CBSE Class 12 Re-evaluation: री-इवैल्यूएशन में अगर बढ़ गए नंबर तो क्या फीस वापस करेगा CBSE? जान लें जवाब


CBSE Class 12 Re-evaluation: CBSE 12वीं का रिजल्ट आने के बाद इस बार सबसे ज्यादा चर्चा री-इवैल्यूएशन और On Screen Marking (OSM) सिस्टम को लेकर हो रही है. कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं. इसी बीच CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा की ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर चल रहे विवादों के बीच बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

सीबीएसई बोर्ड की ओर से छात्रों को राहत देने के लिए री-इवैल्यूएशन फीस घटा दी गई है. छात्र अपनी आंसरशीट अब मात्र 100 रुपये में देख सकते हैं. इससे पहले यह फीस 700 रुपये थी. वहीं री-इवैल्यूएशन के लिए उन्हें प्रति सवाल 25 रुपये देने होंगे. इस बीच छात्रों के मन में सवाल है कि अगर री-इवैल्यूएशन के बाद उनके नंबर बढ़ जाते हैं तो उनकी फीस वापस होगी या नहीं? आइए जानते हैं इसका जवाब…  

वापस होगी पूरी फीस

बोर्ड की ओर से साफ किया गया है कि अगर कोई छात्र री-इवैल्यूएशन कराता है और उसके नंबर बढ़ते हैं तो छात्र को पूरी फीस वापस कर दी जाएगी. सीबीएसई की इस घोषणा को छात्रों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. बता दें, इस बार रिजल्ट में गिरावट आई है. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पास प्रतिशत में 3 फीसदी की गिरावट आई है, जो 88 प्रतिशत से घटकर 85 प्रतिशत पर आ गया है. कुछ छात्रों को यह भी लग रहा है कि उन्हें वास्तव में मिले अंकों से अधिक अंक मिलने चाहिए थे. CBSE का कहना है कि ये बदलाव छात्रों को राहत देने और प्रक्रिया को ज्यादा आसान बनाने के लिए किए गए हैं. शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि बोर्ड नहीं चाहता कि किसी छात्र को लगे कि उसकी मेहनत का सही सम्मान नहीं हुआ. 

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OSM सिस्टम को लेकर क्यों मचा था विवाद?

दरअसल, इस साल CBSE ने 12वीं की कॉपियों की जांच के लिए OSM यानी On Screen Marking सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. इसमें छात्रों की आंसर शीट स्कैन करके डिजिटल तरीके से चेक की गई है. रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने कहा कि उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं, खासकर मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में. कुछ छात्रों ने तो यह भी कहा कि JEE Main में अच्छे नंबर आने के बावजूद बोर्ड परीक्षा में कम मार्क्स मिले. इन शिकायतों के बाद CBSE ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी कि OSM कोई नया सिस्टम नहीं है और इसका इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है. बोर्ड ने बताया कि इस बार करीब 98 लाख आंसर शीट स्कैन की गईं और जिन कॉपियों में स्कैनिंग की दिक्कत आई, उन्हें मैन्युअली चेक किया गया है.

छात्र कैसे कर सकते हैं री-चेकिंग के लिए आवेदन?

अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके नंबर उम्मीद से कम आए हैं, तो वह CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर री-चेकिंग के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए सबसे पहले छात्र को नंबर वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई करना होगा. इसके बाद वह अपनी स्कैन की गई आंसर शीट देख सकता है. अगर फिर भी किसी सवाल में गलती लगती है, तो उस सवाल की री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया जा सकता है. इसमें पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और फीस भी ऑनलाइन जमा करनी होती है. CBSE हर स्टेप की तारीख अलग से जारी करता है, इसलिए छात्रों को बोर्ड की वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखने कि सलाह दी गई है ताकि कोई जरूरी डेट मिस न हो जाए. 

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