Google AI Training Program: भारत के स्कूलों में AI लिटरेसी पर जोर, Google ने स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए शुरू किया AI ट्रेनिंग प्रोग्राम 


Google AI Training Program: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर तेजी से बढ़ती चर्चा के बीच अब स्कूलों और कॉलेज में भी एआई लिटरेसी पर बड़ा फोकस शुरू हो गया है. टेक एआई कंपनी गूगल ने देशभर के शिक्षकों और छात्रों के लिए नया एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया है. कंपनी ने यह घोषणा लंदन में आयोजित एजुकेशन वर्ल्ड फोरम 2026 के दौरान की. गूगल का कहना है कि यह पहल भारत की नई शिक्षा नीति यानी एईपी 2020 के लक्ष्य के अनुरूप है, जिसका मकसद टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है. कंपनी अब स्कूलों में हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में एआई टूल्स और डिजिटल लर्निंग सिस्टम को मजबूत करने पर काम करेगी, ताकि आने वाले समय में छात्र और शिक्षक एआई आधारित फ्यूचर के लिए तैयार हो सके. 

गूगल एआई एजुकेटर सीरीज की शुरुआत 

इस पहल के तहत गूगल ने गूगल एआई एजुकेटर सीरीज लॉन्च करने की घोषणा की है. यह एक मोबाइल फर्स्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा, जिसे खास तौर पर भारतीय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है. शुरुआत में यह कार्यक्रम महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और असम सरकार के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के सहयोग से शुरू किया जाएगा. गूगल के अनुसार ट्रेनिंग का उद्देश्य शिक्षकों को यह समझाना है कि एआई टूल्स का क्लास रूम में जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है. इससे पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी और इंटरैक्टिव कैसे बनाया जा सकता है. कंपनी ने यह बताया कि यह ट्रेनिंग मोबाइल फ्रेंडली होगी, ताकि शिक्षक कहीं से भी अपनी आसानी से सीख सके. शुरुआती चरण में इसे हिंदी, असमिया, मराठी, तेलुगू, ओड़िया और पंजाबी समेत 6 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा. 

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तीन हिस्सों में होगी एआई ट्रेनिंग 

गूगल एआई एजुकेटर सीरीज को अलग-अलग मॉड्यूल में तैयार किया गया है. इसमें शिक्षकों को एआई की बेसिक समझ से लेकर क्लासरूम में उसके इस्तेमाल तक की ट्रेनिंग दी जाएगी. पहले हिस्से में एआई की बुनियादी जानकारी दी जाएगी, दूसरे हिस्से में जैमिनी एआई टूल्स का उपयोग, पढ़ाई और स्टूडेंट इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए किया जा सकता है यह सिखाया जाएगा. तीसरे हिस्से में असाइनमेंट चेक करना, फीडबैक देना और रिपोर्ट तैयार करने जैसे रोजमर्रा के प्रशासनिक कामों में एआई के इस्तेमाल पर फोकस रहेगा. इस प्रोग्राम में के से 12 तक शिक्षकों के लिए छोटे-छोटे 10 से 15 मिनट के सेशन होंगे, जबकि उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों के लिए 30 से 45 मिनट के विस्तृत सेशन रखे जाएंगे, हर मॉड्यूल पूरा करने पर डिजिटल बैज भी दिया जाएगा. 

जैमिनी और नोटबुक एलएम जैसे टूल का मिलेगा एक्सपीरियंस 

गूगल ने कहा कि यह ट्रेनिंग पूरी तरह फ्री होगी और इसमें शिक्षकों को जैमिनी नोटबुक एलएम और दूसरे एआई टूल्स का हैंड्स-ऑन अनुभव मिलेगा. कंपनी का कहना है कि एआई का उद्देश्य शिक्षकों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनके काम को आसान बनाना है ताकि वे छात्रों पर ध्यान दे सके. गूगल के अनुसार एआई आधारित टूल्स की मदद से पढ़ाई को छात्रों की जरूरत के हिसाब से पर्सनलाइज्ड और आसान बनाया जा सकता है.

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