Co-Op in Canada: कनाडा में पढ़ाई के साथ शानदार Salary और Job का मौका, जानें क्या है Co-op Program


कनाडा हायर एजुकेशन के लिए एक प्रीमियर डेस्टिनेशन बन गया है। क्योंकि छात्रों को यहां पर कई तरह के कोर्सेज की पढ़ाई करने का मौका मिलता है। कनाडाई एजुकेशन सिस्टम ऐसा है, जहां पर छात्रों को थ्योरी के अलावा प्रैक्टिकल पर भी फोकस करना पड़ता है। इस अप्रोच के साथ यहां एक खास प्रोग्राम चलाया जाता है। जो उन सभी इंडियन स्टूडेंट्स के लिए बेहद फायदेमंद है, जिसका मकसद डिग्री मिलते ही जॉब में जाना होता है।
दरअसल, इस आर्टिकल के जरिए हम आपको को-ऑपरेटिव एजुकेशन यानी को-ऑप प्रोग्राम के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके माध्यम से छात्रों को क्लास में सीखी गई चीजों को सीधे प्रोफेशनल्स एक्सपीरियंस के साथ जुड़ने का मौका मिलता है। स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ काम करने का भी शानदार मौका मिलता है। इसमें छात्रों को क्लास में कुछ समय के लिए पढ़ाई करना होता है और फिर कुछ समय कोर्स से जुड़ी फील्ड में फुल टाइम जॉब करते हैं।

इसे भी पढ़ें: यूपी के युवाओं के लिए सुनहरा मौका: Agniveer Recruitment Rally का शेड्यूल जारी, 6 अगस्त से बरेली में भर्ती

कैसे काम करते हैं को-ऑप प्रोग्राम

को-ऑप प्रोग्राम के जरिए सिर्फ डिग्री या डिप्लोमा नहीं मिलता है। बल्कि छात्रों को पढ़ी हुई चीजों को असल दुनिया में करने का मौका मिलता है।
यह डिग्री दो हिस्सों में बंटी हुई होती है। इसका एक हिस्सा कॉलेज की पढ़ाई से जुड़ी होती है, वहीं दूसरे हिस्से में छात्र किसी कंपनी में नौकरी करते हैं।
को-ऑप प्रोग्राम की एक खासियत यह भी है कि इसके तहत आपको फुल टाइम जॉब मिलती है। साथ ही स्टूडेंट्स को सैलरी भी मिलती है।
को-ऑप प्रोग्राम से पढ़ाई पूरी करने से पहले छात्रों को पता चल जाता है कि उस काम को असल में कैसे किया जाता है। वहीं इससे छात्रों की नेटवर्गिंक भी हो जाती है।
अधिकतर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में को-ऑप ऑफिस होते हैं। जो छात्रों को रिज्यूमे तैयार करने से लेकर नौकरी दिलाने तक में सहायता करते हैं।
को-ऑप वाली डिग्री को पूरा करने में थोड़ा अधिक समय लगता है। जैसे 4 साल की डिग्री 4.5 या फिर 5 साल की हो सकती है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

कनाडा के को-ऑप प्रोग्राम से जुड़े फायदों के बारे में जानकर अधिकतर छात्र इस की पढ़ाई करना चाहते हैं। अभी जिस तरह का जॉब मार्केट है। उसको देखते हुए छात्रों को लगता है कि को-ऑप प्रोग्राम से कहीं न कहीं उनके लिए जॉब के लिए अच्छा मौका मिलेगा। लेकिन स्टूडेंट्स को पता होना चाहिए कि उनको एडमिशन के समय ही को-ऑप प्रोग्राम वाला कोर्स चुनना पड़ेगा। बाद में को-ऑप प्रोग्राम की सुविधा मिलना मुश्किल होता है।

किन स्टूडेंट्स के लिए को-ऑप प्रोग्राम

कंप्यूटर साइंस और AI
बिजनेस और फाइनेंस
इंजीनियरिंग और STEM
डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी
हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज
मीडिया, मार्केटिंग और एप्लाइड डिजाइन

जानें को-ऑप प्रोग्राम के बाद PR के चांस

एक्सपर्ट के मुताबिक कनाडा का PR ऐसा टॉपिक है। जो कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय स्टूडेंट्स और उनकी फैमिली के लिए सबसे जरूरी और गलत समझे जाने वाले सवालों में से एक है। यह समझना ज्यादा जरूरी है कि को-ऑप प्रोग्राम परमानेंट रेजिडेंसी की गारंटी नहीं देता है। यही कारण है कि स्टूडेंट्स को भी इसे PR पाने का रास्ता नहीं समझना चाहिए।



Source link

See also  CBSE details three-language rule, no board exam for 10th students

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required