CAT के बाद कैसे मिलता है IIM में एडमिशन? जानिए पूरा प्रोसेस


कैट 2026 का आयोजन भी 29 नवंबर 2026 को किया जाएगा. परीक्षा देशभर के कई स्लॉट में आयोजित होगा. कैट के जरिए सभी उम्मीदवार सभी आईआईएम और कई प्रमुख मैनेजमेंट संस्थानों में एडमिशन के लिए आवेदन करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं.

परीक्षा में क्वानटेटिव एबिलिटी, वर्बल एबिलिटी और डेटा इंटरप्रिटेशन जैसे क्षेत्रों से सवाल पूछे जाते हैं. कैट में शामिल स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को परसेंटाइल मिलता है, जिसका मतलब आईआईएम उम्मीदवारों की शुरुआती शॉर्ट लिस्टिंग में करते हैं.

परीक्षा में क्वानटेटिव एबिलिटी, वर्बल एबिलिटी और डेटा इंटरप्रिटेशन जैसे क्षेत्रों से सवाल पूछे जाते हैं. कैट में शामिल स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को परसेंटाइल मिलता है, जिसका मतलब आईआईएम उम्मीदवारों की शुरुआती शॉर्ट लिस्टिंग में करते हैं.

आईआईएम में एडमिशन की प्रक्रिया में उम्मीदवार के रो स्कोर के बजाय परसेंटाइल को ज्यादा महत्व दिया जाता है. परसेंटाइल यह बताता है कि उम्मीदवार में परीक्षा में शामिल बाकी अभ्यर्थियों की तुलना में कैसा प्रदर्शन किया है.

आईआईएम में एडमिशन की प्रक्रिया में उम्मीदवार के रो स्कोर के बजाय परसेंटाइल को ज्यादा महत्व दिया जाता है. परसेंटाइल यह बताता है कि उम्मीदवार में परीक्षा में शामिल बाकी अभ्यर्थियों की तुलना में कैसा प्रदर्शन किया है.

वहीं हर आईआईएम अपने स्तर पर ओवरऑल और सिलेक्शन कट ऑफ तय करता है. उम्मीदवारों को शॉर्ट लिस्टिंग के लिए इन कट ऑफ को पूरा करना जरूरी होता है. हालांकि सिर्फ हाई परसेंटाइल हासिल करने से एडमिशन पक्का नहीं होता, इसके बाद उम्मीदवार की प्रोफाइल और दूसरे चरणों में भी प्रदर्शन देखा जाता है.

वहीं हर आईआईएम अपने स्तर पर ओवरऑल और सिलेक्शन कट ऑफ तय करता है. उम्मीदवारों को शॉर्ट लिस्टिंग के लिए इन कट ऑफ को पूरा करना जरूरी होता है. हालांकि सिर्फ हाई परसेंटाइल हासिल करने से एडमिशन पक्का नहीं होता, इसके बाद उम्मीदवार की प्रोफाइल और दूसरे चरणों में भी प्रदर्शन देखा जाता है.

शॉर्ट लिस्टिंग में 10वीं और 12वीं के अंक, ग्रेजुएशन में प्रदर्शन और वर्क एक्सपीरियंस जैसे फैक्टर शामिल होते हैं. कुछ आईआईएम एकेडमिक प्रदर्शन को भी अपने मानदंड में शामिल करते हैं, हालांकि इन सभी फैक्टर का वेटेज हर आईआईएम में अलग-अलग होता है. यही वजह होती है कि समान कैट परसेंटाइल वाले दो उम्मीदवारों को अलग-अलग आईआईएम से अलग तरह के कॉल मिल सकते हैं.

शॉर्ट लिस्टिंग में 10वीं और 12वीं के अंक, ग्रेजुएशन में प्रदर्शन और वर्क एक्सपीरियंस जैसे फैक्टर शामिल होते हैं. कुछ आईआईएम एकेडमिक प्रदर्शन को भी अपने मानदंड में शामिल करते हैं, हालांकि इन सभी फैक्टर का वेटेज हर आईआईएम में अलग-अलग होता है. यही वजह होती है कि समान कैट परसेंटाइल वाले दो उम्मीदवारों को अलग-अलग आईआईएम से अलग तरह के कॉल मिल सकते हैं.

वहीं  शॉर्ट लिस्टिंग होने के बाद उम्मीदवार को रिटन एबिलिटी टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू जैसे चरणों में शामिल होना पड़ता है. वेट के जरिए उम्मीदवार की सोच और स्पष्ट तरीके से लिखने की क्षमता और विचारों की संरचना को परखा जाता है. वहीं पर्सनल इंटरव्यू में उम्मीदवार की कम्युनिकेशन स्किल, सब्जेक्ट की जानकारी, प्रॉब्लम सॉल्विंग अप्रोच की समझ को देखा जाता है.

वहीं  शॉर्ट लिस्टिंग होने के बाद उम्मीदवार को रिटन एबिलिटी टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू जैसे चरणों में शामिल होना पड़ता है. वेट के जरिए उम्मीदवार की सोच और स्पष्ट तरीके से लिखने की क्षमता और विचारों की संरचना को परखा जाता है. वहीं पर्सनल इंटरव्यू में उम्मीदवार की कम्युनिकेशन स्किल, सब्जेक्ट की जानकारी, प्रॉब्लम सॉल्विंग अप्रोच की समझ को देखा जाता है.

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वहीं वेट और पआई समेत चयन के अलग-अलग चरण पूरे होने के बाद आईआईएम कंपोजिट स्कोर के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार करते हैं. इसमें कैट परसेंटाइल के साथ वेट और पआई में प्रदर्शन, एकेडमिक रिकॉर्ड, वर्क एक्सपीरियंस और कुछ मामलों में जेंडर या एकेडमिक बैकग्राउंड जैसी डायवर्सिटी फैक्टर को भी शामिल किया जाता है.

वहीं वेट और पआई समेत चयन के अलग-अलग चरण पूरे होने के बाद आईआईएम कंपोजिट स्कोर के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार करते हैं. इसमें कैट परसेंटाइल के साथ वेट और पआई में प्रदर्शन, एकेडमिक रिकॉर्ड, वर्क एक्सपीरियंस और कुछ मामलों में जेंडर या एकेडमिक बैकग्राउंड जैसी डायवर्सिटी फैक्टर को भी शामिल किया जाता है.

फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले उम्मीदवारों को संबंधित आईआईएम की ओर से एडमिशन ऑफर दिया जाता है. यह ऑफर कई राउंड में होते हैं, खाली सीट रहने पर वेट लिस्ट के जरिए भी उम्मीदवारों को एडमिशन का मौका मिलता है.

फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले उम्मीदवारों को संबंधित आईआईएम की ओर से एडमिशन ऑफर दिया जाता है. यह ऑफर कई राउंड में होते हैं, खाली सीट रहने पर वेट लिस्ट के जरिए भी उम्मीदवारों को एडमिशन का मौका मिलता है.

Published at : 22 Aug 2026 10:13 PM (IST)

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