UPSC ने छात्रों को दी बड़ी राहत, 3 नए एग्जाम सेंटर बने उम्मीद की नई राह, 23 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने किया चयन


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई.

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिने जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा को लेकर इस बार लाखों युवाओं में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है. कोई गांव से तैयारी कर रहा है तो कोई बड़े शहर में किराए के कमरे में दिन-रात किताबों में डूबा है. इसी बीच संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए तीन नए परीक्षा केंद्र जोड़ दिए हैं. खास बात यह है कि इन नए सेंटरों को छात्रों ने हाथों हाथ लिया और 23 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने इन्हें अपनी पसंद बनाया.

अब सिविल सेवा परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों की कुल संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है. इस बार भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ को नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है. UPSC का कहना है कि इससे पुराने केंद्रों पर बढ़ती भीड़ कम होगी और छात्रों को यात्रा में भी आसानी मिलेगी.

लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर

UPSC की ओर से जारी बयान के अनुसार, करीब 23 हजार उम्मीदवारों ने इन नए सेंटरों को चुना है. इससे आसपास के शहरों में पड़ने वाले दबाव में काफी कमी आई है. हर साल बड़ी संख्या में छात्र दूसरे शहरों में जाकर परीक्षा देते हैं, जिससे सफर, रहने और खर्च की परेशानी बढ़ जाती है. लेकिन इस कदम के बाद हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है.

See also  Dinner Served in NEET Exam Halls: Chaos in Palamu as Students Given Wrong Question Papers

UPSC चेयरमैन अजय कुमार ने कहा कि आयोग परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा आसान, सुविधाजनक और छात्र हित में बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. उनका कहना है कि नए सेंटर जोड़ने का मकसद सिर्फ भीड़ कम करना नहीं, बल्कि छात्रों को बेहतर सुविधा देना भी है.

किस सेंटर को कितने छात्रों ने चुना?

नए जोड़े गए तीनों सेंटरों को छात्रों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला. भुवनेश्वर सेंटर को सबसे ज्यादा 10,656 आवेदन मिले. इससे कटक सेंटर पर दबाव कम हुआ. कानपुर सेंटर को 6,938 छात्रों ने चुना, जिससे लखनऊ सेंटर पर भीड़ कम हुई. मेरठ सेंटर को 5,902 उम्मीदवारों ने चुना. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों को खास फायदा मिला और उन्हें अब गाजियाबाद पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

यह भी पढ़ें – UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, 32 जिलों में एक ही रोल नंबर पर मिली दो-दो कॉपियां

इस रविवार होगी प्रारंभिक परीक्षा

UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा इस रविवार को आयोजित होने जा रही है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही उम्मीदवारों को मिलती है. इस परीक्षा के जरिए IAS, IPS, IFS समेत कई बड़ी सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है. इस बार UPSC को कुल 8,19,372 आवेदन मिले हैं. यह संख्या दिखाती है कि देश के युवाओं में सिविल सेवा को लेकर कितना आकर्षण है.

दिव्यांग छात्रों के लिए भी खास व्यवस्था

UPSC ने इस बार दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है. आयोग ने कहा कि जिन छात्रों को विशेष सुविधा की जरूरत थी, उन्हें उनकी पसंद के सेंटर देने की कोशिश की गई. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सीटें भी बनाई गईं. दिल्ली क्षेत्र में ही करीब 805 PwBD (दिव्यांग) उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र मिला. इसे UPSC का बड़ा और संवेदनशील कदम माना जा रहा है.

See also  WBBSE Madhyamik 10th Result 2026: Check last five years' pass percentage

यह भी पढ़ें – यूजीसी नेट जून 2026 छात्रों को बड़ी राहत, अब 23 मई तक कर सकते हैं आवेदन

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required