UPTET में 62,000 शिक्षक फेल, क्या चली जाएगी इनकी नौकरी? 


उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद करीब 62,000 सेवारत शिक्षकों के सामने नौकरी को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. परीक्षा में 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी सफल हुए, लेकिन सरकारी स्कूलों में पहले से कार्यरत 2,68,799 शिक्षकों में से 62,028 शिक्षक यूपीटीईटी पास नहीं कर पाए. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि परीक्षा में असफल होने के बाद क्या इन शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि यूपीटीईटी में शिक्षकों के फेल होने पर क्या उनकी नौकरी चली जाएगी 

यूपीटीईटी में 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी सफल

यूपीटीईटी 2026 के प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 7,13,648 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 5,71,435 ने सफलता हासिल की. प्राथमिक स्तर पर पास प्रतिशत 80.07 फीसदी रहा. वहीं उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 10,57,021 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और इनमें से 7,59,513 अभ्यर्थी सफल हुए. इस स्तर पर पास प्रतिशत 71.85 फीसदी रहा. परीक्षा में शामिल सेवारत शिक्षकों की बात करें, तो प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 2,68,799 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी थी. इनमें से 2,06771 शिक्षक पास हुए, जबकि 62,028 परीक्षा में सफल नहीं हो सके. 

प्राथमिक स्तर पर कितने शिक्षक फेल हुए?

प्राथमिक स्तर पर परीक्षा देने वाले 1,22,405 सेवारत शिक्षकों में से 93,387 सफल हुए. इस स्तर पर शिक्षकों की सफलता दर 76.29 प्रतिशत रही. वहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर 1,46,394 कार्यरत शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए थे. इनमें 1,13,384 ने परीक्षा पास की. यहां सफलता दर 77.45 की फीसदी रही. दोनों स्तरों को मिलाकर 62,028 सेवारत शिक्षक यूपीटीईटी पास नहीं कर पाए. 

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क्या UPTET में फेल होने से तुरंत चली जाएगी नौकरी?

UPTET में असफल हुए शिक्षकों के लिए यह समझना जरूरी है कि परीक्षा में फेल होने से सभी शिक्षकों की नौकरी तुरंत समाप्त नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में टीईटी को लेकर निर्देश दिए थे. इसके तहत आरटीई के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी को जरूरी बताया गया था. इसके अलावा प्रमोशन चाहने वाले सेवारत शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से ज्यादा समय बचा है, उन्हें सेवा में रहने के लिए निर्धारित अवधि के अंदर टीईटी पास करना होगा. वहीं जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से कम समय बचा है, वह बिना टीईटी पास किए सेवानिवृत्ति तक सेवा में रह सकते हैं. लेकिन उन्हें प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा. इसलिए यूपीटीईटी में फेल होने वाले सभी 62,000 शिक्षकों पर नौकरी जाने का खतरा एक जैसा नहीं है. इसका असर संबंधित शिक्षक की नियुक्ति, सेवा के बचे वर्षों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत उनकी स्थिति पर निर्भर करेगा.

31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करने का मौका 

काम कर रहे शिक्षकों के लिए टीईटी पास करने की समय सीमा भी जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पात्रता पूरी करने का अवसर दिया है. ऐसे में यूपीटीईटी 2026 परीक्षा में असफल रहे उम्मीदवार आगे परीक्षा में शामिल होकर पात्रता हासिल कर सकते हैं. अगर कोई शिक्षक निर्धारित समय सीमा के अंदर टीईटी पास नहीं करता तो उसकी सेवा पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार असर पड़ सकता है, हालांकि केवल यूपीटीईटी 2026 में फेल होने के आधार पर तत्काल नौकरी समाप्त होने की स्थिति नहीं बनती है.

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