Jaipuria Alumni Success: 76% Promoted in 2 Years, Many Reach Leadership


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37 मिनट पहले

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प्लेसमेंट से आगे बढ़कर करियर की असली तस्वीर

भारत में मैनेजमेंट संस्थानों की सफलता अक्सर प्लेसमेंट, वेतन पैकेज और बड़ी कंपनियों की भर्ती के आधार पर आंकी जाती है। लेकिन किसी संस्थान की वास्तविक सफलता का पैमाना यह नहीं है कि छात्र को पहली नौकरी कहां मिली, बल्कि यह है कि वह अपने करियर में आगे कितनी तेजी से बढ़ता है।

इसी पहलू पर रोशनी डालती है जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की हालिया एलुमनाई ट्रेसर स्टडी, जिसमें पूर्व छात्रों की लॉन्ग टर्म करियर ग्रोथ का विश्लेषण किया गया है।

दो साल में 76% को मिला पहला बड़ा करियर ग्रोथ, 10 साल से ज्यादा अनुभव वाले 50% लोग लीडरशिप पदों पर

अध्ययन के अनुसार, जयपुरिया के 76.1% पूर्व छात्रों को स्नातक होने के दो वर्षों के भीतर पहला महत्वपूर्ण करियर प्रमोशन या प्रगति हासिल हुई। जबकि दस साल से ज़्यादा का प्रोफेशनल अनुभव रखने वाले लगभग आधे लोग जनरल मैनेजर और वाइस प्रेसिडेंट जैसे सीनियर लीडरशिप पदों पर पहुंच गए हैं।

ये नतीजे एक अहम सच्चाई को पुख्ता करते हैं: मैनेजमेंट एजुकेशन की असली कीमत सिर्फ़ इस बात से नहीं पता चलती कि ग्रेजुएट अपने करियर की शुरुआत कहां से करते हैं, बल्कि इस बात से पता चलती है कि समय के साथ वे कितनी तरक्की करते हैं। इससे पता चलता है कि जयपुरिया केवल नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को तेजी से आगे बढ़ने के लिए भी तैयार करता है।

इससे स्वाभाविक रूप से एक और सवाल उठता है: लंबे समय तक प्रोफेशनल ग्रोथ किस चीज से संभव होती है? इसका जवाब अक्सर इस बात में मिलता है कि संस्थान छात्रों को सिर्फ नौकरी के लिए ही नहीं, बल्कि लीडरशिप, परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता और लगातार सीखते रहने के लिए कैसे तैयार करते हैं।

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राजस्थान के छात्रों को अपने राज्य में रहते हुए ग्लोबल और इंटरनेशनल लेवल की मैनेजमेंट एजुकेशन हासिल करने का मौका!

राजस्थान के छात्रों और परिवारों के लिए ये एक एडवांटेज है कि जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट जयपुर उन्हें अपने राज्य में ही रहकर राष्ट्रीय स्तर की मैनेजमेंट शिक्षा और ग्लोबल करियर के अवसरों तक पहुंचने का मौका देता है।

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पास AACSB एक्रेडिटेशन और NIRF रैंकिंग दोनों है!

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट जयपुर इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे लंबे समय के विकास की इस सोच को छात्रों के अनुभव में बदला जाता है। यह राजस्थान के सिर्फ दो मैनेजमेंट संस्थानों में से एक है जिनके पास AACSB एक्रेडिटेशन और NIRF रैंकिंग दोनों हैं।

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर ने एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया है जहां पढ़ाई की गंभीरता, इंडस्ट्री से जुड़ाव, लीडरशिप का विकास और करियर के लिए तैयारी, सब मिलकर सीखने का एक शानदार अनुभव देते हैं।

रैंकिंग और एक्रेडिटेशन से कहीं ज्यादा, इस इकोसिस्टम का असर मौजूदा स्टूडेंट्स के करियर के सफर में साफ नजर आता है दिखाई देता है। 2024–26 बैच की छात्रा खुशी सोनी, जिन्हें डेलॉइट में नियुक्ति मिली है, मानती हैं कि इंडस्ट्री इंटरैक्शन, लाइव प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल लर्निंग ने उन्हें कॉर्पोरेट दुनिया के लिए तैयार किया।

इसी तरह, उसी बैच के वेदांश राठी ने दुबई में लैंडमार्क ग्रुप के साथ अपना इंटरनेशनल करियर शुरू किया है। इससे पता चलता है कि जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर से ग्रेजुएट होने वाले स्टूडेंट्स के लिए दुनिया भर में कितने बड़े मौके खुल रहे हैं।

