महंगी शिक्षा पर बवाल, CTI ने PM मोदी को चिट्ठी लिख रखी ये मांग


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • निजी फीस नियमन, सरकारी कॉलेज विस्तार और MSME फंड की भी मांग।

देश में महंगी होती उच्च शिक्षा को लेकर व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्र सरकार को आगाह किया है. संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर निजी शिक्षण संस्थानों की बेकाबू फीस पर नकेल कसने, ब्याज मुक्त एजुकेशन लोन देने और सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की मांग उठाई है. CTI का स्पष्ट तौर पर कहना है कि मेडिकल, इंजीनियरिंग और एमबीए जैसे पाठ्यक्रमों का बढ़ता खर्च आम व मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ रहा है, जिससे न केवल प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है बल्कि इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. 

महंगी शिक्षा से आम और मध्यम वर्ग पर बढ़ा आर्थिक दबाव

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि, वर्तमान में मेडिकल, इंजीनियरिंग, MBA और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की फीस लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है. ऐसे में आम और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ सपना बनकर रह जा रहा है. अपने बच्चों के भविष्य के लिए कई पैरेंट्स भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेने के लिए मजबूर हैं. इस कर्ज की किश्तें चुकाने में परिवार सालों-साल खप जाते हैं, जिससे उनका पूरा बजट पटरी से उतर जाता है.

प्राइवेट कॉलेजों की फीस 10 से 20 लाख तक पहुंची फीस

संगठन द्वारा बाजार और अभिभावकों से जुटाए गए फीडबैक के आधार पर दावा किया गया है कि निजी कॉलेजों में इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की सालाना फीस 10 लाख से 20 लाख रुपये तक पहुंच गई है. सीमित आय वाले परिवारों के लिए इतना बड़ा खर्च उठाना पूरी तरह से सामर्थ्य के बाहर हो चुका है, जिससे वे उच्च शिक्षा की दौड़ में पिछड़ते जा रहे हैं.

See also  Teachers’ Day 2026: When Teachers Become Our First Krishna | Education and Career News

यह भी पढ़ें: RPSC परीक्षा में बड़ा बदलाव, AI से जांची जाएंगी कॉपियां

एजुकेशन लोन का बढ़ता बोझ घुटती प्रतिभाएं

CTI की मानें तो बढ़ती फीस के इस अनियंत्रित ढांचे की वजह से पैरेंट्स भारी ब्याज पर एजुकेशन लोन लेने के लिए मजबूर हैं, जिसकी किस्तें कई मामलों में करीब 10 साल तक चुकानी पड़ती हैं. संगठन का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते कई प्रतिभाशाली छात्र भी अपनी पसंद के प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेने से वंचित रह जाते हैं, जिससे देश की प्रतिभा प्रभावित हो रही है.

MSME सेक्टर और बाजार पर असर

महंगी शिक्षा का दुष्परिणाम केवल परिवारों की जेब तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है. समुचित और सस्ती स्किल ट्रेनिंग न मिल पाने के कारण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) सेक्टर को स्किल्ड मैनपावर नहीं मिल पा रहा है. दूसरी ओर, आम परिवारों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई में चले जाने से बाजार में खरीदारी और उपभोक्ता मांग में भी गिरावट आ रही है. 

व्यापार बनती शिक्षा विकसित भारत के लक्ष्य में बाधा

बृजेश गोयल ने चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होती है, लेकिन मौजूदा समय में यह व्यापार का रूप ले चुकी है. आम व्यक्ति या MSME से जुड़े व्यापारी के लिए अपने बच्चे को डॉक्टर या इंजीनियर बनाना बेहद मुश्किल हो गया है. उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अगर समय रहते इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो साल 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा.

See also  Govt Schools Narrow Digital Divide As Internet Access Reaches 63.1%: UDISE+ Report | Education and Career News

CTI ने सरकार के सामने रखीं चार प्रमुख मांगें

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए CTI ने पत्र के माध्यम से सरकार से तुरंत चार ठोस कदम उठाने की अपील की है:

स्वतंत्र फीस रेगुलेशन अथॉरिटी: निजी विश्वविद्यालयों और प्रोफेशनल कॉलेजों की मनमानी रोकने के लिए एक स्वतंत्र फीस रेगुलेशन अथॉरिटी बनाने की मांग की है. संगठन चाहता है कि सालाना फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय की जाए.

ब्याज मुक्त एजुकेशन लोन: 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन को ब्याज मुक्त किया जाए और इसकी अदायगी नौकरी मिलने के बाद ही शुरू की जाए.

सरकारी संस्थानों का विस्तार: देश में सरकारी मेडिकल, इंजीनियरिंग और स्किल कॉलेजों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि छात्रों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके. 

MSME स्किल फंड की स्थापना: MSME कर्मचारियों और उनके बच्चों के लिए टेक्निकल और स्किल कोर्स में केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी देने के लिए सब्सिडी आधारित फंड बनाए.

यह भी पढ़ें: DU UG Admission 2026 : DU में यूजी एडमिशन के लिए दूसरी लिस्ट जारी, आज करें ये काम

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

See also  Ahead of NEET re-test, 12 suicides in 37 days | Education News

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required