CBSE 12वीं क्लास के नतीजों के बाद स्टूडेंट्स परेशान, ऑनलाइन री-इवैल्युएशन पोर्टल में तकनीकी खराबी, OSM के खिलाफ कोर्ट पहुंची NSUI
CBSE Re-evaluation: CBSE कक्षा 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम आने के बाद जहां कई घरों में खुशियों का माहौल है तो वहीं एक बड़ा तबका ऐसा भी है। जो इस समय गहरे मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।
सीबीएसई कक्षा 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम आने के बाद जहां कई घरों में खुशियों का माहौल है, वहीं एक बड़ा तबका ऐसा भी है जो इस वक्त गहरे मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यह तनाव किसी आपसी प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षा प्रणाली की कथित खामियों के खिलाफ उपजा है।
बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर Re-evaluation और कॉपियों के वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल तो खोल दिया है, लेकिन शुरुआत से ही यह भारी तकनीकी दिक्कतों और ग्लिच का शिकार है। यह पोर्टल 1 जून को शुरू होना था, जिससे छात्र पूरे दिन परेशान रहे। सीबीएसई ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया, बल्कि अगले दिन सुबह 4:42 पर एक्स पर पोस्ट कर पोर्टल लॉन्च की जानकारी दी। समय सीमा नजदीक होने के बावजूद, हजारों छात्र फीस भुगतान और फॉर्म सबमिशन के लिए घंटों स्क्रीन के सामने बैठने को मजबूर हैं।
क्या है ‘सीबीएसई ओएसएम कंट्रोवर्सी’?
इस साल का पुनर्मूल्यांकन सिर्फ एक सामान्य प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि इसने ‘सीबीएसई ओएसएम कंट्रोवर्सी’ का रूप ले लिया है। देश भर के छात्रों और शिक्षकों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग OSM सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि डिजिटल मूल्यांकन के दौरान कई जगहों पर पूरे-पूरे पैराग्राफ और कई महत्वपूर्ण सवाल बिना जांचे ही छोड़ दिए गए हैं, जिससे उनके कुल प्राप्तांकों में भारी गिरावट आई है।
एक छात्र ने बताया कि परीक्षक ने उसके सही एमसीक्यू (MCQ) को गलत काट दिया, लेकिन पोर्टल पर ऐसी गंभीर शिकायतों के लिए कोई सीधा विकल्प ही मौजूद नहीं है। नियमों के मुताबिक, छात्र सीधे ‘अनचेक्ड सवाल’ का दावा नहीं कर सकते; उन्हें पहले वेरिफिकेशन और फोटोकॉपी के जटिल चरणों से गुजरना होगा, जो इस डिजिटल प्रणाली के भ्रामक होने का सबूत है।