Girls Dropped Out Rate India: रुपयों की कमी से हर साल इतनी बच्चियां छोड़ रहीं पढ़ाई! जानें किस राज्य में सबसे ज्यादा संख्या?


Girls Dropped Out Rate India : भारत में आज भी लाखों बच्चे ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी, घरेलू जिम्मेदारियों और सामाजिक समस्याओं की वजह से स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं. इसमें सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल छोड़ रही हैं. कई मामलों में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति, घर का काम, छोटी उम्र में जिम्मेदारियां और स्कूल तक पहुंच की परेशानी उनकी पढ़ाई रुकने की वजह बन रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2022-23 से 2023-24 के बीच देशभर में लाखों बच्चों ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर स्कूल छोड़ दिया. इनमें लड़कों की संख्या ज्यादा है, लेकिन कई राज्यों में लड़कियों के पढ़ाई छोड़ने की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि रुपयों की कमी से हर साल कितनी बच्चियां पढ़ाई छोड़ रही हैं और किस राज्य में सबसे ज्यादा संख्या है. 

किन राज्यों में सबसे ज्यादा बच्चे छोड़ रहे पढ़ाई?

रिपोर्ट के अनुसार, बिहार देश में सबसे ज्यादा ड्रॉपआउट वाले राज्यों में सबसे ऊपर है. यहां करीब 27 लाख से ज्यादा बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया. इसके बाद राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों का नाम सामने आया है. वहीं सबसे ज्यादा ड्रॉपआउट वाले राज्यों में बिहार 27.69 लाख, राजस्थान 8.99 लाख उत्तर प्रदेश 7.41 लाख, मध्य प्रदेश  3.37 लाख और असम  3.58 लाख शामिल है. इन राज्यों में आर्थिक स्थिति, ग्रामीण इलाकों की समस्याएं और शिक्षा तक सीमित पहुंच को बड़ा कारण माना जा रहा है. 

See also  How To Start Learning Coding: Coding सीखने की सही शुरुआत कैसे करें, यह किस उम्र में सीखना सही?

रुपयों की कमी से हर साल कितनी बच्चियां पढ़ाई छोड़ रही हैं?

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के एक सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में लड़कियों की पढ़ाई घरेलू कामों की वजह से छूट रही है. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 33 प्रतिशत लड़कियां घर के कामकाज के कारण स्कूल छोड़ने को मजबूर हुईं. कई जगहों पर लड़कियों को छोटे भाई-बहनों की देखभाल करनी पड़ती है. वहीं कुछ परिवार आर्थिक मजबूरी में बच्चियों को मजदूरी या घरों में काम करने भेज देते हैं. ग्रामीण इलाकों में जल्दी शादी भी लड़कियों की पढ़ाई रुकने का एक बड़ा कारण माना जाता है. 

किस राज्य में सबसे ज्यादा संख्या है?

उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर लड़कियों का ड्रॉपआउट प्रतिशत लड़कों से ज्यादा दर्ज किया गया. खासकर कक्षा 6 से 8 के बीच बड़ी संख्या में लड़कियां पढ़ाई छोड़ रही हैं. इसके अलावा राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में भी मुस्लिम और आदिवासी समुदाय की बच्चियों में ड्रॉपआउट दर ज्यादा पाई गई. 

यह भी पढ़ें – एक दिन में कितना तेल बेच सकता है पेट्रोल पंप, क्या इसका भी होता है कोटा?

किन राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया?

रिपोर्ट में कुछ राज्यों ने बेहतर स्थिति भी दिखाई. जिसमें केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पढ़ाई छोड़ने के आंकड़े बेहद कम या शून्य बताए गए हैं, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन आंकड़ों की दोबारा जांच की जरूरत भी हो सकती है फिर भी इन राज्यों में शिक्षा व्यवस्था, जागरूकता और सरकारी योजनाओं का असर बेहतर माना जा रहा है. 

See also  MP opens applications for study abroad scholarship scheme until May 25 for Master's and PhD students

सरकार ने क्या सुझाव दिए हैं?

केंद्र सरकार ने ज्यादा ड्रॉपआउट वाले राज्यों को विशेष कदम उठाने की सलाह दी है. इसके तहत स्कूलों में बच्चों की नियमित निगरानी, गरीब छात्रों को आर्थिक सहायता, लड़कियों के लिए विशेष योजनाएं, ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्कूल सुविधा और ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ना जैसे कदमों पर जोर दिया जा रहा है. 

यह भी पढ़ें – UCC in India: अब तक कितने राज्यों में लागू हो चुका है UCC? यहां देख लें पूरी लिस्ट

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required