NEET UG Result 2026: नीट में 96.72% से घटकर 87.7% हुई अटेंडेंस, केरल-तमिलनाडु और कर्नाटक में सबसे ज्यादा छात्रों ने छोड़ी परीक्षा
NEET UG Result 2026: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के नतीजे के साथ में एनटीए ने परीक्षा से जुड़े ऐसे आंकड़े भी जारी किए हैं, जिन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी हैं. इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. मई में आयोजित मूल परीक्षा के मुकाबले री-एग्जाम में करीब 2.8 लाख छात्र कम शामिल हुए. इसी के साथ परीक्षा की उपस्थिति 96.72 प्रतिशत से घटकर 87.7 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 2020 के बाद सबसे कम और कोविड वर्षों के अलावा अब तक की सबसे कम अटेंडेंस मानी जा रही है. वहीं री-एग्जाम में करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि पहले चरण की परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया था. हालांकि कम उपस्थिति के बावजूद 11.1 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालीफाई की है.
करीब 2.8 लाख उम्मीदवार नहीं पहुंचे परीक्षा देने
एनटीए के आंकड़ों के अनुसार नीट यूजी 2026 के लिए 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन री-एग्जाम में केवल 19.99 लाख छात्र ही शामिल हुए. यानी 2,79,848 उम्मीदवार परीक्षा देने नहीं पहुंचे. यह अब तक का सबसे बड़ा एब्सेंट आंकड़ा है. इससे पहले 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लगभग 2.30 लाख उम्मीदवार परीक्षा से अनुपस्थित रहे थे.
2020 के बाद सबसे कम रही अटेंडेंस
मूल परीक्षा में उपस्थिति लगभग 96.72 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि री-एग्जाम में यह घट कर 87.72 प्रतिशत रह गई. वहीं वर्ष 2020 में कोविड के दौरान अटेंडेंस 85.57 प्रतिशत रही थी. इसके बाद 2021 और 2022 में भी उपस्थित 94-95 प्रतिशत से ऊपर रही, जबकि 2023-2024 और 2025 में यह 96 से 97 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई. ऐसे में 2026 का यह आंकड़ा महामारी के बाद सबसे बड़ी गिरावट माना जा रहा है.
दक्षिण भारत के स्टूडेंट्स ने छोड़ी सबसे ज्यादा परीक्षा
री एग्जाम में सबसे ज्यादा अनुपस्थित दक्षिण भारत के राज्यों से दर्ज की गई. केरल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले लगभग एक चौथ उम्मीदवार परीक्षा देने नहीं पहुंचे. यहां 25.6 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. तमिलनाडु में 23.8 प्रतिशत और कर्नाटक में 19.4 प्रतिशत उम्मीदवारों ने परीक्षा छोड़ दी. महाराष्ट्र में भी लगभग 9.8 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हुए. इसके विपरीत उत्तर भारत के राज्य में अनुपस्थित का प्रतिशत काफी कम रहा. राजस्थान में केवल 7.9 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 7.6 प्रतिशत उम्मीदवार ही परीक्षा से अनुपस्थित रहे.
ये भी पढ़ें-एक वर्षीय PG कोर्स में सीटें बढ़ाने की मांग पर ABVP का प्रदर्शन, प्रशासन पर छात्र हितों की अनदेखी का आरोप
राजस्थान ने बढ़ाई भागीदारी
जहां कई राज्य में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या घटी, वहीं राजस्थान में स्थिति अलग रही. यहां पिछले साल की तुलना में रजिस्ट्रेशन में कम रहा करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ी और 1.33 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा क्वालीफाई की. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के आधार पर राजस्थान की सफलता दर करीब 69.3 प्रतिशत रही जो सबसे ज्यादा मानी गई.
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI