CBSE की इस चूक ने बढ़ाई छात्र की टेंशन, री-इवैल्यूएशन से पहले सामने आई नई समस्या


सीबीएसई की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर एक और मामला सामने आया है. दिल्ली के कक्षा 12 के छात्र तनिष्क का आरोप है कि पहले उसे बिना अंकों वाली मार्कशीट जारी कर दी गई. इसके बाद जब उसने अपने पेपर दोबारा जांच के लिए आंसर शीट की कॉपी मांगी तो एक विषय की कॉपी ही नहीं मिली. परिवार का कहना है कि इस वजह से री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है.

रिजल्ट आया तो मार्कशीट निकली खाली

तनिष्क ने इस साल सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. लेकिन जब रिजल्ट घोषित हुआ तो उसे जो मार्कशीट मिली, उसमें किसी भी विषय के अंक नहीं थे. यह देखकर छात्र और उसके परिवार के होश उड़ गए.परिवार के मुताबिक, समस्या सामने आने के बाद उन्होंने स्कूल और सीबीएसई अधिकारियों से संपर्क किया. कई दिनों तक लगातार चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. इससे छात्र की चिंता और बढ़ गई.

एक हफ्ते बाद मिली सही मार्कशीट

काफी प्रयासों के बाद करीब एक सप्ताह बाद छात्र को सही मार्कशीट उपलब्ध कराई गई. हालांकि तब तक परिवार काफी परेशान हो चुका था.सही परिणाम मिलने के बाद तनिष्क ने अपने अंकों की दोबारा जांच कराने का फैसला किया.इसके लिए उसने सभी छह विषयों की स्कैन की गई आंसर शीट की मांग की, ताकि जरूरत पड़ने पर री-इवैल्यूएशन कराया जा सके.

छह की जगह मिली सिर्फ पांच आंसर शीट

परिवार का आरोप है कि छह विषयों की कॉपियां मांगी गई थीं, लेकिन उन्हें केवल पांच विषयों की उत्तर पुस्तिकाएं ही मिलीं. एक विषय की कॉपी नहीं मिलने के कारण छात्र उस विषय में री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहा है.सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि री-इवैल्यूएशन की अंतिम तारीख भी नजदीक है.ऐसे में समय रहते कॉपी नहीं मिलने पर छात्र का मौका छूट सकता है.

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छात्र पर पड़ रहा मानसिक दबाव
तनिष्क के पिता का कहना है कि लगातार सामने आ रही इन समस्याओं का असर छात्र की मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है.उनका कहना है कि बेटा बार-बार यही पूछता है कि आखिर उसके साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है.परिवार लगातार उसे समझाने और हौसला देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है.

सीबीएसई से कार्रवाई की मांग
परिवार ने सीबीएसई से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द गायब उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई जाए.उनका कहना है कि हर छात्र को अपने अंकों की दोबारा जांच कराने का अधिकार है और तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से किसी का नुकसान नहीं होना चाहिए.फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि बोर्ड जल्द समाधान निकालेगा ताकि छात्र समय रहते री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया पूरी कर सके.

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