कम पैसे में सीखे नौकरी वाली स्किल, ये 6 कोर्स युवाओं के लिए हैं फायदेमंद


बिजनेस के ऑनलाइन आने के साथ डिजिटल मार्केटिंग और एसईओ से जुड़ी स्किल की जरूरत बढ़ी है. इस क्षेत्र में सोशल मीडिया मैनेजमेंट, ऑनलाइन विज्ञापन और सर्च ऑप्टिमाइजेशन जैसी चीजें सीखी जा सकती है. कम लागत वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम और फ्री सर्टिफिकेट के जरिए भी इन स्किल्स को सीखने का ऑप्शन मौजूद है. डिजिटल मार्केटिंग में रुचि रखने वाली युवा इस क्षेत्र में अपनी स्किल विकसित कर सकते हैं.

वहीं जो लोग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, लेकिन महंगी इंजीनियरिंग डिग्री करना संभव नहीं है. ऐसे युवाओं डेटा एनालिटिक्स और बेसिक कोडिंग एक ऑप्शन हो सकता है. कई प्लेटफाॅर्म और ट्रेनिंग संस्थान पाइथन और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषय में कम लागत वाले कोर्स उपलब्ध कराते हैं. इन कोर्स के जरिए युवाओं को टेक्निकल क्षेत्र से जुड़ी प्रैक्टिकल स्किल्स सीखने का मौका मिलता है.

वहीं जो लोग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, लेकिन महंगी इंजीनियरिंग डिग्री करना संभव नहीं है. ऐसे युवाओं डेटा एनालिटिक्स और बेसिक कोडिंग एक ऑप्शन हो सकता है. कई प्लेटफाॅर्म और ट्रेनिंग संस्थान पाइथन और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषय में कम लागत वाले कोर्स उपलब्ध कराते हैं. इन कोर्स के जरिए युवाओं को टेक्निकल क्षेत्र से जुड़ी प्रैक्टिकल स्किल्स सीखने का मौका मिलता है.

10वीं या 12वीं के बाद कम फीस में टेक्निकल स्किल्स सीखने के लिए आईटीआई ट्रेड कोर्स भी एक अच्छा ऑप्शन है. सरकारी आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन, आरएसी टेक्नीशियन और ड्राफ्टमैन जैसे ट्रेड में ट्रेनिंग ली जा सकती है. इन ट्रेड से जुड़ी स्किल सीखने के बाद नौकरी और अप्रेंटिसशिप के अवसर तलाश जा सकते हैं. इसके अलावा कुछ स्किल के आधार पर अपना काम शुरू करने का भी ऑप्शन रहता है.

10वीं या 12वीं के बाद कम फीस में टेक्निकल स्किल्स सीखने के लिए आईटीआई ट्रेड कोर्स भी एक अच्छा ऑप्शन है. सरकारी आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन, आरएसी टेक्नीशियन और ड्राफ्टमैन जैसे ट्रेड में ट्रेनिंग ली जा सकती है. इन ट्रेड से जुड़ी स्किल सीखने के बाद नौकरी और अप्रेंटिसशिप के अवसर तलाश जा सकते हैं. इसके अलावा कुछ स्किल के आधार पर अपना काम शुरू करने का भी ऑप्शन रहता है.

वहीं हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने के लिए डॉक्टर बनना ही एकमात्र रास्ता नहीं होता है. आप डीएमएलटी और दूसरे पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स छात्रों को लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर में इस्तेमाल होने वाली प्रैक्टिकल स्किल्स सीखाते हैं. इन कोर्स के जरिए पैरामेडिकल लैब टेक्नीशियन और दूसरे हेल्थकेयर से जुड़ी भूमिकाओं के लिए जरूरी ट्रेनिंग ली जा सकती है.

वहीं हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने के लिए डॉक्टर बनना ही एकमात्र रास्ता नहीं होता है. आप डीएमएलटी और दूसरे पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स छात्रों को लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर में इस्तेमाल होने वाली प्रैक्टिकल स्किल्स सीखाते हैं. इन कोर्स के जरिए पैरामेडिकल लैब टेक्नीशियन और दूसरे हेल्थकेयर से जुड़ी भूमिकाओं के लिए जरूरी ट्रेनिंग ली जा सकती है.

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आज के डिजिटल दौर में वेबसाइट और वर्चुअल कंटेंट की जरूरत लगभग हर बिजनेस को होती है. ऐसे में वेब डिजाइनिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़ी फीस, कम खर्च वाले कोर्स युवाओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं. फोटोशॉप जैसे टूल के साथ डिजाइनिंग की स्किल सिख कर वह अपना मजबूत पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं और एक्सपीरियंस बढ़ाने के बाद नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग के अवसर भी मिल सकते हैं.

आज के डिजिटल दौर में वेबसाइट और वर्चुअल कंटेंट की जरूरत लगभग हर बिजनेस को होती है. ऐसे में वेब डिजाइनिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़ी फीस, कम खर्च वाले कोर्स युवाओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं. फोटोशॉप जैसे टूल के साथ डिजाइनिंग की स्किल सिख कर वह अपना मजबूत पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं और एक्सपीरियंस बढ़ाने के बाद नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग के अवसर भी मिल सकते हैं.

Published at : 16 Sep 2026 10:31 AM (IST)

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