कौन थे R&AW के पहले चीफ? देश की खुफिया ताकत को दी नई पहचान; जानें कहां से की थी पढ़ाई


भारत की सुरक्षा की कहानी में कुछ नाम ऐसे हैं, जो परदे के पीछे रहकर भी इतिहास लिख जाते हैं. ऐसा ही एक नाम है रामेश्वर नाथ काव, जिन्हें आर.एन. काव के नाम से जाना जाता है. वे भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी R&AW के पहले प्रमुख थे. साल 1968 में जब इस एजेंसी की नींव रखी गई, तब इसकी कमान काव के हाथों में थी. 1977 तक उन्होंने इसे मजबूत दिशा दी. आज भी उन्हें R&AW का जनक कहा जाता है.

आर.एन. काव का काम, उनका अंदाज और उनकी सोच इतनी अलग थी कि वे बिना चर्चा में आए देश के लिए बड़े फैसले लेते रहे. वे बेहद शांत, सधे हुए और निजी जीवन में बहुत सरल व्यक्ति माने जाते थे. रिटायरमेंट के बाद तो वे सार्वजनिक जगहों पर बहुत कम दिखाई दिए. लेकिन देश की सुरक्षा व्यवस्था में उनका योगदान हमेशा याद किया जाता है.

बनारस से शुरू हुई पढ़ाई

रामेश्वर नाथ काव का जन्म 10 मई 1918 को उत्तर प्रदेश के बनारस में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था. उनका परिवार मूल रूप से कश्मीर के श्रीनगर इलाके से आया था. बचपन में ही उनके चाचा पंडित त्रिलोकीनाथ काव ने उनकी परवरिश की और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया.

काव की शुरुआती पढ़ाई बड़ौदा शहर में हुई. वहीं से उन्होंने 1932 में मैट्रिक और 1934 में इंटरमीडिएट पास किया. इसके बाद वे लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां से 1936 में उन्होंने बीए की डिग्री ली. पढ़ाई के प्रति उनका लगाव यहीं नहीं रुका. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एमए किया. यह वह दौर था, जब देश आजादी की ओर बढ़ रहा था और युवा पीढ़ी नई सोच के साथ आगे आ रही थी.

See also  Maharashtra HSC Board Result 2026: How to check Maharashtra HSC 12th Board Result at Digilocker, mahahsscboard.in, results.digilocker.gov.in

यह भी पढ़ें- RPSC: कब और कैसे शुरू हुआ था RPSC? कौन थे पहले अध्यक्ष, जानिए रोचक इतिहास

नौकरी की शुरुआत और खुफिया दुनिया में कदम

पढ़ाई पूरी करने के बाद काव ने सरकारी सेवा में कदम रखा. वे एक पुलिस अधिकारी और बाद में खुफिया अधिकारी बने. उनकी सूझबूझ, शांत स्वभाव और गहरी समझ ने उन्हें जल्दी ही खास पहचान दिला दी. वे प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निजी सुरक्षा प्रमुख भी रहे. बाद में प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी उन्होंने काम किया.

काव ने केवल R&AW ही नहीं बनाई, बल्कि एविएशन रिसर्च सेंटर (ARC) और ज्वाइंट इंटेलिजेंस कमेटी जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों की स्थापना में भी भूमिका निभाई. वे कैबिनेट सचिवालय में सचिव (रिसर्च) के पद पर रहे, जो उस समय बेहद अहम जिम्मेदारी मानी जाती थी.

R&AW की स्थापना

1968 में भारत सरकार ने एक अलग बाहरी खुफिया एजेंसी बनाने का फैसला लिया. उस समय इसकी जिम्मेदारी आर.एन. काव को दी गई. उन्होंने इस एजेंसी को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर मजबूत ढांचा दिया. उन्होंने ऐसे सिस्टम बनाए, जो देश के बाहर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख सकें और समय रहते सही जानकारी सरकार तक पहुंचा सकें.

यह भी पढ़ें- क्या है देश के सबसे पहले IPS का नाम, जानें उन्हें कितनी मिली थी पहली सैलरी?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

See also  इंजीनियरों के लिए इफको में नौकरी पाने का शानदार मौका, जानें कितना मिलेगा वेतन?

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required