CBSE की लापरवाही से लीक हो गया लाखों स्टूडेंट्स का पर्सनल डेटा? सोशल मीडिया पर दावों ने खड़े किए सवाल


सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के नतीजे आने के बाद इस बार सिर्फ अंक और मेरिट ही चर्चा में नहीं रहे, बल्कि छात्रों के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया. सोशल मीडिया पर ऐसे कई दावे सामने आए, जिनमें कहा गया कि सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में खामी के कारण लाखों छात्रों की निजी जानकारी सार्वजनिक हो सकती थी. इन दावों ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत में चिंता बढ़ा दी.

पूरा मामला तब चर्चा में आया जब एक युवा साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने दावा किया कि सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां थीं. उसके अनुसार कुछ तकनीकी खामियों की वजह से छात्रों की स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य जानकारी तक पहुंच संभव हो सकती थी. यह दावा सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया.

इसी बीच कई छात्रों ने भी अपनी शिकायतें साझा कीं. कुछ विद्यार्थियों का कहना था कि उन्हें जो स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं, वे काफी धुंधली थीं. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉपी के कुछ पन्ने ठीक से दिखाई नहीं दे रहे थे, जबकि कुछ ने पन्नों में गड़बड़ी होने की आशंका जताई. इन शिकायतों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी.

यह भी पढ़ें: OnMark पोर्टल पर साइबर अटैक की बात CBSE ने मानी, दिया ये अपडेट

कांग्रेस ने घेरा

मामला राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच गया. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इस मुद्दे को गंभीर बताया. उन्होंने दावा किया कि लाखों छात्रों के डेटा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए. उनके बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा सुर्खियों में आ गया. कई लोगों ने सवाल पूछा कि अगर डिजिटल व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक हुई है तो छात्रों की गोपनीय जानकारी कितनी सुरक्षित है.

See also  CBSE Class 12 Results: SC to hear challenge to assessment formula for Gulf students | Education News

सीबीएसई ने क्या कहा?

हालांकि, बढ़ते विवाद के बीच सीबीएसई ने सामने आकर सभी आरोपों को खारिज कर दिया. बोर्ड ने स्पष्ट कहा कि डेटा लीक या सिस्टम हैक होने जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं. सीबीएसई के अनुसार सोशल मीडिया पर जिस लिंक को हैकिंग का सबूत बताया जा रहा है, वह असल में एक टेस्टिंग पोर्टल था. इस पोर्टल का उपयोग केवल प्रशिक्षण और तकनीकी जांच के लिए किया जाता था. इसमें वास्तविक छात्रों का डाटा मौजूद नहीं था.

बोर्ड ने यह भी साफ किया कि परीक्षा मूल्यांकन का जो मुख्य और लाइव सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है, वह पूरी तरह सुरक्षित है. सीबीएसई के मुताबिक किसी भी छात्र की निजी जानकारी, उत्तर पुस्तिका या परीक्षा परिणाम से जुड़ा कोई रिकॉर्ड लीक नहीं हुआ है. बोर्ड ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है क्योंकि परीक्षा प्रणाली सुरक्षित तरीके से संचालित की जा रही है.

सीबीएसई ने अपने बयान में यह भी बताया कि डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. बोर्ड ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों और तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर सिस्टम की समीक्षा शुरू कर दी है.

यह भी पढ़ें: CBSE Re-evaluation 2026: CBSE छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया हुई शुरू; पोर्टल लॉन्च

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

See also  pseb.ac.in, pseb punjab board class tenth 10th matric result 2026 : पंजाब बोर्ड 10वीं का रिजल्ट सोमवार को होगा जारी, इस लिंक से चेक और डाउनलोड कर सकेंगे अपनी मार्कशीट - एजुकेशन

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required