RPSC परीक्षा में बड़ा बदलाव, AI से जांची जाएंगी कॉपियां


राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC परीक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की तैयारी में जुट गया है. आयोग के अध्यक्ष ने इंटरनल ऑडिट करवाकर परीक्षा सिस्टम की कमियों और कमजोर कड़ियों को चिन्हित किया है. इसके आधार पर अब एक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर खास जोर दिया गया है.

सबसे बड़ा बदलाव उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर है. आने वाले समय में AI की मदद से कॉपियों की जांच और मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा सटीक बनाने की तैयारी है. इसका मकसद मानवीय गलती की गुंजाइश कम करना और कॉपियों की जांच में एक जैसी प्रक्रिया अपनाना है.

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AI से खत्म होगी मूल्यांकन में गलती की आशंका

AI आधारित सिस्टम से उत्तर पुस्तिकाओं में दिए गए जवाबों को तकनीकी तरीके से पढ़ने और उनका विश्लेषण करने में मदद मिलेगी. इससे मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज करने के साथ-साथ गड़बड़ी की आशंका भी कम की जा सकेगी. हालांकि, अंतिम व्यवस्था किस तरह लागू होगी और किन परीक्षाओं में पहले इसका इस्तेमाल होगा, इसे लेकर आयोग की ओर से विस्तृत प्रक्रिया तय की जाएगी।

इंटरनल ऑडिट से दूर होंगी सिस्टम की कमियां 

RPSC की परीक्षा व्यवस्था में सिर्फ कॉपी जांच ही नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़े दूसरे चरणों को भी ज्यादा सुरक्षित बनाने पर काम किया जा रहा है. इंटरनल ऑडिट के जरिए सिस्टम में मौजूद कमियों को सामने लाकर उन्हें दूर करने की योजना बनाई गई है. दरअसल, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा सबसे अहम है. ऐसे में AI और दूसरी तकनीकों के इस्तेमाल से आयोग परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत बनाना चाहता है. खास बात यह है कि अब कॉपियों की जांच में इंसानी प्रक्रिया के साथ AI का तकनीकी सपोर्ट भी जोड़ा जाएगा, जिससे लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया में ज्यादा भरोसा कायम करने की कोशिश होगी.

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