NEET-UG Counseling Update | MBBS Seats Remain Vacant In Deemed Colleges


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15 मिनट पहले

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NEET UG 2026 काउंसलिंग हाल ही में पूरी हुई है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के डेटा के मुताबिक कॉलेज-वाइज स्ट्रे वैकेंसी राउंड यानी आखिरी काउंसलिंग के बाद भी तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में 800 से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं, यानी इन सीटों पर किसी ने भी एडमिशन नहीं लिया है।

इन सीटों में सबसे ज्यादा 98% सीटें सिर्फ तमिलनाडु और पुडुचेरी की डीम्ड यूनिवर्सिटीज में खाली हैं।

11 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स क्वालीफाई फिर भी सीटें खाली

बता दें कि इस साल NEET UG में 11,21,000 कैंडिडेट्स ने क्वालीफाई किया है। इसके अलावा आयुष कोर्सेज जैसे BAMS, BHMS, BYNS, BUMS और BVSc पशु चिकित्सा की भी लगभग 52,000 से ज्यादा सीटें NEET के जरिए ही भरी जाती हैं।

इसके बाद भी 800 से ज्यादा सीटें क्यों खाली हैं?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक इतने बड़े नंबर में क्वालीफाई करने के बाद भी MBBS की ये सीटें खाली रह गई हैं। इसकी वजह ये नहीं है कि कैंडिडेट्स की दिलचस्पी नहीं है बल्कि मुश्किल ये है कि प्राइवेट कॉलेजस की फीस इतनी ज्यादा है कि स्टूडेंट्स उस खर्च को उठा नहीं सकते।

एक्सपर्ट- टॉपर नहीं करते काउंसलिंग में अप्लाई

एकेडमिक एक्सपर्ट कुणाल सिंह कहते हैं ‘ एक स्टूडेंट जिसने NEET-UG में टॉप किया है जरूरी नहीं वो MBBS कर पाए। क्योंकि सरकारी सीटें बहुत कम होती हैं और प्राइवेट कॉलेज की फीस हर किसी के लिए अफोर्ड करना मुश्किल होता हैं। स्टूडेंट्स काउंसलिंग में अप्लाई ही नहीं करते हैं खुद पीछे हट जाते हैं।’

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‘स्टेट प्लेटफॉर्म फॉर कॉमन स्कूल सिस्टम, तमिलनाडु’ के महासचिव ने भी एक मीडिया रिपोर्ट में कहा- कम स्कोर वाले अमीर छात्र आसानी से सीटें ले लेते हैं। NEET न तो मेरिट तय कर पा रहा है और न ही मेडिकल एजुकेशन को बिजनेस बनने से रोक पा रहा है।

उन्होंने ये भी कहा यदि कॉलेज फीस कम नहीं कर सकते, उन्हें बंद कर दिया जाना चाहिए और सरकारों को नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने चाहिए।

डीम्ड यूनिवर्सिटीज की एनुअल फीस 21-35 लाख तक

यदि हम तमिलनाडु और पुडुचेरी की डीम्ड यूनिवर्सिटीज में एक साल की ट्यूशन फीस की बात करें तो ये 21 लाख से 35 लाख रुपए तक है। वहीं यदि इसमें रहने-खाने का खर्च भी जोड़ दिया जाए तो स्टूडेंट्स को सलाना ये खर्च 1.2 लाख से 2.5 लाख रुपए अलग से देना होगा।

वहीं यदि इन कॉलेजस के अलावा देखें तो भारत के अन्य प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की सालाना फीस भी लगभग 17-18 लाख रुपए है।

MCC क्या स्पेशल काउंसलिंग राउंड करेगा

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) स्ट्रे वैकेंसी यानी फाइनल राउंड का रिजल्ट जारी कर चुकी है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने के बाद एक स्पेशल काउंसलिंग राउंड हो सकता है। MCC की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।

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