CBSE Class 9 New Books 2026: CBSE-NCERT का बड़ा कदम, 9वीं की मैथ्स-साइंस की नई किताबों के लिए टीचर्स की खास ट्रेनिंग शुरू


CBSE Class 9 New Books 2026 : नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और NCF-SE 2023 के तहत स्कूल शिक्षा में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं. इसी दिशा में अब कक्षा 9 की नई  मैथ्स और साइंस की किताबों को प्रभावी तरीके से पढ़ाने की तैयारी भी शुरू हो गई है. इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के साथ मिलकर शिक्षकों के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन वर्कशॉप आयोजित की, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई किताबों की संरचना, पढ़ाने के तरीके और कक्षा में उनके बेहतर यूज के बारे में जानकारी देना था, जिससे छात्र नए पाठ्यक्रम को आसानी से समझ सकें. 

दिल्ली में आयोजित हुई शिक्षकों की ओरिएंटेशन वर्कशॉप

CBSE और NCERT की ओर से यह ओरिएंटेशन वर्कशॉप नई दिल्ली के द्वारका स्थित CBSE इंटीग्रेटेड ऑफिस कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई. इसमें CBSE से संबद्ध स्कूलों के कुल 110 शिक्षकों ने हिस्सा लिया. इनमें 58 मैथ्स के शिक्षक और 52 साइंस के शिक्षक शामिल थे. इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के प्रतिनिधि भी इस वर्कशॉप का हिस्सा बने. 

वर्कशॉप में शिक्षकों को क्या सिखाया गया?

वर्कशॉप के सभी सत्र NCERT के विशेषज्ञों ने संचालित किए. उन्होंने नई  मैथ्स और साइंस की किताबों के पीछे की सोच, उनकी संरचना और कक्षा में उन्हें प्रभावी ढंग से पढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि छात्रों को केवल रटने की जगह विषयों को समझने और उन्हें असली लाइफ से जोड़कर सीखने के लिए कैसे प्रेरित किया जाए.

See also  IIM Kozhikode launches a 20-week executive programme in Product Innovation with AI & Agentic AI

यह भी पढ़ें – UGC NET June 2026 Answer Key: NTA कभी भी जारी कर सकता है UGC NET जून परीक्षा की आंसर-की, ऐसे करें डाउनलोड

इन विषयों पर रहा खास फोकस

वर्कशॉप के दौरान शिक्षकों को कम्पीटेंसी आधारित शिक्षण (Competency-Based Learning) के बारे में जानकारी दी गई. इसके साथ ही एक्सपीरियंस आधारित शिक्षण (Experiential Learning) के जरिए किताबों के विषयों को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने पर जोर दिया गया. छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए समस्या समाधान (Problem-Solving Skills) की तकनीकों पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा समग्र मूल्यांकन (Holistic Assessment) के तरीकों को भी समझाया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप हैं. 

मास्टर ट्रेनर बनकर आगे बढ़ाएंगे नई शिक्षा व्यवस्था

CBSE के अनुसार, इस वर्कशॉप का उद्देश्य शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करना है. ये प्रशिक्षित शिक्षक आगे चलकर CBSE से संबद्ध स्कूलों में नए पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करेंगे. बोर्ड का कहना है कि इस प्रशिक्षण से शिक्षक नई किताबों के शैक्षिक उद्देश्य को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और कक्षा में ऐसे शिक्षण तरीके अपनाएंगे, जो छात्रों में आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking), प्रयोग आधारित सीखने (Application-Based Learning) और विषयों की गहरी समझ विकसित करने में मदद करेंगे. 

यह भी पढ़ें – NEET OMR विवाद- NTA जांच में AI से बनाई गई फर्जी शीट का खुलासा, छेड़छाड़ के दावे खारिज

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

See also  National Security Guard: NSG कमांडो को कितनी मिलती है सैलरी, रिटायरमेंट के बाद कितनी आती है पेंशन?

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required