Attempt Limit In NEET UG: NTA की बड़ी तैयारी! NEET UG एग्जाम में Age और Attempt लिमिट रूल हो सकता है लागू


Attempt Limit In NEET UG: नीट यूजी 2026 को लेकर चल रहे विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है. आने वाले समय में मेडिकल प्रवेश परीक्षा में आयु सीमा और अटेम्प्ट लिमिट लागू की जा सकती है. यानी छात्रों को अब तय उम्र तक और सीमित बार ही नीट यूजी परीक्षा देने का मौका मिल सकता है.

केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसदीय समिति को बताया कि पूर्व इसरो प्रमुख डॉक्टर के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली एक्सपर्ट समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए जाएंगे. कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति के सामने एनडीए ने अपनी प्रस्तुति में कई दीर्घकालिक सुधारों का रोडमैप रखा है.

नीट में पहली बार लागू हो सकती है अटेम्प्ट लिमिट

फिलहाल नीट यूजी परीक्षा में छात्रों के लिए केवल न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष तय की गई है, अधिकतम उम्र सीमा नहीं है और छात्र फिलहाल कितनी भी बार परीक्षा दे सकते हैं. हालांकि, एनटीए इस व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी में है. एजेंसी ने संसदीय समिति को बताया कि भविष्य में उम्मीदवारों के प्रयासों की संख्या तय की जा सकती है. इसके साथ ही अधिकतम आयु सीमा लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है. अभी स्पष्ट नहीं किया गया है की छात्राें को कितने अटेम्प्ट मिलेंगे और अधिकतम उम्र कितनी तय की जाएगी.

कंप्यूटर बेस्ड और मल्टी सेशन परीक्षा पर फोकस

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एनटीए ने समिति को बताया कि आने वाले समय में नीट यूजी परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी सीबीटी मोड में कराई जा सकती है. इसके अलावा मल्टी सेशन और मल्टी स्टेज परीक्षा प्रणाली पर भी काम किया जा रहा है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अगले साल नीट यूजी को सीबीटी मोड में कराने की तैयारी की जा सकती है. फिलहाल एनटीए एक शिफ्ट में करीब 1.5 लाख छात्रों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने की क्षमता रखती है जिसे अगले साल बढाकर 10 लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.

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पेपर लीक विवाद के बाद बढ़े सुधार

नीट यूजी परीक्षा 2026 को लेकर इस बार बड़ा विवाद सामने आया 3 मई को आयोजित परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे. बाद में आरोप लगे थे कि वायरल गेस पेपर के करीब 120 सवाल असली परीक्षा से मेल खा रहे थे. एनटीए के अनुसार, 7 मई को एजेंसी को कथित गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी, इसके बाद 8 मई को मामला केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई. अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी, हालांकि संसदीय समिति की बैठक में एनटीए ने इसे सीधे तौर पर पेपर लीक मानने से इनकार किया. एजेंसी का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताएं और कदाचार सामने आए, लेकिन इसे पूरी तरह पेपर लीक कहना सही नहीं होगा. बैठक में भाजपा सांसदों ने भी पेपर लीक शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई. वहीं विपक्ष सांसदों ने सवाल उठाया कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ तो परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी.

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