MP Girls Rise in Higher Education


16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारत की स्कूली शिक्षा पर एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (UDISE+) और AISHE की रिपोर्ट शिक्षा से जुड़े दो अलग-अलग पहलुओं को उजागर करती है। यूडाइस की रिपोर्ट के अनुसार देश में रोज 13 स्कूल बंद हुए। स्कूल बंद होने वाले राज्यों में मप्र सबसे आगे हैं।

AISHE की रिपोर्ट बताती है कि हायर एजुकेशन में लड़कियों की संख्या बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025- 26 में हायर एजुकेशन में लड़कियों का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER 31.2) दर्ज किया गया, जो पुरुषों से अधिक है।

UDISE+ की रिपोर्ट :

बंद स्कूलों में 2,426 सिर्फ मध्यप्रदेश के

देशभर में हर रोज 13 स्कूल बंद हो रहे हैं। साल 2025 – 26 के दौरान देशभर में कुल 4791 स्कूल बंद हो गए। स्कूल बंद मे मध्यप्रदेश सबसे आगे है। देश में बंद हुए कुल स्कूलों में से आधे से भी ज्यादा 2,426 स्कूल सिर्फ मध्यप्रदेश के हैं।

तेलंगाना के 1392 स्कूल बंद

साल 2024 – 25 के दौरान देश में 14 लाख 71 हजार 473 स्कूल थे। लेकिन 2025 – 26 में ये संख्या घटकर 14 लाख 66 हजार 682 रह गई। बंद होने वाले बाकी स्कूलों में से 1392 तेलंगाना, 568 पश्चिम बंगाल, 474 आंध्र प्रदेश, 369 तमिलनाडु, 281 कर्नाटक और 266 हिमाचल प्रदेश में थे।

5,663 स्कूलों में छात्र नहीं, टीचर 20,667 देश में जीरो एनरोलमेंट यानी बिना छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है। जीरो एनरोलमेंट वाले स्कूल बीते एक साल में 7,993 से घटकर 5,663 रह गए। इनमें 20,667 टीचर्स भी तैनात हैं।

See also  SSC GD Constable answer key 2026 OUT at ssc.gov.in; know how to raise objection

पश्चिम बंगाल में बीते साल ऐसे स्कूलों की संख्या में 321 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन स्कूलों में 1,573 टीचर्स भी पढ़े, जिन्हें किसी को पढ़ाना नहीं है। पश्चिम बंगाल में अब 4,133 स्कूलों में 19,502 टीचर्स हैं, जिनके पास किसी को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है।

उत्तरप्रदेश में पिछले सत्र में बिना नामांकन वाले 81 स्कूल थे और 56 टीचर्स के पास किसी को पढ़ाने का जिम्मा नहीं था। 2025 – 26 में बिना नामांकन वाले स्कूलों की संख्या बढ़कर 313 हो गई और इन स्कूलों में टीचर्स बढ़कर 177 हो गए। सबसे दिलचस्प राज्य छत्तीसगढ़ है जहां 2024 – 25 में जीरो एनरोलमेंट वाला एक भी स्कूल नहीं था लेकिन 2025 – 26 में ऐसे 149 स्कूल हो गए। वहां 140 टीचर्स भी तैनात हैं।

AISHE की रिपोर्ट :

हायर एजुकेशन में लड़कियों की संख्या बढ़ी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) की साल 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हायर एजुकेशन का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसके तहत हायर एजुकेशन में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) पहली बार बढ़कर 30 पहुंच गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हायर एजुकेशन में लड़कियों का GER 31.2 दर्ज किया गया, जो पुरुषों से अधिक है। इससे पता चलता है कि हायर एजुकेशन में लड़कियों की भागीदारी बढ़ी है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। AISHE में संस्थान स्वयं पोर्टल पर आंकड़े अपलोड करता है। साल 2022-23 में 56,180 और 2023-24 में 59,533 हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स ने सर्वे में भाग लिया। दोनों वर्षों में भागीदारी 90% से अधिक रही।

See also  AIIMS में निकली 1484 पदों पर भर्ती, जानें कौन और कैसे कर सकते हैं आवेदन

लगातार 7वें वर्ष हायर एजुकेशन में महिलाएं अधिक

रिपोर्ट के अनुसार साल 2014-15 में हायर एजुकेशन का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) 23.7 था, जो साल 2022-23 में बढ़कर 29.5 में पहुंचा। वहीं साल 2023-24 में ये 30 दर्ज किया गया है। वहीं इसमें महिलाओं की भागीदारी यानी GER साल 2014-15 में 22.9 था, जो साल 2023-24 में बढ़कर 31.2 पहुंच गया है।

इस तरह हायर एजुकेशन में महिलाओ की संख्या बढ़ी। रिपोर्ट में बताया गया है कि जेंडर पैरिटी इंडेक्स (GPI) 2023-24 में 1.08 रहा है। इसका अर्थ है कि लगातार सातवें वर्ष उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक रही।

हायर एजुकेशन में SC छात्रों की संख्या भी बढ़ी

रिपोर्ट के अनुसार हायर एजुकेशन पाने में सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की भागीदारी भी बढ़ी है, जिसके तहत अनुसूचित जाति (SC) छात्रों का नामांकन 2014-15 के 46.07 लाख से बढ़कर 2023-24 में 69.72 लाख हो गया।

जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों का नामांकन 16.41 लाख से बढ़कर 28.83 लाख पहुंच गया। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों का नामांकन भी 1.13 करोड़ से बढ़कर 1.80 करोड़ हुआ।

महिला शिक्षकों की संख्या 7.78 लाख हुई

रिपोर्ट के अनुसार हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूटस में शिक्षकों की संख्या भी बढ़ी है। साल 2023-24 में कुल 17.32 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें 55.1% पुरुष और 44.9% महिलाएं हैं। महिला शिक्षकों की संख्या 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 2023-24 में 7.78 लाख हो गई।

ये खबर भी पढ़ें

2027 में NEET परीक्षा 6 दिन चलेगी, कम्प्यूटर बेस्ड होगी:1000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, पेपर लीक विवाद के बाद बदलाव की तैयारी

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2027 में कम से कम छह दिन चलेगी। यह पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। परीक्षा के लिए देश भर में 1 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। NEET पेपर लीक विवाद के बाद यह बदलाव किए जा रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

See also  Fellowship in Clinical Embryology - The Tribune

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required