कॉपी चेक विवाद के बीच CBSE का बड़ा फैसला, री-इवैल्युएशन फीस 700 से घटाकर 100 रुपये की


CBSE Answer Sheet Rechecking Fees : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला किया है. कॉपी चेकिंग विवाद और मार्किंग को लेकर उठे सवालों के बीच, बोर्ड ने घोषणा की है कि अब छात्र मात्र 100 रुपये में अपनी आंसर शीट देख सकते हैं. इससे पहले छात्रों को अपनी आंसर शीट देखने के लिए 700 रुपये चुकाने पड़ते थे. वहीं किसी विशेष सवाल की दोबारा जांच कराने के लिए प्रति प्रश्न सिर्फ 25 रुपये फीस लगेगी. 

इस फैसले के साथ ही बोर्ड ने यह भी साफ किया कि यह कदम पारदर्शिता और छात्रों के हित में उठाया गया है. बोर्ड के अधिकारियों ने छात्रों और उनके माता-पिता की चिंताओं को समझते हुए बताया कि रिवैल्यूएशन का प्रावधान हमेशा से CBSE में रहा है और अब डिजिटल माध्यम से इसे और आसान बनाया गया है. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?

सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह और विद्यालय शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कक्षा 12 के छात्रों के उठाए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि छात्रों में OSM को लेकर चिंता और बेचैनी है. कुछ छात्रों को लग रहा है कि उन्हें ज्यादा नंबर मिलने चाहिए थे. OSM पहली बार 2014 में लागू की गई थी और इस साल फिर से इसे पेश किया गया है. यह सिस्टम  विदेशों और बड़े संस्थानों जैसे मुंबई यूनिवर्सिटी, DU, चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान आदि में भी अपनाई जाती है. संजय कुमार ने कहा कि बोर्ड डिजिटल सिस्टम के माध्यम से पूरे सिस्टम को संभालने में सक्षम है. इससे मार्किंग की प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनती है. 

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ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) और सुरक्षा में क्या होता है?

इस बार जब बारहवीं की परीक्षा आयोजित की गई, तो लगभग 98 लाख 66 हजार आसंर शीट को स्कैन किया गया और PDF रूप में सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेजा गया. तीन स्तर की सुरक्षा तय की गई, जिससे कोई गड़बड़ी न हो. हल्की स्याही या स्कैनिंग की वजह से लगभग 13 हजार कॉपियों को मैनुअल रूप से रीचेकिंग के लिए भेजा गया. डिजिटल सिस्टम के कारण टोटलिंग और नंबर जोड़ने में मानवीय गलतियां लगभग खत्म हो गईं. मार्किंग स्टेप-बाय-स्टेप रिकॉर्ड होती है, जिससे पारदर्शिता तय होती है. 

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छात्रों के लिए आंसर शीट एक्सेस कब होगा? 

CBSE ने साफ किया कि अगर किसी छात्र को अपने नंबर या मूल्यांकन पर परेशानी है, तो वह अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी देख सकता है.आंसर शीट देखने के लिए फीस 100 रुपये तय की गई है. वहीं किसी विशेष सवाल की दोबारा जांच कराने के लिए प्रति प्रश्न सिर्फ 25 रुपये फीस लगेगी. अगर जांच के दौरान नंबर बढ़ते हैं, तो एक्स्ट्रा फीस वापस की जाएगी.यह प्रक्रिया 19 मई से शुरू होगी. छात्र अपनी स्कैन कॉपी देखने, नंबर वेरिफिकेशन कराने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं. 

रिवैल्युएशन को लेकर क्या कहा गया?

संजय कुमार और राहुल सिंह ने यह भी बताया कि रिवैल्यूएशन का प्रावधान हमेशा से CBSE में रहा है, और अब डिजिटल सिस्टम के माध्यम से यह और आसान हो गया है. सभी पेपर ध्यानपूर्वक और पारदर्शी तरीके से जांचेंगे. शिक्षक और परीक्षक प्रशिक्षित हैं और प्रक्रिया में सुरक्षा का पूरा ध्यान दिया गया है. छात्रों और उनके माता-पिता की चिंता को बोर्ड गंभीरता से लेता है. 

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