DU No Tolerance Policy: डीयू में रैगिंग पर नो टॉलरेंस पॉलिसी! बदसलूकी पर एडमिशन-डिग्री रद्द, क्रिमिनल केस भी होगा दर्ज
DU No Tolerance Policy: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले कैंपस में रैगिंग, छेड़छाड़ और अनुशासनहीनता पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं. विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेज, डिपार्टमेंट, हॉस्टल्स और संबंधित इंस्टीट्यूट को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और एंटी रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि रैगिंग के मामलों में अब नो टोलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ निलंबन, निष्कासन, प्रवेश रद्द करने, डिग्री निरस्त करने से लेकर आपराधिक मामला दर्ज करने तक की कार्रवाई की जा सकती है.
डीयू के कैंपस में भी बढ़ेगी निगरानी
विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं कि हॉस्टल, कैंटीन, कॉमन रूम, पार्किंग और दूसरी स्टूडेंट एक्टिविटी वाली जगह पर नियमित निगरानी रखी जाएगी. विजिलेंस स्क्वाड में जरूरत के अनुसार एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों की मदद भी ली जाएगी. इसके अलावा कॉलेज को परिसर में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एंटी रैगिंग पोस्टर और हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है. छात्रों की शिकायतों के बाद सील बंद शिकायत पेटियां लगाने और हेल्पलाइन ईमेल तथा कंट्रोल रूम की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्र बिना किसी डर की शिकायत दर्ज करा सके.
नॉर्थ और साउथ कैंपस में बनेंगे कंट्रोल रूम
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 28 जुलाई से 7 अगस्त तक नॉर्थ कैंपस और साउथ कैंपस में संयुक्त कंट्रोल रूम संचालित करने का फैसला किया है. इन कंट्रोल रूम में यूनिवर्सिटी प्रशासन और दिल्ली पुलिस के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि रैगिंग या किसी भी अनुशासनहीनता की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा डीयू ने प्रत्येक कॉलेज और विभाग को एक डिसिप्लिनरी रिसोर्स पर्सन नियुक्त करने का निर्देश दिए हैं. इनकी जानकारी यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर कार्यालय को भेजनी होगी, ताकि अनुशासन से जुड़े मामलों में बेहतर तरीके से समन्वय बनाया जा सके. इंस्टीट्यूट को अपने स्तर पर भी विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप पर अतिरिक्त अनुशासनात्मक प्रावधान लागू करने की सलाह दी गई है.
आईडी कार्ड साथ रखना होगा जरूरी
विश्वविद्यालय ने छात्रों को हर समय अपना पहचान पत्र साथ रखने की निर्देश दिए हैं. कैंपस में प्रवेश पहचान पत्र के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही कॉलेज को समय-समय पर हॉस्टल, कैफेटेरिया और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है. नए छात्रों की मदद के लिए फैकल्टी मेंटर सिस्टम लागू करने की भी सिफारिश दी गई है, ताकि वह यूनिवर्सिटी के माहौल में आसानी से खुद को ढाल सकें और किसी भी समस्या की स्थिति में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें.
दिल्ली पुलिस भी रहेगी अलर्ट
बैठक में दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है. कॉलेज और हॉस्टल के बाहर पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी. जरूरत पड़ने पर पुलिस पिकेट भी तैनात किए जाएंगे, जबकि छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी. यूनिवर्सिटी ने बाहरी लोगों के कैंपस में प्रवेश पर भी सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
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