Medical Courses Besides MBBS: MBBS नहीं मिला तो न हों निराश, NEET के बाद ये 10 शानदार मेडिकल कोर्स भी हैं बेस्ट


सबसे पहला विकल्प है BDS यानी बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी, जो पांच साल का कोर्स होता है और इसमें दांतों के डॉक्टर बनने की पढ़ाई होती है. दूसरा है BAMS यानी आयुर्वेदिक मेडिसिन का कोर्स, जिसमें पुरानी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के साथ आधुनिक इलाज की भी जानकारी दी जाती है. यह कोर्स भी पांच साल का होता है.

तीसरा विकल्प BHMS है, यानी होम्योपैथी की पढ़ाई का कोर्स, जिसमें बिना साइड इफेक्ट वाली दवाइयों से इलाज करना सिखाया जाता है. आजकल बहुत से लोग होम्योपैथी इलाज को पसंद कर रहे हैं, इसलिए इस फील्ड में भी अच्छा भविष्य है. चौथा है BUMS, यह यूनानी पद्धति से इलाज सिखाने वाला कोर्स है. इसमें भी पुराने समय की चिकित्सा पद्धति को आज के हिसाब से पढ़ाया जाता है. 

तीसरा विकल्प BHMS है, यानी होम्योपैथी की पढ़ाई का कोर्स, जिसमें बिना साइड इफेक्ट वाली दवाइयों से इलाज करना सिखाया जाता है. आजकल बहुत से लोग होम्योपैथी इलाज को पसंद कर रहे हैं, इसलिए इस फील्ड में भी अच्छा भविष्य है. चौथा है BUMS, यह यूनानी पद्धति से इलाज सिखाने वाला कोर्स है. इसमें भी पुराने समय की चिकित्सा पद्धति को आज के हिसाब से पढ़ाया जाता है. 

पांचवें नंबर पर आता है B.Sc नर्सिंग, जिसमें नर्स बनने की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है. यह कोर्स तीन से चार साल का होता है और विदेशों में भी इन नर्सों की बहुत मांग रहती है, इसलिए इसमें आगे जाकर विदेश में नौकरी करने का भी मौका मिलता है. छठा कोर्स है BPT यानी फिजियोथेरेपी, जिसमें शरीर के दर्द और चोट का इलाज बिना दवाई के एक्सरसाइज और मसाज से सिखाया जाता है. यह कोर्स भी साढ़े चार साल का होता है.

पांचवें नंबर पर आता है B.Sc नर्सिंग, जिसमें नर्स बनने की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है. यह कोर्स तीन से चार साल का होता है और विदेशों में भी इन नर्सों की बहुत मांग रहती है, इसलिए इसमें आगे जाकर विदेश में नौकरी करने का भी मौका मिलता है. छठा कोर्स है BPT यानी फिजियोथेरेपी, जिसमें शरीर के दर्द और चोट का इलाज बिना दवाई के एक्सरसाइज और मसाज से सिखाया जाता है. यह कोर्स भी साढ़े चार साल का होता है.

सातवां विकल्प BVSc & AH है, यानी पशु चिकित्सा से जुड़ा कोर्स. जिन छात्रों को जानवरों से लगाव है, उनके लिए यह एक बढ़िया करियर है, इसमें जानवरों का इलाज करना सिखाया जाता है. यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है. आठवां है B.Pharm, जो दवाइयों से जुड़ी पढ़ाई है. इस कोर्स में छात्रों को दवाई बनाने और उसकी जानकारी देने की ट्रेनिंग दी जाती है, और आगे चलकर फार्मासिस्ट बनने का मौका मिलता है.

सातवां विकल्प BVSc & AH है, यानी पशु चिकित्सा से जुड़ा कोर्स. जिन छात्रों को जानवरों से लगाव है, उनके लिए यह एक बढ़िया करियर है, इसमें जानवरों का इलाज करना सिखाया जाता है. यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है. आठवां है B.Pharm, जो दवाइयों से जुड़ी पढ़ाई है. इस कोर्स में छात्रों को दवाई बनाने और उसकी जानकारी देने की ट्रेनिंग दी जाती है, और आगे चलकर फार्मासिस्ट बनने का मौका मिलता है.

See also  UGC NET June admit card 2026 OUT at ugcnet.nta.nic.in; how to download
नौवां कोर्स है BMLT, यानी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी. इसमें लैब में खून और दूसरे टेस्ट की जांच करना सिखाया जाता है, आज के समय में हर अस्पताल और लैब में इसकी मांग बनी रहती है. दसवां और आखिरी विकल्प है B.Sc रेडियोलॉजी या ऑप्टोमेट्री जैसे पैरामेडिकल कोर्स, जिनमें एक्स-रे, स्कैन और आंखों की जांच से जुड़ी पढ़ाई होती है. ये सभी कोर्स कम समय में पूरे हो जाते हैं और जल्दी नौकरी भी मिल जाती है. इन सभी कोर्स में एडमिशन NEET के स्कोर के आधार पर ही होता है, लेकिन कुछ कोर्स के लिए अलग से भी काउंसलिंग भी होती है. ज्यादातर कोर्स की फीस भी MBBS के मुकाबले काफी कम होती है.

नौवां कोर्स है BMLT, यानी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी. इसमें लैब में खून और दूसरे टेस्ट की जांच करना सिखाया जाता है, आज के समय में हर अस्पताल और लैब में इसकी मांग बनी रहती है. दसवां और आखिरी विकल्प है B.Sc रेडियोलॉजी या ऑप्टोमेट्री जैसे पैरामेडिकल कोर्स, जिनमें एक्स-रे, स्कैन और आंखों की जांच से जुड़ी पढ़ाई होती है. ये सभी कोर्स कम समय में पूरे हो जाते हैं और जल्दी नौकरी भी मिल जाती है. इन सभी कोर्स में एडमिशन NEET के स्कोर के आधार पर ही होता है, लेकिन कुछ कोर्स के लिए अलग से भी काउंसलिंग भी होती है. ज्यादातर कोर्स की फीस भी MBBS के मुकाबले काफी कम होती है.

Published at : 18 Jul 2026 09:28 PM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required