Akhilesh Yadav Education: नेता नहीं, इंजीनियर बनना चाहते थे अखिलेश यादव, जानें कहां से की है पढ़ाई-लिखाई?


Akhilesh Yadav Education: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार भाजपा और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं. हाल ही में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि चढ़ावे से जुड़ा सच जनता के सामने आना चाहिए. बता दें कि अखिलेश यादव ने एक जुलाई को अपना 53वां जन्मदिन मनाया था, जिसके बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एक बार फिर चर्चा में आ गए. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि ‌ नेता नहीं इंजीनियर क्यों बनना चाहते थे, अखिलेश यादव और उन्होंने कहां से पढ़ाई लिखाई की? 

सैफई से शुरू हुई पढ़ाई, फिर पहुंचे मिलिट्री स्कूल 

अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई में हुआ था. वह पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और मालती देवी के पुत्र हैं. शुरुआती शिक्षा उन्होंने सैफई के इटावा के सेंट मेरी स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्हें राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल भेजा गया, जहां उन्होंने आगे की स्कूली पढ़ाई पूरी की. 

इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर पहुंचे ऑस्ट्रेलिया 

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अखिलेश यादव ने कर्नाटक के मैसूर स्थित जयचामाराजेंद्र कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद वे हायर एजुकेशन के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए, जहां उन्होंने सिडनी यूनिवर्सिटी से एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री पूरी की. बताया जाता है की पढ़ाई के दौरान उनकी रुचि राजनीति से ज्यादा तकनीक और पर्यावरण से जुड़े विषयों में थी. उनका इरादा पर्यावरण इंजीनियर के रूप में काम करना और जल प्रदूषण व पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का था. उन्होंने छात्र जीवन में छात्र राजनीति से भी दूरी बनाए रखी थी. 

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इंजीनियर नहीं, किस्मत ने बनाया नेता 

बताया जाता है कि अखिलेश यादव की राजनीति में आने की कोई खास योजना नहीं थी, लेकिन 2000 में पिता मुलायम सिंह यादव के कहने पर उन्होंने कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ा. यह उनका पहला चुनाव था और उन्होंने जीत दर्ज कर संसद पहुंचने में सफलता हासिल की. इसके बाद में लगातार तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए. ‌ वहीं 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला. इसके बाद अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री चुना गया, उस समय उनकी उम्र महज 38 वर्ष थी और वह उत्तर प्रदेश के इतिहास के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने. उन्होंने 2012 से 2017 तक प्रदेश की कमान संभाली. 

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