US Top Medical Colleges: अमेरिका के इन कॉलेजों में बिना NEET मिलता है एडमिशन, मेडिकल कोर्स की जान लें फीस


US Top Medical Colleges: अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं और विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखते हैं, तो अमेरिका आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. अमेरिका में मेडिकल शिक्षा विश्व स्तर पर सबसे अच्छी मानी जाती है. हालांकि भारत की तुलना में यहां फीस ज्यादा होती है, लेकिन पढ़ाई और करियर के अवसर भी बेहद शानदार होते हैं. अमेरिका में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 155 से ज्यादा है, लेकिन इनमें से सिर्फ 53 कॉलेज विदेशी छात्रों को एडमिशन देते हैं. इन 53 कॉलेजों में कई ऐसे हैं, जो दुनिया के टॉप मेडिकल कॉलेज के रूप में जाने जाते हैं. साथ ही अमेरिका के इन कॉलेजों में बिना NEET के एडमिशन मिलता है तो आइए जानते हैं कि अमेरिका में बिना NEET के किन मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई की जा सकती है, टॉप मेडिकल कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस कितनी है.

अमेरिका में मेडिकल की पढ़ाई कैसे होती है?

भारत में आप 12वीं के बाद सीधे MBBS में एडमिशन ले सकते हैं और लगभग 5.5 साल में डॉक्टर बन सकते हैं. लेकिन अमेरिका में प्रोसेस थोड़ा अलग और लंबा है. अमेरिका में सीधे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता है. इसके पहले आपको चार साल का बैचलर्स (Undergraduate) कोर्स करना पड़ता है. इसमें बायोलॉजी, केमिस्ट्री और अन्य साइंस सब्जेक्ट्स की पढ़ाई जरूरी होती है. बैचलर्स के बाद आपको MCAT (Medical College Admission Test) देना होता है. इस परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बाद ही आपको मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलता है. अमेरिका में मेडिकल डिग्री को MD (Doctor of Medicine) कहा जाता है, जो भारत के MBBS के बराबर होती है. MD करने के बाद आप रेजीडेंसी (Postgraduate) करके अमेरिका या भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस कर सकते हैं.  अगर कोई भारतीय छात्र अमेरिका में MD करने के बाद PG या रेजीडेंसी पूरी कर लेता है, तो उसे भारत में FMGE पास किए बिना भी प्रैक्टिस की अनुमति मिल जाती है. 

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अमेरिका में बिना NEET के किन मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई की जा सकती है?

1. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) – हार्वर्ड मेडिकल स्कूल अमेरिका का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज है. इसकी स्थापना 1782 में हुई थी और यह आज भी दुनिया के टॉप मेडिकल स्कूलों में गिना जाता है. यहां एडमिशन पाना बेहद मुश्किल है, क्योंकि सिर्फ 3 प्रतिशत छात्रों को ही हर साल एडमिशन मिलता है. हार्वर्ड में पढ़कर डॉक्टर बनने वाले छात्र दुनिया के बड़े-बड़े अस्पतालों में काम कर रहे हैं. साथ ही यहां सालाना फीस लगभग 77.50 लाख रुपये है.

2. स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) – स्टैनफर्ड मेडिकल स्कूल कैलिफोर्निया राज्य में स्थित है. यह रिसर्च और छोटे क्लास साइज के लिए जाना जाता है. यहां स्टूडेंट्स को व्यक्तिगत ध्यान मिलता है और पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस भी मिलता है. स्टैनफर्ड के अस्पताल हर साल लाखों मरीजों का इलाज करते हैं, जिससे छात्रों को असली दुनिया का एक्सपीरियंस मिलता है. इस कॉलेज की सालाना फीस लगभग 66 लाख रुपये है, और यह अपने छात्रों को रिसर्च और इनोवेशन के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है.

3. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (Johns Hopkins University) – जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी अमेरिका की पहली रिसर्च यूनिवर्सिटी है और रिसर्च पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने के लिए फेमस है. इस कॉलेज में रिसर्च के लिए हर समय नए प्रोजेक्ट चलते रहते हैं. एडमिशन रेट लगभग 6.3 प्रतिशत है और हर साल सिर्फ 250 छात्रों को ही मेडिकल कोर्स में एडमिशन मिलता है. सालाना फीस लगभग 69.50 लाख रुपये है. छात्रों को यहां रिसर्च और क्लिनिकल ट्रेनिंग दोनों में अवसर मिलते हैं. 

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4. येल यूनिवर्सिटी (Yale University)- येल स्कूल ऑफ मेडिसिन अपने छोटे क्लास साइज और व्यक्तिगत शिक्षा के लिए फेमस है. यहां छात्रों को पढ़ाई के दौरान ज्यादा ध्यान और मार्गदर्शन मिलता है. एडमिशन रेट 5.5 प्रतिशत है और हर साल सिर्फ 100 छात्रों को ही एडमिशन मिलता है. यहां सालाना फीस लगभग 76 लाख रुपये (79,346 डॉलर) है. 

5. यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया (University of Pennsylvania) – पेरलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन अमेरिका का सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है, जिसकी स्थापना 1765 में हुई थी. यह स्कूल बायोमेडिकल रिसर्च और मरीजों की देखभाल पर जोर देता है. यहां ज्यादा छात्रों को एडमिशन मिलता है, जिससे यह बड़े स्तर पर मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करता है. यहां सालाना फीस लगभग 79 लाख रुपये है. यह कॉलेज अपने रिसर्च और क्लिनिकल एक्सपीरियंस के लिए छात्रों को अवसर देता है. 

बिना NEET अमेरिका में मेडिकल पढ़ाई का फायदा

अमेरिका में बिना NEET के मेडिकल की पढ़ाई करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारतीय छात्रों को NEET पास करने की जरूरत नहीं होती है,जिससे एडमिशन प्रक्रिया आसान हो जाती है. इसके अलावा अमेरिका के टॉप मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई करने का मौका मिलता है, जहां रिसर्च और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस पर जोर दिया जाता है. MD डिग्री करने के बाद छात्र पोस्ट ग्रेजुएट (PG) या रेजीडेंसी करने का ऑप्शन रखते हैं, जिससे उनकी क्लिनिकल और स्पेशलाइजेशन की क्षमताएं बढ़ती हैं. साथ ही, अमेरिका में MD करने के बाद भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए FMGE पास करने की जरूरत नहीं होती, जिससे समय और प्रयास की बचत होती है. 

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