NEET रिजल्ट में NTA पर फिर सवाल, छात्रा बोली- 668 की जगह मिले 11 अंक


NEET Paper Leak Controversy:  नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के रिजल्ट को लेकर एक बार फिर NTA सवालों के घेरे में आ गई. कर्नाटक की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसकी ओएमआर आंसर शीट में गंभीर गड़बड़ी हुई, जिसके कारण उसे अपेक्षित अंकों की जगह माइनस 11 अंक मिले. छात्रा का दावा है कि उसे करीब 668 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन जारी रिजल्ट में पूरी तरह अलग स्कोर दिखाया गया. जिससे उसकी मेडिकल सीट मिलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. 

OMR शीट में गड़बड़ी का लगाया आरोप 

कर्नाटक के हावेरी जिले के हंगल तालुक की रहने वाली बिंदुश्री जगदीश पवार का आरोप है कि परीक्षा के बाद जारी कराई गई एनटीए की ओएमआर शीट उस ओएमआर शीट से मेल नहीं खाती जिस पर उन्होंने परीक्षा के दौरान उत्तर भरे थे. उनका कहना है की आधिकारिक रिकॉर्ड में कई ऐसे उत्तर दर्ज हैं, जिन्हें उन्होंने कभी चुना ही नहीं था. छात्र ने एनटीए के मूल्यांकन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी के रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने महज 1 मिनट के अंदर 41 प्रश्नों के उत्तर दिए हैं, उनका कहना है कि यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है और इससे ओएमआर रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी नजर आती है. 

NTA से कई बार किया संपर्क, लेकिन जवाब नहीं मिला 

बिंदुश्री का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर कई बार एनटीए की हेल्पलाइन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था. उन्होंने मार्कशीट की जांच और सुधार की मांग की, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है. छात्रा का आरोप है कि शिकायत के बावजूद एनटीए की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. 

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दूसरे छात्रों ने भी उठाए सवाल 

यह मामला अकेला नहीं है. दरअसल कर्नाटक में री-एग्जाम देने वाले कई छात्रों और अभिभावकों ने भी आरोप लगाया है कि अंतिम आंसर की के आधार पर उनकी और से निकाले गए अंकों और घोषित रिजल्ट में अंतर है. कुछ छात्रों का दावा है कि उनके 10 से 25 अंक तक कम हुए, जिससे उनकी ऑल इंडिया रैंक में हजारों स्थान का अंतर आ गया और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की संभावना कम हो गई. कुछ उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया कि एनटीए की ओर से अपलोड की गई, ओएमआर शीट उनके वास्तविक उत्तरों से मेल नहीं खाती. इन मामलों को लेकर मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता की जांच की मांग भी उठाई जा रही है. 

NTA ने क्या कहा? 

इन आरोपों के बीच एनटीए ने पहले कुछ दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई आरोप फर्जी या एआई से तैयार सामग्री पर आधारित है. एजेंसी का कहना था कि मूल्यांकन केवल मूल ओएमआर शीट के आधार पर किया जाता है. हालांकि बिंदुश्री के मामले में एनटीए की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई.

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