कॉलेज ड्रॉपआउट कर बने सुपरस्टार और अब तमिलनाडु के किंग, जानें कितने पढ़े-लिखे हैं थलापति विजय?


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  • अभिनेता विजय की पार्टी TVK शुरुआती रुझानों में आगे.
  • सत्तारूढ़ DMK पीछे, विजय की लोकप्रियता वोट में बदली.
  • विजय ने विजुअल कम्युनिकेशन की पढ़ाई बीच में छोड़ी.
  • फिल्मों में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित.

तमिलनाडु की राजनीति में इस बार एक अलग ही तस्वीर दिख रही है. शुरुआती मतगणना रुझानों में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने तेज बढ़त लेकर सबका ध्यान खींच लिया है. कई सीटों पर TVK आगे चल रही है, जबकि सत्तारूढ़ DMK पीछे दिखाई दे रही है. चुनावी नतीजों के इस माहौल के बीच थलापति विजय की पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानते हैं.

थलापति विजय का असली नाम जोसफ विजय चंद्रशेखर है. वह तमिलनाडु में सिर्फ सिनेमा का नाम नहीं, बल्कि राजनीति की नई ताकत बनकर उभर रहे हैं. लेकिन उनकी जिंदगी का एक दिलचस्प सच यह भी है कि उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी.

स्कूल से कॉलेज तक का सफर

विजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के फातिमा स्कूल, कोडंबक्कम से की. इसके बाद उन्होंने बालालोक स्कूल, विरुगंबक्कम से स्कूली शिक्षा पूरी की. पढ़ाई में वे ठीक थे, लेकिन उनका मन किताबों से ज्यादा मंच और कैमरे की तरफ लगता था. अभिनय उनके घर के माहौल में भी था, क्योंकि उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर फिल्म निर्देशक हैं. स्कूल के बाद विजय ने चेन्नई के मशहूर लोयोला कॉलेज में विजुअल कम्युनिकेशन कोर्स में दाखिला लिया. यह वही समय था जब उनके अंदर का कलाकार तेजी से जाग रहा था.

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क्यों छोड़ दी कॉलेज की पढ़ाई?

कॉलेज के दिनों में ही विजय का झुकाव पूरी तरह फिल्मों की ओर हो गया. शूटिंग, ऑडिशन और फिल्मों के मौके बढ़ने लगे. ऐसे में पढ़ाई और अभिनय साथ-साथ चलाना मुश्किल हो गया. विजय ने बड़ा फैसला लिया और उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया और पूरा ध्यान फिल्मों पर लगा दिया.

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फिल्मों में मेहनत, पहचान और स्टारडम

विजय ने एक-एक फिल्म से अपनी पहचान बनाई. उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए. आज वे दक्षिण भारत के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले अभिनेताओं में गिने जाते हैं. उनकी लोकप्रियता सिर्फ सिनेमा हॉल तक सीमित नहीं रही. युवाओं में उनकी पकड़, संवाद बोलने का अंदाज और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बात करना उन्हें आम लोगों के बीच खास बनाता गया.

मानद डॉक्टरेट से सम्मान

भले ही विजय अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए, लेकिन उनके काम को नजरअंदाज नहीं किया गया. साल 2007 में डॉ. एम.जी.आर. शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान ने उन्हें फिल्म उद्योग में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया.

अब राजनीति में नई पारी

फिल्मों के बाद विजय ने राजनीति में कदम रखा और अपनी पार्टी TVK बनाई. लोगों ने इसे पहले एक प्रयोग माना, लेकिन अब चुनावी रुझान बता रहे हैं कि यह प्रयोग असर दिखा रहा है. कई सीटों पर बढ़त ने यह साफ कर दिया है कि विजय की लोकप्रियता वोट में बदलती दिख रही है.

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