MD and MS Difference: MD और MS में क्या है अंतर? दोनों में से कौन सही और सस्ता


MD and MS Difference: MBBS पूरी करने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स के मन में एक बड़ा सवाल आता है. आगे MD करें या MS? दोनों ही पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स हैं और MBBS के बाद NEET PG एग्जाम पास करके ही इनमें एडमिशन मिलता है, लेकिन दोनों की पढ़ाई, फीस और करियर का रास्ता काफी अलग होता है. अगर आप भी कंफ्यूज हैं कि इनमें से कौन सा कोर्स आपके लिए सही रहेगा, तो चलिए आसान भाषा में दोनों के बीच का फर्क समझते है. 

MD और MS में मुख्य अंतर क्या है

MD का पूरा नाम है Doctor of Medicine, जबकि MS का मतलब है Master of Surgery. जो स्टूडेंट्स बीमारियों के इलाज में दवाइयों और नॉन-सर्जिकल तरीके अपनाने में दिलचस्पी रखते हैं, वे MD चुनते हैं, वहीं जिनका झुकाव ऑपरेशन और सर्जरी की तरफ होता है, वे MS का रास्ता चुनते हैं. यानी सीधी भाषा में कहें तो MD मेडिसिन आधारित इलाज पर फोकस करता है, जैसे जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, डर्मेटोलॉजी वगैरह.

वहीं MS सर्जरी से जुड़ी ब्रांच होती है, जैसे जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, ENT और गायनेकोलॉजी. दोनों ही कोर्स की अवधि आमतौर पर 3 साल की होती है और दोनों में एडमिशन के लिए NEET PG पास करना जरूरी है. पढ़ाई का तरीका भी अलग होता है – MD में ज्यादा जोर थ्योरी, डायग्नोसिस और मरीज को दवा से ठीक करने पर होता है, जबकि MS में हाथों-हाथ सर्जरी की ट्रेनिंग, ऑपरेशन थिएटर में प्रैक्टिस और सर्जिकल स्किल्स सिखाई जाती हैं. 

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फीस में कितना है फर्क, कौन सा है सस्ता

अगर बात फीस की करें, तो सरकारी कॉलेजों में MD और MS दोनों की फीस लगभग बराबर और काफी कम होती है, कुछ हजार रुपये से लेकर कुछ लाख रुपये सालाना तक. लेकिन प्राइवेट कॉलेजों में यह तस्वीर बदल जाती है. MS कोर्स की फीस आमतौर पर 8 लाख से 20 लाख रुपये सालाना तक होती है, जबकि MD की फीस कॉलेज के हिसाब से 4 लाख से 20 लाख रुपये सालाना तक जा सकती है.

यानी शुरुआती स्तर पर MD की फीस थोड़ी कम भी हो सकती है, लेकिन टॉप प्राइवेट या डीम्ड यूनिवर्सिटी में दोनों कोर्स की फीस लगभग बराबर हो जाती है. कुल मिलाकर तीन साल के कोर्स के लिए प्राइवेट कॉलेजों में औसत फीस 15 लाख से 80 लाख रुपये तक पहुंच सकती है, जो कॉलेज की रेप्युटेशन, स्पेशलाइजेशन और मैनेजमेंट कोटा जैसी चीजों पर निर्भर करती है.

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