Vocational Courses: सिर्फ 10वीं पास और सीधे 50,000 की नौकरी! जानिए 5 न्यू-एज वोकेशनल कोर्सेज के नाम


Vocational Courses: आज के समय में अच्छी नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री होना ही जरूरी नहीं रहा है. बदलते जॉब मार्केट में कंपनी ऐसे युवाओं को भी ज्यादा महत्व दे रही है, जिनके पास प्रैक्टिकल स्किल्स हो. यही वजह है कि 10वीं और 12वीं के बाद वोकेशनल कोर्स करने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. इन कोर्स की खास बात यह है कि उन्हें कम समय में पूरा किया जा सकता है और इनके जरिए सीधे नौकरी या फ्रीलांसिंग के अवसर भी मिल सकते हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि 10वीं के बाद कौन से वोकेशनल कोर्सेज करने से आपको 50,000 तक की नौकरी मिल सकती है. 

क्या होते हैं वोकेशनल कोर्स? 

वोकेशनल कोर्स आम पढ़ाई से अलग होते हैं. इनमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ज्यादा जोर दिया जाता है. छात्रों को ऐसी स्किल सिखाई जाती है, जिनकी इंडस्ट्री में सीधी मांग होती है. यही कारण है कि इन कोर्स को पूरा करने के बाद नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है. 

5 न्यू-एज वोकेशनल कोर्सेज 

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स 

डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. भारत में एसईओ, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, गूगल एड्स, कंटेंट मार्केटिंग और ऑनलाइन प्रमोशन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जाती है. यह कोर्स आमतौर पर 3 से 12 महीने का होता है, इसे करने के बाद डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, एसईओ स्पेशलिस्ट या सोशल मीडिया फ्रीलांसर के रूप में काम किया जा सकता है. 

See also  TS SSC Supply Results 2026: Telangana 10th supplementary results expected this week | Education News

ग्राफिक डिजाइनिंग 

अगर किसी का इंटरेस्ट क्रिएटिव काम में है, तो ग्राफिक डिजाइनिंग एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. आज वेबसाइट, मोबाइल ऐप, सोशल मीडिया एडवर्टाइजमेंट और ब्रांडिंग के लिए डिजाइनर की मांग लगातार बढ़ रही है. इस कोर्स में फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर,  केनवा, लोगो डिजाइन और सोशल मीडिया पोस्ट, बैनर और यूआई-यूएक्स की बेसिक जानकारी दी जाती है. यह कोर्स लगभग 6 से 12 महीने का होता है. इसे करने के बाद शुरुआती सैलरी 15,000 से 50,000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है. 

हेल्थ केयर असिस्टेंट 

हेल्थ सेक्टर में हमेशा प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है. हॉस्पिटल, क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर लगातार स्किल्ड हेल्थकेयर स्टाफ की भर्ती करते हैं. इस कोर्स में बेसिक नर्सिंग, पेशेंट केयर, फर्स्ट एड, पैथोलॉजी टेस्टिंग और लैब डिवाइस के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाती है. इसकी अवधि 6 महीने से लेकर 2 साल तक हो सकती है. कोर्स पूरा करने के बाद हेल्थ केयर असिस्टेंट या मेडिकल लैब टेक्नीशियन के रूप में नौकरी मिल सकती है. वहीं इसमें शुरुआती सैलरी 12,000 से 30,000 रुपये तक हो सकती है. 

ये भी पढ़ें-भारत के तटीय सफर में बना नया रिकॉर्ड, श्रेयांश मित्तल ने अकेले बाइक से तय की ईस्ट-टू-वेस्ट यात्रा

सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नीशियन 

देश में ग्रीन एनर्जी और सोलर प्रोजेक्ट का तेजी से विस्तार हो रहा है. ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित टेक्नीशियन की मांग भी लगातार बढ़ रही है. इस कोर्स में सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और एनर्जी सिस्टम की बेसिक जानकारी दी जाती है. इसकी अवधि 3 से 9 महीने होती है. कोर्स पूरा करने के बाद सोलर टेक्नीशियन, एनर्जी सिस्टम, असिस्टेंट या प्रोजेक्ट सपोर्ट स्टाफ के रूप में काम किया जा सकता है. 

See also  BSE Telangana SSC Results 2026: When and where to download marks memo?

फूड प्रोसेसिंग और बेकरी मैनेजमेंट 

फूड इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते बाजार के कारण इस क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. इस कोर्स में फूड सेफ्टी, बेकिंग तकनीक, पैकेजिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है. यह कोर्स 3 से 6 महीने का होता है. कोर्स पूरा करने के बाद बेकरी से फूड प्रोसेसिंग टेक्नीशियन और क्वालिटी एनालिस्ट जैसी प्रोफाइल में काम किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें-बिहार बोर्ड की नई पहल! JEE-NEET की फ्री कोचिंग के लिए शिक्षकों की भर्ती शुरू, 10 जुलाई तक करें आवेदन

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required