अब मेडिकल की डिग्री भी देगा IIT कानपुर, जानें क्या है प्लान?


आईआईटी कानपुर अब सिर्फ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहने वाला है. संस्थान के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के जरिए मेडिकल एजुकेशन की दिशा में भी आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए कैंपस में अस्पताल और रिसर्च सुविधाएं विकसित की जा रही है. हालांकि मेडिकल क्षेत्र में आईआईटी कानपुर की शुरुआत सीधे MBBS से नहीं होगी. संस्थान पहले उच्च चिकित्सा शिक्षा और सुपर-स्पेशलिस्ट प्रोग्राम पर आगे बढ़ने की योजना बना रहा है. 

पहले मेडिकल डिग्री होगी शुरू 

गंगवाल स्कूल के डीन प्रोफेसर अनिल के. लालवानी के अनुसार आईआईटी कानपुर की योजना पहले पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल डिग्री और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम शुरू करने की है. इसमें एमडी और एमएस जैसे कोर्स के साथ डीएम और एमसीएच जैसी सुपर-स्पेशलिटी डिग्रियां शामिल होगी. इसके बाद एमबीबीएस शुरू करने की योजना है. अनिल के. लालवानी के अनुसार इसके लिए अभी करीब 3 से 4 साल का समय लग सकता है. जिसका मतलब है कि आईआईटी कानपुर में मेडिकल की पढ़ाई का पहला चरण एक्सपर्ट डॉक्टर तैयार करने और मेडिकल-इंजीनियरिंग रिसर्च को साथ लेकर चलने पर केंद्रित रहेगा. 

500 बेड का सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल तैयार 

आईआईटी कानपुर में मेडिकल एजुकेशन के लिए जरूरी क्लीनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी काम कर चल रहा है. गंगवाल स्कूल के पास 500 बेड वाला यदुपति सिंघानिया सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है. इसे इसी साल के अंत तक शुरू किए जाने की योजना है और मार्च 2027 तक यहां पहला मरीज आने की उम्मीद बताई गई है. इसके अलावा 50 बेड का कैंसर केयर एंड रिसर्च सेंटर भी तैयार किया जा रहा है. इन सुविधाओं का इस्तेमाल इलाज के साथ मेडिकल ट्रेनिंग और रिसर्च के लिए किया जाएगा. 

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60 नए फैकल्टी की तैयारी 

इस पूरी योजना को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर की ओर से शुरुआती मंजूरी के तौर पर 60 नए फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति की अनुमति मिली है. इनमें क्लिनिकल मेडिसिन और रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट शामिल होंगे. संस्थान की योजना मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग को एक साथ लाकर रिसर्च को आगे बढ़ाने की है. वहीं छात्रों को एआई और आधुनिक चिकित्सा तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में भी काम करने का अवसर देने की योजना है. 

MBBS के लिए अभी करना होगा इंतजार 

आईआईटी कानपुर में मेडिकल डिग्री शुरू करने की तैयारी जरूर चल रही है, लेकिन एमबीबीएस में एडमिशन अभी शुरू नहीं होने वाला. इसके लिए जरूरी मंजूरियां, हॉस्पिटल फैकल्टी और क्लीनिकल सुविधाएं तैयार की जानी है. ऐसे में फिलहाल संस्थान की योजना पहले मेडिकल की उच्च शिक्षा और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम से शुरुआत करने की है.

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