OMR में 305 नंबर, रिजल्ट में सिर्फ 64! NEET रिजल्ट की कहां करें शिकायत, क्या दोबारा होगी जांच?


NEET OMR Sheet Controversy:  री-नीट 2026 का रिजल्ट का 16 जुलाई को जारी होने के बाद से ही रिजल्ट को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही है. वहीं अब तक भी यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. रिजल्ट को लेकर मध्य प्रदेश के छात्र ने अपने अंको पर सवाल उठाते हुए संबंधित हाई कोर्ट का रुख किया है. छात्र का दावा है कि आधिकारिक ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की के आधार पर उसके अंक कहीं ज्यादा बनते हैं, लेकिन एनटीए की ओर से जारी रिजल्ट में काफी कम अंक दिए गए हैं. इस बीच कई अभ्यर्थियों के मन में कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर रिजल्ट या ओएमआर शीट में किसी तरह की गड़बड़ी नजर आए तो शिकायत कहां करें और क्या दोबारा जांच कराई जा सकती है. 

मध्य प्रदेश के छात्र ने लगाया 241 अंकों के अंतर का आरोप 

मध्य प्रदेश के झाबुआ निवासी छात्र लोकेंद्र सिंह खड़िया ने इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. छात्र का दावा है कि एनटीए की ऑफिशियल ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की के अनुसार उसे फिजिक्स में 104, केमिस्ट्री में 125 और बायोलॉजी में 76 अंक मिलने चाहिए थे. इसी हिसाब से उसके कुल अंक 305 बनते हैं, लेकिन 16 जुलाई को घोषित परिणाम में उसे सिर्फ 64 अंक दिए गए हैं, यानी उसके अनुसार 241 अंको का अंतर है. याचिका में कहा गया है कि 14 जुलाई को जब एनटीए ने ओएमआर शीट पोर्टल पर अपलोड की तो पहली बार लॉगिन करने पर फिजिक्स और केमिस्ट्री सेक्शन के जवाब खाली दिखाई दिए. कुछ देर बाद दोबारा लॉगिन करने पर दूसरी ओएमआर शीट दिखाई दी, जिसमें सभी उत्तर दर्ज थे. छात्र ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए और ओएमआर डेटा प्रोसेसिंग मूल्यांकन या रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में गंभीर त्रुटि का आरोप लगाया है. 

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हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब 

मामले की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. अब इस मामले में अगले सुनवाई 28 जुलाई को होगी. इस याचिका में केवल अंकों की कथित गड़बड़ी का मुद्दा ही नहीं उठाया गया, बल्कि एनटीए की कानूनी और संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि एनटीए संसद की ओर से बनाई गई वैधानिक संस्था नहीं है, बल्कि सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत रजिस्टर्ड एक समिति है, इसलिए उसकी कानूनी स्थिति की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए.  

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गड़बड़ी होने पर कहां कर सकते हैं शिकायत? 

अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि उसके ओएमआर शीट और रिजल्ट में अंतर है, तो सबसे पहले उसे एनटीए की ऑफिशियल ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की के आधार पर अपने अंक दोबारा मिलाने चाहिए. अगर इसके बाद भी अंतर दिखाई दे तो संबंधित डॉक्यूमेंट सुरक्षित रखना जरूरी है. वहीं एनटीए उम्मीदवारों की शिकायत अपने आधिकारिक शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से स्वीकार करता है.

अभ्यर्थी एनटीए की वेबसाइट पर उपलब्ध ग्रीवेंस पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा एनटीए की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भी पूरी जानकारी और जरूरी डॉक्यूमेंट भेजे जा सकते हैं. अगर इससे शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो उम्मीदवार केंद्रीय लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. नीट, जेईई और यूजीसी नेट जैसी परीक्षाओं के लिए एनटीए हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध रहती है. जहां आवेदन संख्या के साथ समस्या दर्ज कराई जा सकती है. 

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क्या दोबारा हो सकती है जांच? 

अगर उम्मीदवार के पास ओएमआर शीट, फाइनल आंसर की और स्कोर कार्ड के बीच अंतर का डॉक्यूमेंट प्रमाण हो तो वह एनटीए से स्वतंत्र सत्यापन की मांग कर सकता है. ऐसे मामलों में उम्मीदवार मूल्यांकन प्रक्रिया, ओएमआर डेटा और अंक गणना की जांच का अनुरोध कर सकते हैं. अगर एनटीए से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और मामला एडमिशन को प्रभावित करता है, तो अभ्यर्थी कोर्ट का भी रुख कर सकते हैं. 

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