ये अलग-अलग करियर यात्राएं संस्थान के एलुमनाई नेटवर्क में दिखने वाले एक बहुत बड़े पैटर्न का एक हिस्सा हैं। जयपुरिया जयपुर के ग्रेजुएट आज दुनिया भर में सम्मानित संगठनों में लीडरशिप के पदों पर काम कर रहे हैं।

एल्युमनाई ट्रेसर स्टडी के जरिये इन उदाहरणों से पता चलता है कि जयपुरिया जयपुर अपने स्टूडेंट्स के लंबे समय के करियर विकास को लेकर कितना गंभीर है।

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जयपुरिया जयपुर के कई पूर्व छात्र दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रहे

विजय साधनानी – असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, HSBC

गुंजन जैन – वाइस प्रेसिडेंट, BlackRock

अपूर्व सोगानी – असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, Citibank

प्रेरणा भदानी – एसोसिएट डायरेक्टर, UBS

नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर

इस तरह के उताहरण कोई इत्तेफाक नहीं हैं। ये जयपुरिया इंस्टीट्यूट की उस सोच को दिखाते हैं जिसमें स्टूडेंट्स की ओवरऑल ग्रोथ पर ध्यान दिया जाता है। संस्थान का फोकस केवल अकादमिक पढ़ाई तक सीमित नहीं है। यहां छात्रों को नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और आत्म-विकास पर भी काम करने का अवसर मिलता है।

रिसर्च पर आधारित टीचिंग, लीडरशिप से जुड़ी पहल, इंडस्ट्री के साथ सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से छात्रों को अलग-अलग नजरिए और असल दुनिया की बिज़नेस चुनौतियों से रूबरू होने का मौका मिलता है।

संस्थान की ‘लीडरशिप लैब’ छात्रों को असल ऑर्गनाइजेशनल माहौल से जुड़े लीडरशिप के सबक सीखने में मदद करती है, जबकि ‘4D रिसेट जर्नल’ आत्म-जागरूकता, मुश्किलों से उबरने की क्षमता, हालात के हिसाब से ढलने और सोच-समझकर फ़ैसले लेने की काबिलियत को बढ़ावा देता है-ये ऐसी खूबियां हैं जो आज के वर्कप्लेस में तेजी से अहम होती जा रही हैं।

हालांकि ये पहल लंबे समय में क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित हैं, लेकिन इनसे हायरिंग के समय इंडस्ट्री का भरोसा भी मजबूत होता है। जयपुरिया इंस्टीट्यूट जयपुर के प्रमुख रिक्रूटर्स में कंसल्टिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर गुड्स, एनर्जी और मीडिया जैसे सेक्टर शामिल हैं।

देश और दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनियां लगातार जयपुरिया के कैम्पस से हायरिंग कर रही हैं।

देश और दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनियों का भरोसा

जयपुरिया के विभिन्न परिसरों में भर्ती करने वाली कंपनियों में डेलॉइट, ब्लैकरॉक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आदित्य बिड़ला कैपिटल, कोलगेट-पामोलिव, टीवीएस मोटर, जियो-बीपी, द टाइम्स ऑफ इंडिया और जेके सीमेंट जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।

इन सभी खूबियों का प्रभाव ठोस परिणामों के रूप में भी स्पष्ट दिखाई देता है। जयपुरिया के विभिन्न कैंपसों से वर्ष 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के लिए सबसे बड़ा वार्षिक पैकेज 24.11 लाख रुपये रहा, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 36 लाख रुपये के उच्चतम वार्षिक पैकेज तक पहुंचा था।

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हालांकि, जयपुरिया इंस्टीट्यूट का फोकस केवल पहली नौकरी या शुरुआती वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे करियर बनाने पर जोर देता है जो समय के साथ लगातार आगे बढ़ते रहें।

राजस्थान के कई छात्रों के लिए मजबूत प्लेसमेंट, नेतृत्व कौशल विकसित करने वाले कार्यक्रम और लंबे समय तक करियर में आगे बढ़ने के अवसरों का कॉम्बिनेशन अब किसी मैनेजमेंट संस्थान को चुनने के महत्वपूर्ण आधार बन रहा है।

हाल ही में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर के दीक्षांत समारोह के बाद लगभग 300 नए स्नातक पेशेवर दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। यह अवसर इस बात की याद दिलाता है कि प्रबंधन शिक्षा की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जा सकती कि किसी छात्र की पहली नौकरी कहां लगी।

इसकी असली सफलता उस लंबी यात्रा में दिखाई देती है, जो जयपुर की कक्षाओं से शुरू होकर वर्षों के पेशेवर विकास के बाद छात्रों को भारत और दुनिया भर में लीडरशिप पोजिशन तक पहुंचाती है।

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References 1. Jaipuria Alumni Tracer Study



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