looking to reboot career in 30s or 40s quitting job without financial planning prove costly


30 से 40 की उम्र के आसपास करियर में बदलाव करना एक बड़ा काम होता है। लेकिन यह नामुमकिन नहीं होता है। इस उम्र तक आते-आते लोगों पर कई तरह की जिम्मेदारियां, फाइनेंशियल सिक्योरिटी और सेटल लाइफ का दबाव होता है। ऐसे में अगर बिना कुछ सोचे-समझे नौकरी छोड़ दी जाए, तो यह सही फैसला नहीं होगा। ऐसे में अगर आप भी अपनी नौकरी में ग्रोथ नहीं हो रही है या आप किसी नए फील्ड में पहचान बनाना चाहते हैं, तो यह फैसला करने से पहले सही प्लानिंग करना जरूरी होता है।

खासतौर पर ऐसे फैसले लेने से पहले फाइनेंस से जुड़ी बातों का ध्यान देना जरूरी होता है। क्योंकि अगर आपके अकाउंट में पैसे होंगे, तो सभी काम आसानी से हो जाएंगे। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको करियर रीबूट करने के लिए फाइनेंशियल टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

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पैसों की प्लानिंग

करियर चेंज करने से पहले आपका फाइनेंशियल रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। जिससे कि रीबूट के दौरान आप स्ट्रेस फ्री रहें।

इमरजेंसी फंड

इमरजेंसी फंड वित्तीय सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव होती है। 30-40 की उम्र में करियर रीबूट करने या नौकरी छोड़ने का फैसला करते समय फंड सेफ्टी या सिक्योरिटी की तरह काम आ सकता है। इसके लिए हर महीने के जरूरी खर्चों को कम से कम 6 या 12 महीनों से गुणा करें। उसके बाद जो पैसे बचें, उनको जमा करें।

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हेल्थ इंश्योरेंस

नौकरी छोड़ते ही कंपनी से मिलने वाला ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस भी खत्म हो जाता है। ऐसे में बिना मेडिकल कवर के रहना जोखिम वाला हो सकता है। क्योंकि अचानक से आने वाली बीमारी आपकी सेविंग्स को खत्म कर सकती है। इसलिए करियर रीबूट करने या जॉब स्विच करने से पहले पूरे परिवार के लिए अलग इंडिविजुअल या फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें।

लोन और ईएमआई करें कम

अगर आपका कोई लोन चल रहा है, या EMI चल रही है, तो इसको नौकरी छोड़ने से पहले खत्म करें। क्योंकि अगर आप इसको खत्म किए बिना नौकरी छोड़ते हैं, तो इसको भरने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था करें। वरना बाद में यह परेशानी की वजह बन सकता है।

सस्टेनेबिलिटी टेस्ट जरूर लें

अगर आप नौकरी छोड़कर नया बिजनेस या फ्रीलांसिंग शुरू करने जा रहे हैं। तो मानकर चलना चाहिए कि शुरूआती 6 से 8 महीने तक आपकी कोई कमाई नहीं होगी। इसलिए खुद से यह सवाल करें कि आप अपनी बचत से घर का खर्च, मेडिकल और लोन आदि की किश्तें आसानी से पूरा कर पाएंगे। अगर आपका जवाब हां है, तो आपको यह कदम उठाना चाहिए।

करियर रीबूट के लिए अन्य जरूरी स्टेप्स

30-40 की उम्र में करियर रीबूट की प्लानिंग एक सोच-समझकर उठाया जाने वाला कदम होना चाहिए। यह जल्दबाजी में किया गया फैसला नहीं होना चाहिए। सबसे पहले यह जानना चाहिए कि आपकी अच्छी पकड़ किस फील्ड में हैं और उस नए करियर में आपको क्या फायदा होगा।

स्किल गैप को भरें

आप जिस नई फील्ड में या फिर रोल में जा रही हैं, तो आप कदम रखना चाहती हैं। पहले समझें कि उसकी डिमांड क्या है। इस बारे में समझें। अपनी पुरानी स्किल्स की तुलना नई जॉब मार्केट से करके देखें कि कहां कमी है। नौकरी को पूरी तरह से छोड़ने से पहले सर्टिफिकेशन्स, ऑनलाइन कोर्सेज या वर्कशॉप्स के जरिए नई तकनीक और टूल्स आदि सीखें। सही समय पर खुद को अपग्रेड करेंगे, तो आप नई भूमिका के लिए पूरे कॉन्फिडेंस के तैयार होंगे।

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साइड वर्क से करें शुरु

नए काम को अपना पूरा-पूरा समय देना थोड़ा सा रिस्की हो सकता है। इससे बचने के लिए नई फील्ड में पार्ट टाइम या फिर फ्रीलांसिंग के जरिए काम करें। इससे आपको शुरूआती क्लाइंट्स मिलने के साथ मार्केट की समझ भी आती है।

इन स्किल्स पर फोकस करें

बता दें कि 30 की उम्र के बाद सिर्फ अप्लाई करने से नौकरी नहीं बल्कि रेफरल और कनेक्शंस से मिलती है। इसके लिए LinkedIn का सही इस्तेमाल करें। अपनी इंडस्ट्री के लोगों से मिलें और मेंटॉर की सहायता लें। भले ही आप डोमेन पूरी तरह से चेंज कर रहे हों, तब भी आपकी पुरानी स्किल्स हर जगह काम आएंगी।



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