National Security Guard: NSG कमांडो को कितनी मिलती है सैलरी, रिटायरमेंट के बाद कितनी आती है पेंशन?


National Security Guard: देश की सबसे खतरनाक फोर्स की बात करें तो NSG का नाम सबसे पहले आता है, यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड, जिसे ज्यादातर लोग ब्लैक कैट कमांडो के नाम से भी जानते हैं. इस फोर्स की शुरुआत 1984 में हुई थी और इसका मुख्य काम आतंकवादियों से लड़ना और हाईजैकिंग जैसी घटनाओं से निपटना होता है.

कई लोगों को लगता है कि NSG कमांडो की भर्ती बाकी फोर्स की तरह सीधे होती होगी, लेकिन इसकी असलियत कुछ और है. NSG कमांडो की भर्ती सीधे तौर पर नहीं होती, बल्कि भारतीय सेना और CAPF सें यानी ट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स जैसे CRPF, BSF और CISF जैसी फोर्स से जवानों का चयन किया जाता है. इतने मुश्किल और जोखिम भरे काम को देखते हुए लोगों के बीच हमेशा से NSG की सैलरी और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन को लेकर चर्चा होती रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी. 

NSG कमांडो को कितनी मिलती है सैलरी?

NSG कमांडो की सैलरी उनके रैंक, अनुभव और पैरेंट फोर्स पर निर्भर करती है.  आम तौर पर NSG कमांडो की महीने की सैलरी 80 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए तक हो सकती है. साथ ही ट्रेनिंग के दौरान उन्हें 18 हजार से 40 हजार रुपए तक का स्टाइपेंड मिलता है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें बेसिक सैलरी के साथ कई तरह के अलाउंस भी मिलते हैं, जैसे स्पेशल फोर्स अलाउंस, जिसमें 25 हजार से 30 हजार रुपए तक मिलते हैं. साथ ही रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस भी मिलता है, जिसमें करीब 25 हजार से 40 हजार रुपए तक का अलाउंस होता है. इसके अलावा डेपुटेशन अलाउंस भी शामिल होता है, जिसमें करीब 5 से 10 हजार रुपए मिलते हैं. सैलरी के अलावा उन्हें फ्री मेडिकल सुविधा, सरकारी रहने की जगह और कैंटीन की सुविधा भी मिलती है. 

See also  University of Houston ends religious studies major amid falling enrollment in liberal arts in US

इसके अलावा इस फोर्स में कमांडो की सैलरी रैंक के हिसाब से बढ़ती रहती है, यानी जितनी बड़ी रैंक, उतनी ज्यादा सैलरी. शुरुआती रैंक जैसे कांस्टेबल या सिपाही से लेकर हेड कांस्टेबल, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर तक प्रमोशन होता है. इसके बाद असिस्टेंट कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट और कमांडेंट जैसी बड़ी रैंक आती हैं.  अगर सबसे ऊंची रैंक की बात करें तो इसमें डायरेक्टर जनरल जैसे पद सबसे बड़े माने जाते हैं, जिनकी सैलरी करीब 2 लाख से 3 लाख रुपए या उससे भी ज्यादा होती है. 

यह भी पढ़ेंः थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर CBSE का बड़ा फैसला, तीसरी भाषा में नहीं देनी होगी बोर्ड परीक्षा

रिटायरमेंट के बाद NSG कमांडो को कितनी पेंशन मिलती है?

रिटायरमेंट के बाद की बात करें तो NSG कमांडो को सरकारी नियमों के हिसाब से पेंशन और दूसरे फायदे मिलते हैं. क्योंकि NSG कमांडो असल में अपनी पैरेंट फोर्स यानी आर्मी या CAPF के कर्मचारी होते हैं, इसलिए उनकी पेंशन भी उसी फोर्स के नियमों के मुताबिक तय की जाती है.  जब एक NSG कमांडो रिटायर होता है, तो उसे ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड का पैसा और लाइफलॉन्ग पेंशन, यानी जीवनभर मिलने वाली पेंशन का फायदा मिलता है. बता दें कि हर अधिकारी को एक समान पेंशन नहीं मिलती. पेंशन की रकम उनकी आखिरी सैलरी, रैंक और उन्होंने कितने साल नौकरी की है, इस पर निर्भर करती है. इसके अलावा उन्हें मेडिकल सुविधा और दूसरे रिटायरमेंट बेनिफिट्स भी मिलते रहते हैं. 

यह भी पढ़ेंः  CUET नहीं दिया या नंबर आए कम? फिर भी दिल्ली यूनिवर्सिटी में मिल सकता है एडमिशन, जानिए तरीका

See also  MHT CET 2026 MBA/MMS Results: Cell releases first attempt scorecards at cetcell.mahacet.org

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required