कौन है अमृत सागर चोपड़ा? जो IIT को हर साल देंगे 1 करोड़?


आईआईटी से पढ़ाई करने के बाद जब कोई छात्र अपने करियर में बड़ी सफलता हासिल करता है, तो उसके संस्थान के लिए इससे बड़ी खुशी शायद ही कुछ और हो. लेकिन कुछ पूर्व छात्र ऐसे भी होते हैं, जो सफलता के बाद अपने संस्थान को वापस कुछ देने का फैसला करते हैं. आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पूर्व छात्र अमृत सागर चोपड़ा का नाम भी इसी कड़ी में चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने तय किया है कि वह अपने जीवन काल में हर साल आईआईटी धनबाद को एक करोड़ रुपये देंगे. इससे पहले भी वह संस्थान को 3 करोड़ रुपये का योगदान दे चुके हैं. चोपड़ा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब आईआईटी धनबाद अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने के मौके पर शताब्दी समारोह मना रहा है. वहीं संस्थान की ओर से 100 वर्ष 100 करोड़ रुपये का अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें पूर्व छात्र बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अमृत सागर चोपड़ा कौन है, जो आईआईटी धनबाद को हर साल एक करोड़ रुपये देंगे.

कौन है अमृत सागर चोपड़ा?

अमृत सागर चोपड़ा आईआईटी आईएसएम धनबाद के 1961 बैच से हैं. उस समय संस्थान को इंडियन स्कूल ऑफ माइंस यानी आईएसएम धनबाद के नाम से जाना जाता था. उन्होंने यहां माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में अपने करियर में कई अलग-अलग क्षेत्र में काम किया. माइनिंग सेक्टर में काम करने के बाद उन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी कदम रखा. एंड्रयू युले एंड कंपनी में कुलेरी मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद वह आईबीएम, टीसीएस और टाटा एलेक्सी जैसी कंपनियों से जुड़े. इसके बाद 1982 में ओमान जाकर उन्होंने कंप्यूटर एजूकेशन और हेल्थकेयर सिस्टम से जुड़ा अपना संस्थान शुरू किया. 

See also  Theoretical Physicist Deepak Dhar Becomes First Indian To Win Prestigious Dirac Medal

मेडिकॉम सॉफ्टवेयर के मालिक है अमृत सागर चोपड़ा 

अमृत सागर चोपड़ा ने आगे चलकर अपनी कंपनी खड़ी की. उनकी कंपनी मेडिकॉम सॉफ्टवेयर का तैयार किया गया हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम दुनिया के 150 से ज्यादा अस्पताल में इस्तेमाल किया जा रहा है. माइन वेंटिलेशन के विषय पर भी वह किताब लिख चुके हैं.  इसके अलावा उन्हें फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर का सर्टिफिकेट मिला था. इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और फिलांथ्रोपी के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए आईआईटी धनबाद ने उन्हें स्पेशल कंटेनेरी अवाॅर्ड 2026 से भी सम्मानित किया. 

ये भी पढ़ें-DU के 91 में से 71 कॉलेजों में हॉस्टल नहीं, हजारों छात्रों को होती है परेशानी

पहले 3 करोड़ रुपये दे चुके हैं चोपड़ा 

अपने करियर में मिली सफलता का श्रेय अमृत सागर चोपड़ा अपने संस्थान और वहां के शिक्षकों को भी देते हैं. यही वजह है कि उन्होंने आईआईटी धनबाद के विकास में आर्थिक योगदान देने का फैसला किया. आईआईटी शताब्दी भवन में प्रस्तावित कन्वेंशन हॉल के लिए उन्होंने शताब्दी फंड में पहले ही 3 करोड रुपये दिए थे. अब उन्होंने इससे आगे बढ़ते हुए अपने जीवनकाल तक हर साल एक करोड़ रुपये देने का संकल्प लिया है. उनका यह योगदान संस्थान के विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए होगा. 

कई पूर्व छात्र दे रहे हैं योगदान

आईआईटी धनबाद की शताब्दी अभियान में सिर्फ अमृत सागर चोपड़ा ही नहीं, बल्कि कई पूर्व छात्र भी योगदान कर रहे हैं. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के 1962 बैच के मोहिंदर सिंह गुलाटी ने 10 करोड़ रुपये दिए हैं. वहीं 1988 बैच के संतोष चंद्र ने शताब्दी एंडोमेंट के लिए 65.5 लाख रुपये का योगदान किया है. उन्होंने यह राशि अपने माता-पिता की स्मृति में दी है. इसके अलावा अविनाश आहूजा ने 84 लाख रुपये दिए हैं. इस तरह से कई दूसरे पूर्व छात्र भी आईआईटी के लिए योगदान दे रहे हैं.

See also  UP Board Result 2026: ‘Coming soon’- Can you check result on Digilocker? When to check scorecard on upmsp.edu.in

ये भी पढ़ें-हरियाणा में 5 लाख छात्रों को मिलेंगे डेटा सिम, पढ़ाई डिजिटल करने पर जोर

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required