ब्रिक्स समिट 2026- भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने हैं पढ़े-लिखे? जानें उनकी डिग्री


शी जिनपिंग का जन्म 15 जून 1953 को बीजिंग में हुआ था. उनके पिता शी झोंग सुन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे. 1960 के दशक में उनके पिता राजनीतिक मुश्किलों में फंस गए और परिवार को भी इसका असर झेलना पड़ा.

वहीं 1969 में करीब 15 साल की उम्र में शी जिनपिंग को चीन के ग्रामीण इलाके में भेज दिया गया. वह शान्शी प्रांत के लियांगजियाहे गांव पहुंचे. वहां उन्होंने ग्रामीण लोगों के साथ रहकर खेती और दूसरे काम किए. करीब 7 साल तक उनका जीवन गांव में रहा. इसी दौरान उनका राजनीतिक झुकाव पर बढ़ा. जनवरी 1974 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने और बाद में गांव की पार्टी शाखा के सचिव भी बने.

वहीं 1969 में करीब 15 साल की उम्र में शी जिनपिंग को चीन के ग्रामीण इलाके में भेज दिया गया. वह शान्शी प्रांत के लियांगजियाहे गांव पहुंचे. वहां उन्होंने ग्रामीण लोगों के साथ रहकर खेती और दूसरे काम किए. करीब 7 साल तक उनका जीवन गांव में रहा. इसी दौरान उनका राजनीतिक झुकाव पर बढ़ा. जनवरी 1974 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने और बाद में गांव की पार्टी शाखा के सचिव भी बने.

ग्रामीण जीवन के बाद 1975 में शी जिनपिंग ने छिंग हुआ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. उन्होंने यहां केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 1979 में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की. उनकी शुरुआत की उच्च शिक्षा का संबंध राजनीति या कानून से नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग से था.

ग्रामीण जीवन के बाद 1975 में शी जिनपिंग ने छिंग हुआ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. उन्होंने यहां केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 1979 में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की. उनकी शुरुआत की उच्च शिक्षा का संबंध राजनीति या कानून से नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग से था.

1979 में यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद शी जिनपिंग सीधे किसी बड़े राजनीतिक पद पर नहीं पहुंचे. उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री गेंग बियाओ के कार्यकाल में सचिन के तौर पर काम किया. इसके बाद उनका प्रशासनिक और राजनीतिक करियर धीरे-धीरे आगे बढ़ा. उन्होंने फुजियान, झेजियांग और शंघाई समेत कई जरूरी क्षेत्र में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली.

1979 में यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद शी जिनपिंग सीधे किसी बड़े राजनीतिक पद पर नहीं पहुंचे. उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री गेंग बियाओ के कार्यकाल में सचिन के तौर पर काम किया. इसके बाद उनका प्रशासनिक और राजनीतिक करियर धीरे-धीरे आगे बढ़ा. उन्होंने फुजियान, झेजियांग और शंघाई समेत कई जरूरी क्षेत्र में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली.

राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच शी जिनपिंग ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. 1998 से 2002 के बीच उन्होंने छिंग हुआ यूनिवर्सिटी में इन सर्विस पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की. इस दौरान उनके रिसर्च मार्क्सवादी सिद्धांत, विचारधारा और कानून से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा. इस अवधि में उन्होंने डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. उनके रिसर्च का विषय चीनी ग्रामीण बाजार व्यवस्था के विकास से जुड़ा था.

राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच शी जिनपिंग ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. 1998 से 2002 के बीच उन्होंने छिंग हुआ यूनिवर्सिटी में इन सर्विस पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की. इस दौरान उनके रिसर्च मार्क्सवादी सिद्धांत, विचारधारा और कानून से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा. इस अवधि में उन्होंने डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. उनके रिसर्च का विषय चीनी ग्रामीण बाजार व्यवस्था के विकास से जुड़ा था.

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शिक्षा पूरी करने के बाद शी जिनपिंग का राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया. 2007 में वह शंघाई के पार्टी सचिव बने और उसी साल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व में शामिल हुए. 2008 में उन्हें चीन का राष्ट्रपति बनाया गया. इसके बाद नवंबर 2012 में वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष बने. मार्च 2013 में उन्होंने चीन के राष्ट्रपति का पद संभाल.

शिक्षा पूरी करने के बाद शी जिनपिंग का राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया. 2007 में वह शंघाई के पार्टी सचिव बने और उसी साल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व में शामिल हुए. 2008 में उन्हें चीन का राष्ट्रपति बनाया गया. इसके बाद नवंबर 2012 में वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष बने. मार्च 2013 में उन्होंने चीन के राष्ट्रपति का पद संभाल.

Published at : 13 Sep 2026 10:35 AM (IST)

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