संजुक्ता पराशर को क्यों कहते हैं असम की आयरन लेडी? अब मिली बड़ी जिम्मेदारी 


असम के घने जंगलों में उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान हाथ में एके-47 लेकर सुरक्षा बलों के साथ मोर्चे पर नजर आने वाली IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर अब अपने करियर की एक और अहम जिम्मेदारी संभाल रही है. 2006 बैच की असम-मेघालय कैडर की IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर को CRPF की कोबरा यूनिट का इंस्पेक्टर जनरल (IG) नियुक्त किया गया है. वह इस विशेष कमांड फोर्स का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई है. CRPF मुख्यालय की ओर से उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है. संजुक्ता पराशर ने 1996 बैच के IPS अधिकारी दानेश राणा की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है. 

क्यों कहा जाता है आयरन लेडी ऑफ असम? 

संजुक्ता पराशर के करियर का सबसे का बड़ा हिस्सा असम के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में बिता. उनकी पहली पोस्टिंग 2008 में असम के माकुम में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुई. इसके बाद वह उडालगुड़ी में तैनात हुई. जहां बोडो और दूसरे समुदायों के बीच हिंसा का दौर चल रहा था. यहां उन्होंने कानूनी व्यवस्था का काम किया. बाद में सोनितपुर में एसपी के तौर पर तैनाती के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों और पुलिस कमांडो के साथ जंगलों में उग्रवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया. इस दौरान उनकी की तस्वीर सामने आई, जिनमें वह एके-47 के साथ सुरक्षाकर्मियों के बीच ऑपरेशन में नजर आई. उनके फील्ड वर्क और उग्रवाद विरोधी अभियानों ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई. इन्हीं अभियानों में काम करने के कारण उन्हें आयरन लेडी ऑफ असम के नाम से भी जाना जाता है. वहीं  2015 के दौरान उनके नेतृत्व में कई अभियान चलाए गए. 2016 में असम-अरुणाचल सीमा के पास पुलिस सीआरपीएफ और असम राइफल्स के संयुक्त अभियानों में भी उन्होंने नेतृत्व की भूमिका निभाई. 

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NIA में भी संभाली जिम्मेदारी 

संजुक्ता पराशर का अनुभव सिर्फ फील्ड पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहा. वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के पद पर भी काम कर चुकी है. वहां उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच की. यही वजह है कि उनके करियर में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ सुरक्षा मामलों की जांच का अनुभव भी शामिल है. कोबरा जैसी विशेष यूनिट के लिए जंगलों में ऑपरेशन के साथ खुफिया जानकारी और रणनीतिक समझ भी जरूरी होती है.

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क्या है CRPF की कोबरा यूनिट?

कोबरा का पूरा नाम Commando Battalion for Resolute Action है. CRPF ने लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्म और उग्रवाद से निपटने के लिए इस विशेष कमांडो यूनिट का गठन किया था. इसके जवान घने जंगलों और कठिन इलाकों में ऑपरेशन के लिए ट्रेंड होते हैं. कोबरा की तैनाती छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में उग्रवादी विरोधी अभियानों में हो रही है

संजुक्ता का पढ़ाई में भी रहा मजबूत रिकॉर्ड 

संजुक्ता पराशर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमेन से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में हायर एजुकेशन की पढ़ाई की और एमफिल तथा एचडी पूरी की. 2006 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की. उनके सामने आईएएस का ऑप्शन भी था, लेकिन उन्होंने आईपीएस सेवा चुनी. अब करीब दो दशक की पुलिस सेवा के बाद उन्हें सीआरपीएफ की 10 बटालियन वाली कोबरा यूनिट की कमान मिली है. यह जिम्मेदारी संभालने वाली वह पहली महिला अधिकारी है.

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