महिलाओं में स्किल अपग्रेड का क्रेज, HR 62% और हेल्थकेयर में 47% एप्लीकेशन


एक रिपोर्ट के अनुसार प्लेटफाॅर्म पर आने वाले कुल प्रोग्राम एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है. खास बात यह है कि महिलाओं की दिलचस्पी उन क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई दे रही है, जिसका सीधा संबंध लोगों और संस्थाओं से हैं. वहीं फाइनेंस टेक्नोलॉजी और स्ट्रेटजी जैसे क्षेत्रों में भी महिलाएं प्रोफेशनल लर्निंग के जरिए अपनी क्षमता बढ़ाने में रुचि दिखा रही है.

एक रिपोर्ट के अनुसार ह्यूमन रिसोर्स से मैनेजमेंट महिलाओं की सबसे मजबूत पसंद के तौर पर सामने आया है. इस क्षेत्र के कुल प्रोग्राम एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 62 फीसदी है. यानी एचआर से जुड़े प्रोग्राम्स के लिए आवेदन करने वालों में महिलाएं स्पष्ट बहुमत में है. एचआर की भूमिका भी अब सिर्फ प्रशासनिक कामकाज तक नहीं रह गई. टैलेंट, ऑर्गेनाइजेशनल कल्चर और स्ट्रेटजी जैसे क्षेत्र में इसकी भूमिका बढ़ी है.

एक रिपोर्ट के अनुसार ह्यूमन रिसोर्स से मैनेजमेंट महिलाओं की सबसे मजबूत पसंद के तौर पर सामने आया है. इस क्षेत्र के कुल प्रोग्राम एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 62 फीसदी है. यानी एचआर से जुड़े प्रोग्राम्स के लिए आवेदन करने वालों में महिलाएं स्पष्ट बहुमत में है. एचआर की भूमिका भी अब सिर्फ प्रशासनिक कामकाज तक नहीं रह गई. टैलेंट, ऑर्गेनाइजेशनल कल्चर और स्ट्रेटजी जैसे क्षेत्र में इसकी भूमिका बढ़ी है.

वहीं हेल्थ केयर मैनेजमेंट भी महिलाओं की पसंद वाले प्रमुख क्षेत्र में शामिल है. यहां कुल प्रोग्राम एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 47 फीसदी है. यह ऐसे समय में सामने आया है, जब हेल्थ केयर सेक्टर में मैनेजमेंट और प्रोफेशनल भूमिकाओं की जरूरत बढ़ रही है.

वहीं हेल्थ केयर मैनेजमेंट भी महिलाओं की पसंद वाले प्रमुख क्षेत्र में शामिल है. यहां कुल प्रोग्राम एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 47 फीसदी है. यह ऐसे समय में सामने आया है, जब हेल्थ केयर सेक्टर में मैनेजमेंट और प्रोफेशनल भूमिकाओं की जरूरत बढ़ रही है.

महिलाओं के भागीदारी सिर्फ एचआर और हेल्थ केयर तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार लीडरशिप और स्ट्रेटजी प्रोग्राम्स के कुल एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 32 फीसदी हैं, जो यह संकेत देता है कि महिलाएं अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए केवल किसी एक डोमेन की जानकारी हासिल करने पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि नेतृत्व और रणनीतिक जिम्मेदारी से जुड़ी क्षमताओं को भी मजबूत करना चाहती है.

महिलाओं के भागीदारी सिर्फ एचआर और हेल्थ केयर तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार लीडरशिप और स्ट्रेटजी प्रोग्राम्स के कुल एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 32 फीसदी हैं, जो यह संकेत देता है कि महिलाएं अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए केवल किसी एक डोमेन की जानकारी हासिल करने पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि नेतृत्व और रणनीतिक जिम्मेदारी से जुड़ी क्षमताओं को भी मजबूत करना चाहती है.

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इसी तरह फाइनेंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी दिखाई दे रही है. इन दोनों क्षेत्रों के प्रोग्राम के लिए आने वाले एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 28 फीसदी है. इन क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में कम संतुलित रहा है, ऐसे में प्रोफेशनल लर्निंग के जरिए यहां महिलाओं की मौजूदगी बढ़ना एक जरूरी पैटर्न के तौर पर सामने आया है.

इसी तरह फाइनेंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी दिखाई दे रही है. इन दोनों क्षेत्रों के प्रोग्राम के लिए आने वाले एप्लीकेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी 28 फीसदी है. इन क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में कम संतुलित रहा है, ऐसे में प्रोफेशनल लर्निंग के जरिए यहां महिलाओं की मौजूदगी बढ़ना एक जरूरी पैटर्न के तौर पर सामने आया है.

इसके अलावा भारत में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का टारगेट भी लगातार ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आ रहा है. यूनियन बजट 2025-26 में विकसित भारत के व्यापक विजन के तहत वूमेन लीड डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है और 2047 तक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने का टारगेट रखा गया है.

इसके अलावा भारत में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का टारगेट भी लगातार ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आ रहा है. यूनियन बजट 2025-26 में विकसित भारत के व्यापक विजन के तहत वूमेन लीड डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है और 2047 तक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने का टारगेट रखा गया है.

Published at : 05 Sep 2026 10:21 AM (IST)

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