भारत में कैंपस खोलेगी ऑस्ट्रेलिया की Victoria University, गुरुग्राम में अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई


ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित विक्टोरिया यूनिवर्सिटी (Victoria University) को भारत में अपना कैंपस खोलने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है. यह कैंपस दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम में खोला जाएगा. इस मंजूरी के बाद यूनिवर्सिटी भारत में अपने शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू कर सकेगी. इस घोषणा को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

पीएम मोदी के दौरे के वक्त मिली मंजूरी

इस मंजूरी की जानकारी उस समय सामने आई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे. मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस फैसले का स्वागत किया. इस मौके पर भारत के ऑस्ट्रेलिया में उच्चायुक्त नागेश सिंह ने विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को मंजूरी पत्र सौंपा.

कौन-कौन से कोर्स में होगी पढ़ाई?

गुरुग्राम स्थित इस कैंपस में छात्रों के लिए कई लोकप्रिय और रोजगार से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएंगे. इनमें बिजनेस, डेटा साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, ग्लोबल एमबीए और मास्टर ऑफ एप्लाइड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम होंगे. इन कोर्स को पूरा करने वाले छात्रों को ऑस्ट्रेलिया की मान्यता प्राप्त डिग्री मिलेगी.

यूनिवर्सिटी ने दी यह जानकारी

यूनिवर्सिटी का कहना है कि यहां पढ़ने वाले छात्रों को वही शैक्षणिक अनुभव देने की कोशिश होगी, जो ऑस्ट्रेलिया के कैंपस में मिलता है. इसके लिए यूनिवर्सिटी अपने विशेष ब्लॉक मॉडल के तहत पढ़ाई कराएगी. इस मॉडल में छात्र एक समय में केवल एक विषय पर ध्यान देंगे. छोटे बैच, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक सीखने की व्यवस्था के जरिए छात्रों की समझ और प्रदर्शन बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा.

See also  UGC NET final answer key 2026 OUT at ugcnet.nta.nic.in; direct link to download

स्टूडेंट्स को क्या होगा फायदा?

यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया है कि भारत में पढ़ने वाले छात्रों को आगे चलकर मेलबर्न स्थित कैंपस में सेमेस्टर एक्सचेंज, ट्रांसफर और उच्च शिक्षा के अवसर भी मिल सकेंगे. इसके अलावा योग्य छात्रों को मेरिट के आधार पर हर साल तीन लाख रुपये तक की स्कालरशिप भी दी जाएगी. विक्टोरिया यूनिवर्सिटी की भारत ब्रांच की प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर कैरेन डॉड ने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद अब यूनिवर्सिटी अपने पहले बैच का स्वागत करने के लिए तैयार है. उनका कहना है कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को ऐसा माहौल देना है, जहां वे नई तकनीक, उद्योग की जरूरतों और काम से जुड़े जरूरी हुनर के साथ बेहतर करियर बना सकें.

वहीं, विक्टोरिया यूनिवर्सिटी इंडिया के Chief Operating Officer – (COO) अभिषेक शर्मा ने कहा कि पिछले कई महीनों से कैंपस की तैयारी की जा रही थी. यहां आधुनिक कक्षाएं, छात्र सहायता सेवाएं, उद्योग से जुड़ाव और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छात्रों को भारत में ही ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय जैसा अनुभव मिल सके. करीब 110 साल पुराने इतिहास वाली विक्टोरिया यूनिवर्सिटी में दुनिया भर के लगभग 52 हजार छात्र पढ़ते हैं. भारत में कैंपस शुरू होने से दोनों देशों के बीच शिक्षा, शोध और अकादमिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस लक्ष्य को भी आगे बढ़ाता है, जिसके तहत भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.

ये भी पढ़ें: एग्जाम रद्द होने पर 2 घंटे तक रोते रहे पंशुल बंसल, फिर की ऐसी वापसी कि बन गए AIR-2

See also  UP PET 2026 में आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 7 सितंबर तक मौका

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required