नीट पीजी में कैसे मिलेंगे नंबर? जानें 180 सवालों की मार्किंग स्कीम


नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 30 अगस्त 2026 को नीट पीजी परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा खत्म होने के बाद अब उम्मीदवारों को आंसर की का इंतजार है. NBEMS जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर आंसर की जारी कर सकता है. ऑफिशियल आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने परीक्षा में दिए गए जवाबों का मिलान NBEMS की ओर से एक्सेप्ट किए गए उत्तरों से कर सकेंगे. इसी के आधार पर वह अपने संभावित अंकों का आकलन कर पाएंगे. हालांकि अंतिम स्कोर के लिए ऑफिशियल आंसर की को ही आधार माना जाएगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि नीट पीजी के लिए नंबर कैसे मिलेंगे, इसमें 180 सवालों की मार्किंग कैसे होगी. 

180 सवालों का था पेपर 

इस साल नीट पीजी परीक्षा के पैटर्न में सवालों की संख्या कम की गई थी. परीक्षा में कुल 180 मल्टीपल चॉइस के क्वेश्चन पूछे गए थे और पूरे पेपर के लिए अधिकतम 720 अंक निर्धारित थे. इससे पहले परीक्षा में 200 सवाल होते थे. उम्मीदवार अपने संभावित अंक निकालने के लिए सही और गलत उत्तरों की संख्या के आधार पर मार्किंग स्कीम लागू कर सकते हैं. 

सही जवाब पर 4 अंक गलत पर कटेगा 1 अंक

नीट पीजी 2026 में हर सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को चार अंक मिलेंगे. वहीं गलत उत्तर देने पर एक अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी. जिन सवालों को उम्मीदवार ने छोड़ दिया है, उनके लिए कोई अंक नहीं जोड़ा जाएगा और न ही अंक काटे जाएंगे. इसका मतलब है कि उम्मीदवार सही उत्तर के कुल अंक में से गलत उत्तरों के लिए काटे गए अंक घटाकर अपने स्कोर का अनुमान लगा सकते हैं. 

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बराबर अंक आने पर ऐसे तय होगी रैंक 

अगर दो या उससे ज्यादा उम्मीदवारों के एक समान नंबर रहते हैं, तो उनकी रैंक तय करने के लिए टाई ब्रेकिंग नियम लागू किए जाएंगे. इसके लिए उम्मीदवारों के प्रदर्शन को तय क्रम में देखा जाएगा. सबसे पहले उस उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके गलत उत्तरों की संख्या कम होगी. यहां बराबरी रहती है तो सेक्शन ए में कम गलत जवाब देने वाले उम्मीदवारों की रैंक ऊपर होगी. इसके बाद जरूरत पड़ने पर सेक्शन बी, सी, डी और ई में गलत उत्तरों की संख्या को इसी क्रम में देखा जाएगा. इसके बावजूद टाई रहने पर एमबीबीएस की प्रोफेशनल परीक्षाओं में ज्यादा कुल अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी. अगर इसके बाद भी समानता बनी रहती है, तो ज्यादा उम्र वाले उम्मीदवारों को ऊपर की रैंक दी जाएगी. 

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2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी हुई 

NBEMS की परीक्षा अपडेट के अनुसार नीट पीजी 2026 के लिए 2,65,980 उम्मीदवार निर्धारित है. यह परीक्षा देश भर में 338 शहरों में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई. इनमें से 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी हुई थी. हालांकि जयपुर के सीतापुर क्षेत्र में स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली खराबी के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी. इससे प्रभावित 2,445 उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी. 

जयपुर में 5 सितंबर को होगा री-एग्जाम 

जयपुर में प्रभावित उम्मीदवारों के लिए नीट पीजी की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी. सीतापुरा स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण इन उम्मीदवारों की परीक्षा में पूरी नहीं हो पाई थी.

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