2014 से लेकर अब तक, उत्तर भारत में कितने स्कूल हुए बंद?


भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या को लेकर नीति आयोग की एक रिपोर्ट ने बड़ी चिंता खड़ी कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले करीब 10 साल में देशभर में लगभग 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, यानी औसतन हर दिन करीब 25 स्कूल बंद हुए हैं. इसी दौरान सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बड़ी गिरावट देखी गई है. आइए जानते हैं आंकड़े क्या कहते हैं और इसके पीछे की असली वजह क्या हैं?

स्कूलों की संख्या में आई बड़ी गिरावट

नीति आयोग की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 11.07 लाख से घटकर 10.13 लाख रह गई है. यानी एक दशक के दौरान करीब 94 हजार सरकारी स्कूलों पर ताला लग गया है. वहीं इसी दौर में निजी स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है.

यह भी पढ़ें: नेपाल से कितना सोना ला सकते हैं भारत, जान लें नियम?

दाखले में भी आई है कमी

स्कूलों की संख्या घटने के साथ साथ बच्चों के दाखले में भी बड़ी गिरावट देखी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में करीब 2.26 करोड़ की कमी आई है. हालांकि स्कूल बंद होने का यह मतलब हर जगह नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है. कई इलाकों में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास के दूसरे स्कूलों के साथ मिला दिया गया है.

See also  AIIMS Nursing 2026 counselling begins: B.Sc. choice filling starts: Direct link to apply here

स्कूल बंद होने के पीछे कई वजह

सरकारी स्कूलों की संख्या घटने की सिर्फ एक वजह नहीं है. कई राज्यों में बच्चों की संख्या कम होने पर छोटे स्कूलों का दूसरे स्कूलों में मिला दिया गया है. कुछ इलाकों में जन्म दर में कमी आने से भी स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या पर असर हुई है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों से लोगों का शहरों की तरफ पलायन और निजी स्कूलों की तरफ बढ़ता रुझान भी सरकारी स्कूलों के दाखले को असरअंदाज करने वाले नजह में शामिल हो सकता है.

यह बात ध्यान में रखें

94 हजार स्कूलों का यह आंकड़ा पूरे भारत का है, सिर्फ उत्तर भारत का नहीं. इसलिए बिना आधिकारिक आंकड़ों के यह कहना सही नहीं होगा कि 2014 से अब तक अकेले उत्तर भारत में कितने स्कूल बंद हुए. पूरी तस्वीर समझने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों के अलग अलग सरकारी आंकड़ों को देखना बेहतर होगा.

निजी स्कूलों की तरफ बढ़ता रुझान

जिस दौर में सरकारी स्कूलों की संख्या कम हुई, उसी दौरान निजी स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बड़े बदलाव की तरफ इशारा करता है. हालांकि सरकारी स्कूलों के बंद होने के पीछे कम एडमिसन और जनसंख्या से जुड़े बदलाव जैसे वजह भी  जिम्मेदार हो सकते हैं, और अलग अलग राज्यों में इसकी वजह अलग भी हो सकती हैं.

यह भी पढ़ें: BRICS देशों के पास कितना पैसा, दुनिया की कितनी इकोनॉमी पर कंट्रोल?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

See also  CSIR UGC NET June exam city slip 2026 OUT at csirnet.nta.nic.in; check exam schedule



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required