Shahdol School Video | Students Cleaning School Roof Without Safety


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17 मिनट पहले

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मप्र के शहडोल जिले के गोरतरा गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। काम के दौरान स्कूल भवन पर काई जमी हुई थी। साथ ही छत पर चढ़ने-उतरने के लिए कोई सुरक्षित इंतजाम भी नजर नहीं आ रहा है।

ऊंचाई पर काई में चढ़ते बच्चे नजर आए

ये वीडियो शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। बारिश की वजह से स्कूल बिल्डिंग में काई जमी नजर आ रही है लेकिन बच्चों को को ऊंचाई पर चढ़ाकर सफाई का काम करवाया जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों के पेरेंट्स और ग्रामीणों ने स्कूल पर नाराजगी जताई है।

वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय ने कहा है कि जांच कराई जाएगी।

बिहार में बच्चे कुदाल से सफाई कर रहे थे

हाल ही में बिहार के एक स्कूल का भी वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में बिहार के सरकारी स्कूल में पढ़ाई के समय बच्चों से सफाई करवाई जा रही है। इस वीडियो में बच्चे कुदाल लेकर सफाई कर रहे हैं। जबकि स्कूल में उस समय क्लासेज चल रही है।

ये घटना मध्य विद्यालय कोकला की है। वहीं बच्चे ये सफाई हेडमास्टर के कहने पर कर रहे थे।

टॉयलेट की सफाई कर रहे हैं बच्चे

वहीं 27 अगस्त को मंडला जिले के मवई विकासखंड के प्राइमरी स्कूल का एक वीडियो सामने आया था। इसमें बच्चे पढ़ाई के बजाय स्कूल परिसर और टॉयलेट की सफाई करते दिख रहे हैं। कुछ क्लासेज में झाड़ू लगाते हुए नजर आ रहे हैं।

शिक्षकों को नोटिस जारी किया

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बच्चों से टॉयलेट और क्लासेस की सफाई कराए जाने पर गंभीर सवाल भी उठे। स्कूलों में साफ-सफाई के लिए पर्याप्त पैसा अलॉट किया जाता है इसके बावजूद भी बच्चों से यह काम कराया जा रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है और चार शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

ऐसे इसके साथ ही हाल ही में एक ओर वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें सभी बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में हैं और मजदूरों के साथ मिलकर रेत उठा रहे हैं।

6- 14 साल तक के बच्चों को पढ़ने के अधिकार

6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक अधिकार है। RTE एक्ट इसी अधिकार को लागू करता है। यदि बच्चों को पढ़ाई के बजाय नियमित किसी काम में लगाया जा रहा है, तो यह उनके शिक्षा के अधिकार के भी विरुद्ध जा सकता है। गलती की सजा के तौर पर भी बच्चों से स्कूल में काम नहीं करवाया जा सकता। ऐसा करने पर RTE Act धारा 17 के तहत केस हो सकता है।

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