DU UG एडमिशन 2026 शुरू, CBSE री इवैल्यूएशन छात्रों को राहत


इस बार भी यूनिवर्सिटी में दाखिला केवल CUET UG 2026 के स्कोर के आधार पर होगा. DU के 67 कॉलेजों में 73 अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम और 100 से ज्यादा बीए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन में एडमिशन दिए जाएंगे.

री-इवैल्यूएशन कराने वाले CBSE छात्रों के लिए राहत

दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन हनीत गांधी ने कहा है कि जिन CBSE कक्षा 12 के छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है लेकिन अभी तक उनके नए  नंबर नहीं मिले हैं, वे फिलहाल CSAS पोर्टल पर अपने पुराने यानी री-इवैल्यूएशन से पहले वाले नंबर ही भरें.उन्होंने कहा कि जैसे ही री-इवैल्यूएशन का अपडेटेड नया रिजल्ट आएगा, छात्र अपने अंक पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे. छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.क्योंकि CSAS पोर्टल कई सप्ताह तक खुला रहेगा और उन्हें बदलाव करने के लिए समय मिलेगा.

रजिस्ट्रेशन में क्या नया है?

इस साल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाया गया है. छात्र का नाम, जन्मतिथि, फोटो, हस्ताक्षर, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी CUET पोर्टल से अपने आप CSAS फॉर्म में आ जाएगी. इन जानकारियों में बदलाव नहीं किया जा सकेगा.रजिस्ट्रेशन के लिए छात्रों को अपना CUET आवेदन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी. इसके बाद मोबाइल या ईमेल पर आए OTP से लॉगिन करना होगा.

रजिस्ट्रेशन फीस

UR, OBC-NCL और EWS: 250 रुपये
SC, ST और PwBD: 100 रुपये

दो चरणों में होगी दाखिले की प्रक्रिया

  • पहले चरण में छात्रों को CSAS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा.
  • दूसरे चरण में CUET का परिणाम आने के बाद छात्र अपनी पसंद के कोर्स और कॉलेज चुनेंगे. 
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जितने ज्यादा कोर्स और कॉलेज के विकल्प छात्र भरेंगे, सीट मिलने की संभावना उतनी ज़्यादा  रहेगी.

सब्जेक्ट मैपिंग जरूरी

छात्रों को CUET में दिए गए विषयों को कक्षा 12 में पढ़े गए विषयों से मिलाना होगा. गलत सब्जेक्ट मैपिंग होने पर संबंधित कोर्स की पात्रता प्रभावित हो सकती है. जनरल टेस्ट किसी विषय से मैप नहीं होगा.

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मार्क्स भरते समय रखें सावधानी

कक्षा 10 और 12 के अंक सावधानी से भरने होंगे. अगर किसी विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल के अलग-अलग अंक हैं तो दोनों अलग-अलग दर्ज करने होंगे. टाई-ब्रेक की स्थिति में यही अंक आधार बनेंगे.दस्तावेज अपलोड करने के नियमछात्रों को सभी जरूरी दस्तावेज साफ और सही फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे. आरक्षण से जुड़े प्रमाणपत्रों में नाम वही होना चाहिए जो स्कूल रिकॉर्ड और CUET आवेदन में दर्ज है. गलत या फर्जी दस्तावेज मिलने पर दाखिला रद्द किया जा सकता है और फीस वापस नहीं होगी.

एक बार प्रोफाइल लॉक होने के बाद बदलाव नहीं

यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि प्रोफाइल सेक्शन जमा करके लॉक करने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा. इसलिए फाइनल सबमिट से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांच लेने की सलाह दी गई है.

कॉलेज और कोर्स की पसंद सोच-समझकर भरें

छात्र अपनी पात्रता के अनुसार जितने चाहें उतने कोर्स और कॉलेज चुन सकते हैं. एक बार प्रेफरेंस भरने की समय सीमा खत्म होने के बाद नए विकल्प जोड़ने या हटाने की इजाज़त नहीं होगी. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे दाखिले से जुड़ी सभी जानकारी, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आगे की समय-सारिणी के लिए नियमित रूप से CSAS पोर्टल और DU की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें.

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