International Career Opportunities: इन यूनिवर्सिटीज से किया UG तो विदेश में पक्की है नौकरी! जानिए कैसे मिलेगा एडमिशन?


International Career Opportunities: आज के दौर में ज्यादातर छात्र 12वीं के बाद ऐसी यूनिवर्सिटी की तलाश करते हैं, जहां पढ़ाई करने के बाद उन्हें विदेश में नौकरी के बेहतर मौके मिल सके. अब सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं माना जाता है, बल्कि स्टूडेंट्स ऐसे इंस्टीट्यूट को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनकी ग्लोबल पहचान मौजूद मजबूत हो, इंडस्ट्री कलेक्शन अच्छे हो और जहां से इंटरनेशनल प्लेसमेंट या विदेशी कंपनियों में काम करने का रास्ता आसान बन सके, भारत में भी ऐसे कई संस्थान मौजूद है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप किन यूनिवर्सिटी से यूजी करेंगे तो विदेश में नौकरी पक्की हो जाएगी और इसमें एडमिशन कैसे मिलेगा. 

IIT और टॉप टेक संस्थानों से विदेश में नौकरी के ज्यादा मौके

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आईआईटी को सबसे मजबूत ऑप्शन माना जाता है. खासतौर पर आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर और आईआईटी खड़गपुर के छात्रों को अमेरिका, कनाडा, यूरोप, जापान और सिंगापुर के कंपनियों में नौकरी के अवसर मिलते हैं. इन इंस्टीट्यूट की खासियत यह है कि यहां रिसर्च टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा फोकस किया जाता है. कई मल्टी नेशनल कंपनियां सीधे केंपस प्लेसमेंट के जरिए छात्रों को भर्ती करती है. 

क्यूएस रैंकिंग में भी चमके भारतीय इंस्टीट्यूट

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत की रिकॉर्ड 54 यूनिवर्सिटी शामिल हुई है. भारत दुनिया का चौथा सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला देश बन गया है. रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली 123 वें स्थान पर रही है. आईआईटी बॉम्बे 129वें और आईआईटी मद्रास 180 वें स्थान पर पहुंचा. आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बैंगलोर भी टॉप 250 में शामिल है. इसके अलावा दिल्ली यूनिवर्सिटी, अन्ना यूनिवर्सिटी और जेएनयू यूनिवर्सिटी ने भी एशिया और दुनिया की रैंकिंग में अपनी मजबूती दर्ज कराई है. 

See also  CBSE साइबर केस में नया मोड़! 19 वर्षीय हैकर निसर्ग को IIT टीम में बुलाने का दावा

विदेश में पढ़ाई के लिए यूके की यूनिवर्सिटीज भी टॉप पर 

अगर छात्र सीधे विदेश जाकर यूजी करना चाहते हैं तो यूनाइटेड किंगडम की कई यूनिवर्सिटीज स्टूडेंट सपोर्ट, प्लेसमेंट और इंटरनेशनल एक्सपोजर के लिए जानी जाती है. इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग और यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक शामिल है. इन यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले छात्रों को इंटर्नशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट और ग्लोबल कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिलता है. यूके के अलावा अमेरिका, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और कनाडा की यूनिवर्सिटीज में भी जाकर यूजी कोर्स कर सकते हैं और विदेश में नौकरी कर सकते हैं. 

ये भी पढ़ें-HBSE 10th Result 2026: हरियाणा बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, 89.60% स्टूडेंट हुए पास; ऐसे चेक करें अपना स्कोर

किन कोर्स में विदेश में नौकरी की सबसे ज्यादा डिमांड?

विदेश में नौकरी पाने के लिए सिर्फ यूनिवर्सिटी ही नहीं बल्कि सही कोर्स चुनना भी जरूरी माना जाता है. टेक्नोलॉजी, डाटा, हेल्थ केयर और बिजनेस से जुड़े कोर्स की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी डिमांड है. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्र तेजी से बढ़ रहे हैं. अमेरिका, कनाडा जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में आईटी प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बनी हुई है. वही डाटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग, इंजीनियर और एआई इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल्स को दुनिया भर में हाई पैकेज पर नौकरी मिल रही है. इसके अलावा फाइनेंशियल एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट और इन्वेस्टमेंट सेक्टर में भी विदेशी कंपनियों में अच्छे अवसर मिलते हैं.

ये भी पढ़ें-WB WBCHSE HS Result 2026: पश्चिम बंगाल बोर्ड 12वीं की परीक्षा में अद्रित पाल ने किया टॉप, इस लिंक से फटाफट चेक करें अपना रिजल्ट

See also  Bihar government, BIT-Mesra extend BIT-Patna off-campus centre agreement till 2030 | Education News

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required