लाखों अभ्यर्थियों को राहत, कलावा-मंगलसूत्र पहनकर दे सकेंगे यूपी पुलिस की परीक्षा


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • धार्मिक आस्था का सम्मान, मंगलसूत्र-कलावा हटाने की मजबूरी नहीं.
  • नकल पर सख्त कार्रवाई, स्मार्ट गैजेट्स पर कड़ी नजर.
  • कर्मचारियों को भी मोबाइल पर प्रतिबंध, पारदर्शिता सुनिश्चित.
  • सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत.

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर इस बार एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने लाखों अभ्यर्थियों के चेहरे पर राहत की मुस्कान ला दी है. हर साल बड़ी परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा जांच को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आती हैं. कहीं महिलाओं को मंगलसूत्र उतारने के लिए कहा जाता है तो कहीं हाथ में बंधा कलावा हटाने की बात होती है. ऐसे हालात में कई अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से पहले ही मानसिक दबाव में आ जाते हैं.

लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर धार्मिक आस्था का सम्मान किया जाएगा. अभ्यर्थियों को हाथ में बंधा कलावा काटने या मंगलसूत्र उतारने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. बोर्ड के इस फैसले को लेकर खासतौर पर महिला अभ्यर्थियों और धार्मिक प्रतीकों को मानने वाले उम्मीदवारों में खुशी देखी जा रही है.

परीक्षा से पहले मिली बड़ी राहत

परीक्षा देने जा रहे कई अभ्यर्थी अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि सुरक्षा जांच के दौरान कहीं उन्हें अपने धार्मिक प्रतीक न हटाने पड़ जाएं. सोशल मीडिया पर भी कई बार ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहे हैं, जिनमें परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा.

See also  DU VCIS Summer Internship 2026 registration closes today: Direct link to apply here

इसी को देखते हुए भर्ती बोर्ड ने इस बार पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कलावा, मंगलसूत्र या अन्य सामान्य धार्मिक प्रतीकों पर किसी तरह की रोक नहीं होगी. जांच प्रक्रिया के दौरान भी इन्हें हटाने के लिए नहीं कहा जाएगा. बोर्ड का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अभ्यर्थियों की भावनाओं का सम्मान करना भी जरूरी है.

लेकिन नकल करने वालों पर होगी सख्ती

जहां एक तरफ धार्मिक प्रतीकों को लेकर राहत दी गई है, वहीं दूसरी तरफ नकल करने वालों के लिए इस बार मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. भर्ती बोर्ड ने साफ संकेत दिए हैं कि परीक्षा की निष्पक्षता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

हाल के वर्षों में तकनीक का इस्तेमाल करके नकल करने के कई मामले सामने आए हैं. इसी वजह से इस बार सुरक्षा एजेंसियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि स्मार्ट गैजेट्स पर कड़ी नजर रखी जाए. खास तौर पर स्मार्ट चश्मे, इलेक्ट्रॉनिक पेन, माइक्रो डिवाइस और अन्य डिजिटल उपकरणों की गहन जांच की जाएगी.

बोर्ड का कहना है कि परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह का संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सामान मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल जरूरी दस्तावेज लेकर ही परीक्षा केंद्र पहुंचें.

यह भी पढ़ें – JEE एडवांस्ड में बिहार के शुभम कुमार ने हासिल की AIR 1, मेहनत से लिखा सफलता का नया अध्याय, जानें उनकी कहानी

कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम

इस बार सिर्फ अभ्यर्थियों पर ही नहीं, बल्कि परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों और शिक्षकों पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं. भर्ती बोर्ड के निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र के अंदर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी अपने मोबाइल फोन साथ नहीं ले जा सकेंगे. इस फैसले का मकसद परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की सूचना लीक होने या अनुचित गतिविधि को रोकना है. अधिकारियों का मानना है कि जब सभी के लिए समान नियम होंगे, तभी परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी बन सकेगी.

See also  Teaching Jobs 2026: राजस्थान में निकली टीचिंग एसोसिएट की बंपर भर्ती, 5 मई से शुरू हो रहे आवेदन

सीसीटीवी की निगरानी में होगी परीक्षा

भर्ती परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी. कंट्रोल रूम से गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियां भी लगातार निगरानी में रहेंगी. परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे.

यह भी पढ़ें – NCL में 1607 पदों पर मौका, ITI से लेकर ग्रेजुएट तक के लिए खुला रोजगार का बड़ा दरवाजा

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required