम हर सवाल के नंबर को खुद कैलकुलेट करता है. इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि 2026 के कुछ पेपर्स का लेवल पिछले सालों के मुकाबले काफी कठिन था. जिसने स्टूडेंट्स के स्कोर को थोड़ा नीचे धकेल दिया है.

एक वजह यह भी हो सकती है

एक बड़ी वजह कॉपियों की सख्त और सटीक चेकिंग को भी माना जा रहा है. OSM सिस्टम में शिक्षकों के पास हर सवाल को बारीकी से चेक करने का डिजिटल ट्रैक होता है. जिससे बिना वजह मिलने वाले ग्रेस मार्किंग में कमी आई है. 

इससे भले ही पास प्रतिशत गिरा हो. लेकिन मूल्यांकन की क्वालिटी में सुधार हुआ है. जो छात्र अपने नतीजे देखना चाहते हैं. वे आधिकारिक पोर्टल cbse.gov.in या cbseresults.nic.in पर जाकर अपना स्कोर कार्ड चेक कर सकते हैं.

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